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देवगढ़ : सांस्कृतिक चेतना और शिल्प कौशल के अद्भुत स्वरूप की यात्रा
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By Anjali Singh
उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित ललितपुर जिले में बेतवा नदी के किनारे स्थित देवगढ़ एक ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल है। यह स्थान अपनी प्राचीन बौद्ध गुफाओं, गुप्तकालीन दशावतार मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यहां विष्णु भगवान...
आर्ट गैलरी: प्रतीकों के जादूगर की चर्चित कृति ‘द मास्क’
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By Anjali Singh
द मास्क के. जी. सुब्रमण्यन की चर्चित कृतियों में से एक है, जिसमें उन्होंने पहचान और सामाजिक व्यवहार के विषय को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। इस पेंटिंग में ‘मुखौटा’ केवल चेहरे को ढंकने वाली वस्तु नहीं, बल्कि...
अनोखी परंपरा : मलाणा गांव, जहां होती है अकबर की पूजा
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By Anjali Singh
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला में स्थित मलाणा गांव अपनी अनोखी परंपराओं, प्राचीन शासन व्यवस्था और रहस्यमयी मान्यताओं के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। यह गांव आधुनिकता से काफी हद तक दूर है और अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को...
बैंक्सी की वाटरलू मूर्ति वैश्विक प्रतिक्रियाएं और समकालीन कला
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By Anjali Singh
चर्चित ब्रितानी कलाकार बैंक्सी का नवीनतम मूर्तिशिल्प, जिसे मध्य लंदन के वॉटरलू पैलेस में स्थापित किया गया है। समकालीन कला के उस हस्तक्षेपकारी स्वभाव को और तीव्रता से रेखांकित करती है, जहां कला केवल रूप-सौंदर्य तक सीमित नहीं रहती, बल्कि...
लोकायन : संथाली लोक नृत्य, प्रकृति से जुड़ी लोकधारा
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By Anjali Singh
संथाली लोक नृत्य मुख्य रूप से झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और असम का एक प्रमुख पारंपरिक आदिवासी नृत्य है। संथाली नृत्य झारखंड की संथाल जनजाति द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला एक जीवंत और आकर्षक लोकनृत्य है, जो उनकी समृद्ध...
छापा-चित्रों में अतियथार्थवादी छाप : मनोहर लाल भूगड़ा
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By Anjali Singh
इसे भारतीय कला जगत की विसंगति ही कहा जाना चाहिए कि आज़ादी के बाद से हमारी आधुनिक या समकालीन कला महानगर-केंद्रित रही है। इसका परिणाम यह रहा कि हमारे जिन वरिष्ठ कलाकारों या कला-गुरुओं ने महानगर-परिक्रमा से परहेज रखा, उन्हें...
कहां गुम गया अजूबे कारनामे वाला सर्कस
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By Anjali Singh
संसार में सर्कस का इतिहास, अति प्राचीन है। सर्कस का प्रादुर्भाव ईसा पूर्व पहली शताब्दी में हुआ माना जाता है, जब लोग एक विशेष स्थान पर इकट्ठा होकर घोड़ों की दौड़ का आनंद लेते थे। जूलियस सीजर्स के समय रोम...
अनोखी परंपरा: नेपाल के न्यिनबा समुदाय में आज भी प्रचलित है ‘पांचाली’ प्रथा
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By Anjali Singh
हिमालय की ऊंची वादियों में स्थित नेपाल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ कुछ अनोखी और कम ज्ञात परंपराओं के लिए भी पहचाना जाता है। इन्हीं में से एक है ‘पांचाली’ प्रथा, जिसे भ्रातृ बहुपतित्व कहा जाता है। यह परंपरा महाभारत...
बज्जिकांचल की बसेरी कला और कंचन प्रकाश
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By Anjali Singh
मानव की प्रारंभिक अभिव्यक्तियों में चित्रांकन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रागैतिहासिक शैलाश्रय चित्र इस बात के सशक्त प्रमाण हैं कि मनुष्य ने अपनी अनुभूतियों, शिकार-जीवन और प्रतीकों को दृश्य रूप में अंकित किया। भाषा, संकेत और मौखिक परंपराओं के...
आर्ट गैलरी: सहयोग और जीवन की यात्रा दर्शाती पेंटिंग
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By Anjali Singh
यह पेंटिंग आधुनिक शैली की एक प्रभावशाली रचना है, जिसमें मानव जीवन, श्रम और सामाजिक संबंधों को प्रतीकात्मक रूप में दर्शाया गया है। चित्र में कई मानव आकृतियां दिखाई देती हैं, जिन्हें ज्यामितीय आकृतियों जैसे वृत्त, त्रिभुज और आयत के...
World Dance Day : नृत्य, मन के भावों का अभिनीत गीत
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By Anjali Singh
नृत्य मनुष्य के उल्लास का प्रत्यक्ष भावात्मक प्रदर्शन है। जब मन उल्लास से भर उठता है, तो शारीरिक चेष्टाएं उसकी अभिव्यक्ति नृत्य के रूप में करती हैं। इस प्रकार नृत्य मन के भावों का अभिनीत गीत है। यदि सूक्ष्मता से...
अनोखी परंपरा: प्रकृति और परंपरा का संगम मेंढकों की शादी
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By Anjali Singh
भारत की विविध लोक परंपराओं में कई ऐसे अनोखे रीति-रिवाज देखने को मिलते हैं, जो पहली नज़र में आश्चर्यचकित कर देते हैं, लेकिन उनके पीछे गहरी आस्था और प्रकृति से जुड़ा सांस्कृतिक संबंध होता है। पेड़ों की शादी की परंपरा...
