कैलाश मंदिर महाराष्ट्र के एलोरा में स्थित है। इस मंदिर को खास मंदिरों में से एक माना जाता है। जो 8वीं शताब्दी में मनाया गया था। यहां देश ही नहीं विदेशों से भक्त बाबा के दर्शन करने के लिए आते हैं।
यह शिवपुरी के एक छोटे से आईलैंड पर बना हुआ है, जो ओम के आकार का है। ओंकारेश्वर मंदिर 12 ज्यातिर्लिंगों में से एक है। यहां पर सावन के महीने में दूर-दूर से भक्त आते हैं।
उत्तरी कर्नाटक में स्थित यह मंदिर भक्तों के लिए काफी फेमस है। यह जगह भगवान शिव की दूसरी सबसे ऊंची प्रतिमा के लिए बेहद फेमस है।
यह भुवनेश्वर का सबसे बड़ा मंदिर है, जो भगवान शिव को समर्पित है। हर दिन भक्तों के लिए काफी खास रहता है।
महाराष्ट्र में स्थित इस मंदिर की खासियत है कि इसके तीन चेहरे भगवान शिव, विष्णु व ब्रम्हा को प्रदर्शित करते हैं। सावन का महीना यहां बहुत ही धूमधाम से ममनाया जाता है।
गुजरात में स्थित सोमनाथ मंदिर प्राचीन मंदिरों में से एक है। सावन के महीने में यह मंदिर सुबह 04 बजे ही खुल जाता है और रात के 10 बजे के आसपास बंद होता है।
उत्तर प्रदेश में गंगा नदी के किनारे वाराणसी में यह मंदिर स्थित है। इस मंदिर का इतिहास 3500 साल पुराना है। सावन के महीने मे हर सोमवार को अलग-अलग सजावट से सजाया जाता है।
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