1- रैपिड रक्त जांच

अब एक आसान और रैपिड रक्त जांच की मदद से बच्चों में तपेदिक (टीबी) का सटीक तरीके से पता लगाया जा सकेगा। भारत सहित पांच देशों में किए गए एक अध्ययन के निष्कर्षों से इसका खुलासा हुआ है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, हर साल दुनियाभर में करीब 2,40,000 बच्चों की तपेदिक से मौत होती है।

2- 5 साल से कम उम्र के बच्चे

पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु के 10 प्रमुख कारणों में यह बीमारी भी शामिल है। शोधकर्ताओं ने बताया कि तपेदिक से होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में अक्सर इस बीमारी का पता न लग पाना या फिर समय पर निदान नहीं हो पाना है, खासतौर पर उन क्षेत्रों में जहां संसाधन बहुत सीमित हैं। ‘द लांसेट इंफेक्शियस डिजीज जर्नल’ में इस नयी जांच के बारे में बताया गया है, जो तपेदिक के निदान में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्शा रही है।

3- अध्ययन

यह अध्ययन पांच देशों में व्यापक स्तर पर किया गया है। तपेदिक की जांच आमतौर पर निचले वायुमार्ग में बनने वाले बलगम के सूक्ष्मजीवविज्ञानी विश्लेषण के आधार पर की जाती है हालांकि, बच्चों से इस तरह के नमूने लेना काफी मुश्किल होता है।

4- शोधकर्ता ने बताया

जर्मनी स्थित ‘लडविग मैक्सीमिलियन यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख’ की शोधकर्ता लॉरा ओल्ब्रिच ने कहा, ‘‘इसलिए नयी जांच की तत्काल जरूरत है।’’ ओल्ब्रिच ने बताया कि इस जांच की यह खूबी है कि रक्त का नमूना सिर्फ आपकी अंगुली से लिया जा सकता है और इसका परिणाम बहुत जल्दी आ जाता है।