रंगोली
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क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बदल जाएगा ललित कला का पाठ्यक्रम
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By Anjali Singh
आज कला-शिक्षा एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी है, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल कलाकार के हाथ में आया नया उपकरण मात्र नहीं रह गया है, बल्कि अब यह चित्र या कलाकृति बनाने, देखने, सिखाने और समझने के तरीकों को भी...
अनोखी परंपरा : जब पीटी जाती हैं गुड़ियां
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By Anjali Singh
सावन के महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी को नाग पूजन की परंपरा पौराणिक काल से चली आ रही है, जिसे नाग पंचमी भी कहते हैं। नाग पूजन की परंपरा, तो प्रकृति में नागों का संरक्षण है। नाग और सांप...
फुहार, झूले और विरह सावन का लोक संसार
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By Anjali Singh
सावन भारतीय लोकजीवन में केवल वर्षा का मौसम नहीं, बल्कि प्रकृति, प्रेम, मिलन और विरह की भावनाओं का उत्सव है। बादलों की गर्जना, रिमझिम फुहार, झूलों की पींग और कोयल की कूक जहां वातावरण में उल्लास भरती है, वहीं परदेस...
शादी से एक रात पहले दूल्हा-दुल्हन तोड़ते हैं बर्तन, फिर खुद करते हैं सफाई! जर्मनी की इस परंपरा का राज हैरान कर देगा
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By Muskan Dixit
जर्मनी की ‘पोल्टरएबेंड’ रस्म में मेहमान चीनी मिट्टी के बर्तन तोड़ते हैं, जबकि नवविवाहित जोड़ा मिलकर टुकड़ों की सफाई करता है; जानिए खुशहाल दांपत्य से जुड़ी इस अनोखी परंपरा का मतलब
वैश्विक मंच पर चमका सारनाथ, UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल होकर बढ़ाया भारत का गौरव
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By Muskan Dixit
करीब 28 साल के इंतजार के बाद सारनाथ को मिली वैश्विक पहचान; भारत का 45वां और उत्तर प्रदेश का चौथा UNESCO विश्व धरोहर स्थल बनने का दावा, बौद्ध दर्शन के सार्वभौमिक संदेश को मिली नई पहचान
ओ. सी. गांगुली: भारतीय कला इतिहास का वो ‘मौन पुरोधा’, जिसे हिंदी समाज ने भुला दिया
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By Muskan Dixit
कला इतिहासकार, संपादक और दस्तावेज़कार ओ. सी. गांगुली ने भारतीय कला को व्यवस्थित अध्ययन की मजबूत जमीन दी, फिर भी हिंदी भाषी समाज में उनका नाम आज तक सीमित दायरे में ही जाना जाता है।
छह दशकों तक शेड में छिपी रही रे एक्सवर्थ की कला, अब दुनिया देख रही है ‘गुमनाम’ मूर्तिकार का अनगढ़ संसार
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By Muskan Dixit
प्लास्टर, मिट्टी और मिश्रित सामग्रियों से गढ़े विकृत-अधूरे मानव रूपों में छिपा था जीवन, पीड़ा और अस्तित्व का गहरा दर्शन
लोकायन : वाल्ट्ज, शालीनता, लय और सौंदर्य का प्रतीक
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By Anjali Singh
वाल्ट्ज विश्व के सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय बॉलरूम नृत्यों में से एक है। यह एक सहज, आकर्षक और संतुलित साथी नृत्य है, जो 3/4 ताल (थ्री-फोर टाइम सिग्नेचर) पर किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्रवाहमय गति, सुंदर...
अनोखी परंपरा : ला पौरकैल्हाडे, समाज में हास्य का महत्व
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By Anjali Singh
दुनियाभर में कई ऐसे त्योहार मनाए जाते हैं, जो अपनी अनूठी परंपराओं और मनोरंजक आयोजनों के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित करते हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प आयोजन था ला पौरकैल्हाडे, जिसे फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र के छोटे से नगर...
लोक की वह आवाज, जिसमें अब भी गाते हैं गांधी
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By Anjali Singh
लोकसंगीत इतिहास का विकल्प नहीं, उसकी जीवित स्मृति है। इतिहास तिथियों, घटनाओं और व्यक्तियों का क्रम दर्ज करता है, जबकि लोकगीत मनुष्य के अनुभव, उसकी संवेदना और उसके संघर्ष को अपने भीतर सुरक्षित रखते हैं। यही कारण है कि किसी...
महानगरों की छाया से कला को बाहर निकालने की एक कोशिश
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By Anjali Singh
समकालीन वैश्विक कला का संसार निरंतर नए प्रयोगों और नवाचारों से समृद्ध होता रहा है। सामान्यतः इसकी धुरी पश्चिमी देशों और महानगरों को माना जाता है, जहाँ बड़े संग्रहालय, कला दीर्घाएं, बिएनाले और कला बाजार केंद्रित रहे हैं। किंतु पिछले...
लोकायन: हैप्पी फीट.... तेज लय, फुर्ती और ऊर्जा से भरपूर डांस स्टाइल
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By Anjali Singh
हैप्पी फीट एक बेहद ऊर्जावान और लयबद्ध फुटवर्क डांस स्टाइल है, जिसमें नर्तक अपने पैरों की उंगलियों, एड़ियों और पंजों का तेज़ी से उपयोग करते हुए आकर्षक स्टेप्स प्रस्तुत करता है। इस नृत्य में पैर तेजी से अंदर और बाहर...
- Pradeep Kumar
[email protected] - Ateeq Khan
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Ankit Yadav
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