1- रिलायंस जियो

दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो ने एआई टेक्नोलॉजी आधारिक स्किल डेवलपमेंट सॉल्युशन के माध्यम से भाषाओं की दीवार को तोड़ते हुये रियल टाइम ट्रांसलेशन एवं ट्रांसक्रिप्शन सहित कई सुविधाओं का प्रदर्शन किया है।

2- एमआई फॉर एवरीवन

मुकेश अंबानी ने करीब दो माह पहले रिलायंस की वार्षिक बैठक में ‘एमआई फॉर एवरीवन’ की वकालत की थी और दो महीनों में जियो स्वदेशी एआई टेक्नोलॉजी की झलक दिखाई दी है। जियो का यह सॉल्युशन, भाषाओं की दीवारें गिरा देता है। इसकी सबसे बड़ी खूबी है कि यह रियल टाइम में एक भाषा का कई भाषाओं में अनुवाद कर सकता है।

3-क्षेत्रीय भाषा

अगर दिल्ली में बैठा कोई शिक्षक अंग्रेजी में ऑनलाइन पढ़ा रहा होगा तो चेन्नई, कोलकता, अहमदाबाद और मुंबई में बैठे छात्र इसे क्षेत्रीय भाषाओं यानी तमिल, बंगाली ,गुजराती और मराठी में सुन सकेंगे। अभी यह सॉल्युशन तमिल, कन्नड़, मराठी, गुजराती, बंगाली, तेलगु, मलयालम, अंग्रेजी और हिंदी जैसी नौ भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है।

4- जियो और रेडिसिस

यह सॉल्युशन जियो ने रेडिसिस के साथ साझेदारी में बनाया है। इस भाषाई सॉल्युशन का इस्तेमाल करना बेहद आसान है। जियो-मीट के जरिए जियो-रेडिसिस प्लेटफॉर्म लॉगइन कर, अपनी पसंदीदा भाषा का चुनाव करें।