धर्म संस्कृति
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गर्भाधान संस्कार की प्रासंगिकता
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By Anjali Singh
सामान्य अर्थ में संस्कार का अर्थ है निखारना, जिस क्रिया के द्वारा किसी वस्तु के दोष, मैल और अशुद्धि को दूर करके उसमें गुणों का आधान किया जाए, उसे संस्कार कहा जाता है। जैसे सुनार सोने को तपाकर और शुद्ध...
बहुत शुभ होती है वैजयंती की माला
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By Anjali Singh
हिंदू देवताओं में वैजयंती के फूल भगवान विष्णु को बहुत पसंद हैं। शंख चक्र, गदा और पद्म के साथ वह गले में वैजयंती फूलों की माला भी पहनते हैं। विष्णु के अवतारों को भी वैजयंती की माला पसंद है। वैजयंती...
सरकारी नियंत्रण से मंदिर मुक्ति अभियान को धक्का
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By Deepak Mishra
अनेक धार्मिक संगठन लंबे समय से मांग करते रहे हैं कि मंदिरों का संचालन और प्रबंधन हिंदू समाज को सौंपा जाए। भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, इसलिए सरकार को किसी भी धार्मिक संस्था के संचालन में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
आज शुरू होगा आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव, आचार्य विशुद्ध सागर पहुंचे पार्श्वनाथ धाम
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By Muskan Dixit
लखनऊ, अमृत विचार: काकोरी स्थित पार्श्वनाथ धाम (अमेठिया- सलेमपुर) में 24 जून से 29 जून तक होने वाले आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ मंगलवार को आचार्य विशुद्ध सागर के आगमन के साथ हो गया। आचार्य विशुद्ध सागर के...
मनकामेश्वर मंदिर में धूल फांक रही शिवभभूत बनाने वाली मशीन, बंद हुआ काम
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By Muskan Dixit
मार्कण्डेय पाण्डेय, लखनऊ,अमृत विचार: अयोध्या के हनुमान गढ़ी के फूलों से सुगंधित धूप, अगरबत्ती बनाई जानी थी तो लखनऊ के मनकामेश्वर मंदिर में चढ़ने वाले फूलों से शिवभभूत का निर्माण किया जाना था। जिसके लिए संयत्र सीएसआईआर-एनबीआरआई ने निशुल्क प्रदान...
Barabanki News : अंतिम बड़े मंगल पर हनुमान मंदिरों में हुआ सुंदरकांड का पाठ, शहर से गांव तक बंटा भंडारा
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By Deepak Mishra
बाराबंकी, अमृत विचार। ज्येष्ठ माह के आठवें एवं अंतिम बड़े मंगल पर भीषण गर्मी और उमस के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था चरम पर रही। सुबह से रात तक हनुमान मंदिरों और घरों में हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ, पूजा-अर्चना...
अयोध्या की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा
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By Anjali Singh
अयोध्या केवल भगवान श्रीराम की जन्मभूमि ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और सभ्यता का जीवंत केंद्र भी रही है। सदियों के उतार-चढ़ाव और ऐतिहासिक परिवर्तनों के बीच इसकी अनेक प्राचीन धरोहरें समय की धूल में ओझल होती चली गईं।...
क्यों वर्जित है सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना
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By Anjali Singh
वास्तु शास्त्र में झाड़ू को केवल सफाई का साधन नहीं माना गया है, बल्कि इसे माता लक्ष्मी का प्रतीक भी माना जाता है। यही कारण है कि झाड़ू के उपयोग और उसके रख-रखाव से जुड़े कुछ विशेष नियम बताए गए...
प्रेरक कथा : विषयों में दुर्गंध
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By Anjali Singh
एक धर्मनिष्ठ राजा एक महात्मा की पर्णकुटी पर जाया करते थे। उन्होंने एक बार महात्मा को अपने महल में पधारने के लिए विनती की, परंतु महात्मा ने यह कहकर टाल दिया कि मुझे तुम्हारे महल में बड़ी दुर्गंध आती है,...
ज्योतिष शास्त्रोक्त विज्ञान
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By Anjali Singh
सनातन काल से ही मनुष्य को अपने भविष्य को पूर्व में ही जान लेने की इच्छा रही है। व्यक्ति किसी भी स्तर का हो कितना ही ज्ञानी अथवा पढ़ा लिखा हो डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस हो किसी भी धर्म का हो,...
विदेशों में है बिहार योग पद्धति की धूम
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By Anjali Singh
अपनी अंतरात्मा में स्वयं को अनुभव करने से बड़ा कोई सुख नहीं है। सदियों से योग मनुष्य के भीतर शांति, संतुलन और आत्मबोध जागृत करने का माध्यम रहा है। आज जब मनुष्य बाहरी उपलब्धियों और भौतिक संसाधनों में मानसिक शांति...
Kainchi Dham Foundation Day : कैंची धाम दर्शन के लिए शटल सेवा शुरू, 15 जून को स्थापना दिवस पर उमड़ेगा भक्तों का जनसमूह
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By Ateeq Khan
कैंची धाम में कल-सोमवार को स्थापना दिवस पर भव्य मेला लगेगा। हर साल की तरफ इस बार भी लाखों भक्त दर्शन करने पहुंचेंगे। पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा से लेकर यातायात व्यवस्था तक का खाका खींच दिया है। श्रद्धालुओं को आश्रम तक ले जाने के लिए शटल सेवा प्रारंभ कर दी गई है। निजी वाहनों से आश्रम तक जाने पर रोक है।
