Kanpur: स्वच्छता सर्वेक्षण की समीक्षा में शहर फेल, ग्रांट थेर्लटन एलएलपी भारत की टीम के निरीक्षण में कार्य मिले अधूरे

कानपुर में ग्रांट थेर्लटन एलएलपी भारत की टीम के निरीक्षण में स्वच्छ भारत मिशन के कार्य अधूरे मिले।

Kanpur: स्वच्छता सर्वेक्षण की समीक्षा में शहर फेल, ग्रांट थेर्लटन एलएलपी भारत की टीम के निरीक्षण में कार्य मिले अधूरे

कानपुर में ग्रांट थेर्लटन एलएलपी भारत की टीम के निरीक्षण में स्वच्छ भारत मिशन के कार्य अधूरे मिले। स्वच्छता रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना जताई।

कानपुर, [अभिषक वर्मा]। स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में शहर को टॉप फाइव में लाने के कई प्रयास हो रहे हैं। लेकिन, यह प्रयास नाकाफी साबित हुए हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत कार्यों की समीक्षा में शहर फेल हो गया है। शहर में कार्यों को जांचने आई ग्रांट थेर्लटन एलएलपी भारत की टीम को स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के लिए कराए जा रहे कार्य जगह-जगह अधूरे मिले हैं। जिसके बाद टीम ने संभावना जताई है कि शहर की स्वच्छता रैंकिंग पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ना निश्चित है। 

शहर आई टीम ने अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है। टीम ने बताया है कि स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए किए गए लगातार निरीक्षण में पाया गया कि सामुदायिक शौचालय, सार्वजनिक शौचालय, बड़े नालों (स्टॉर्म वाटर ड्रेन), सीएंडडी संग्रहणकेंद्र एवं प्रोसेसिंग प्लांट के कार्य अभी अधूरे हैं। इनका काम काफी धीमी गति से हो रहा है।

टीम ने कहा है कि यदि इन कार्यों को समय से पूरा नहीं किया गया और स्वच्छता सर्वेक्षण के पोर्टल पर इनको अपलोड नहीं किया गया तो रैंकिंग में इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। नगर निगम उप नगर आयुक्त और नोडल अधिकारी ने इस संबंध में मुख्य अभियंता सिविल को पत्र लिखकर जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

छह हजार प्वाइंट की जरूरत

स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में टॉप-पाइव में जगह बनाने के लिए छह हजार प्वाइंट की जरूरत होती है। अलग-अलग साफ सफाई के लिए किए गए कार्यों को लेकर अंक तय किए जाते हैं, जिसके आधार पर स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग बनती है। रैंकिंग में टॉप-5 में जगह बनाने के लिए नगर निगम ने लोगों का फीडबैक के लिए पोर्टल भी बनाया है जिसपर लोग अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं।

इसमें कुल जनसंख्या के हिसाब से पांच फीसदी लोगों की प्रतिक्रिया जरूरी होती है। इसमें डोर-टू-डोर टीमें साफ सफाई को लेकर लोगों का फीडबैक ले रही हैं। पोर्टल और ऑफलाइन अब तक कुल जनसंख्या में 30 हजार लोगों ने प्रतिक्रिया दी है। 
 
डोर टू डोर हर वार्ड से नहीं उठ रहा कूड़ा

शहर में कूड़ा उठान दुरुस्त नहीं हुआ है। शहर के 110 वार्डों में सिर्फ 68 वार्डों से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाया जा रहा है। 2021 में शहर की रैंकिंग 25 से घटकर 21 पहुंची है। लेकिन टॉप पाइव में पहुंचाने के लिए अभी कसर बाकी है। पिछले दिनों नगर निगम ने अभियान चलाकर कूड़ाघरों को हटाया है। लेकिन, घर से कूड़ा न उठने से कूड़ाघर की जगह अब सड़क पर कूड़ा आ जा रहा है। जिससे समस्या बढ़ रही है। हालांकि, महापौर प्रमिला पांडेय ने कार्यभाल संभालने के बाद सड़क पर कूड़ा फेंकने पर ढाई हजार जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं।

स्वच्छता रैंकिंग को सुधारने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। मैंने सड़क पर कूड़ा फेंकने पर जुर्माना भी लगाने के निर्देश दिए हैं। नाला सफाई को भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।- प्रमिला पांडेय, महापौर

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