Shravasti News : खतरे के निशान के करीब पहुंची राप्ती, बढ़ी कछार वासियों की धड़कन
नेपाल सहित पहाड़ों पर हुई बरसात के कारण बढ़ रहा नदी का जलस्तर
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में बारिश के बाद श्रावस्ती में राप्ती नदी का जलस्तर बढ़कर 127.65 मीटर पहुंच गया है। नदी खतरे के निशान से सिर्फ पांच सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका को लेकर ग्रामीण सतर्क हो गए हैं।
जमुनहा (श्रावस्ती), अमृत विचार। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश का असर अब राप्ती नदी पर दिखाई देने लगा है। रविवार को नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद खतरे के निशान से महज पांच सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से राप्ती किनारे बसे गांवों के लोगों में बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है।
रविवार सुबह छह बजे राप्ती नदी का जलस्तर 127.40 मीटर दर्ज किया गया था। सुबह 10 बजे तक यह बढ़कर 127.50 मीटर और इसके बाद 127.60 मीटर पहुंच गया। दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 127.65 मीटर दर्ज किया गया, जिसके बाद यह फिलहाल स्थिर बताया गया।
खतरे के निशान के करीब पहुंची राप्ती
राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंचने से तटवर्ती गांवों के ग्रामीण सतर्क हो गए हैं। ग्रामीण लगातार नदी के जलस्तर और बहाव पर नजर रख रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश जारी रहने पर नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
इन गांवों में बढ़ी बाढ़ की चिंता
राप्ती नदी के किनारे बसे गजोबरी, मोहनपुर भरथा, बंदरा, घाटेपुरवा, सलारू पुरवा, वीरपुर लौकिहा, हसनापुर, कथरामाफी, शिकारी, पिपरहवा, पिपरहवा कोठी, जोगिया, भलुहिया, सेमरानियां, बाबूपुरवा, सुखराम पुरवा और मिशिर भगवानपुर समेत कई गांवों में ग्रामीण संभावित बाढ़ को लेकर चिंतित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने पर निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन को जलस्तर की लगातार निगरानी करने के साथ तटवर्ती गांवों में बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी रखनी चाहिए।
ग्रामीणों की नदी पर टिकी नजर
फिलहाल राप्ती नदी का जलस्तर 127.65 मीटर पर स्थिर है, लेकिन नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश जारी रहने पर स्थिति बदल सकती है। ग्रामीण नदी के जलस्तर में होने वाले हर बदलाव पर नजर बनाए हुए हैं।
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