1- जनरेटिव एआई

जनरेटिव कृत्रिम मेधा (एआई) में कंपनियों का निवेश तेजी से बढ़ रहा है और इसका उन्हें फायदा भी मिल रहा है। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवाप्रदाता कंपनी इन्फोसिस की शोध इकाई इन्फोसिस नॉलेज इंस्टिट्यूट (आईकेआई) ने एक रिपोर्ट में यह बात कही है।

2- शोध

आईकेआई ने अनुमान जताया है कि अगले साल जनरेटिव एआई में कंपनियों का निवेश सालाना आधार पर 67 प्रतिशत बढ़ जाएगा। आईकेआई के शोध के आंकड़ों के अनुसार, “इसका मतलब यह है कि अगले साल अमेरिका और कनाडा की कंपनियों द्वारा छह अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा।

3- इन्फोसिस रिसर्च

इन्फोसिस रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार, “उत्तर अमेरिका की कंपनियों ने दक्षता, अनुभव और वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए 2024 में जेनरेटिव एआई में 67 प्रतिशत ज्यादा निवेश करने की योजना बनाई है।” इसमें कहा गया, “दिग्गज कंपनियां जनरेटिव एआई के बारे में व्यावहारिक दृष्टिकोण अपना रही हैं।

4- रिपोर्ट

रिपोर्ट में पाया गया कि जेनरेटिव एआई पारंपरिक नवाचार बाधाओं से बाधित नहीं है, और कंपनियों को उम्मीद है कि यह न केवल सामग्री निर्माण बल्कि परिचालन प्रदर्शन भी प्रदान करेगा।