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लोकायन : अगनाव: कुमाऊं की प्राचीन कृषि परंपरा
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By Anjali Singh
देवभूमि उत्तराखंड केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि अपनी हिमालयी संस्कृति, लोक परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य और वीर सैनिकों की भूमि के कारण भी विश्व प्रसिद्ध है। राज्य के कुमाऊं मंडल की एक प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा है ‘अगनाव’। इस परंपरा...
रंग-तरंग : ‘युगमंच’ 50 वर्षों की यात्रा और ‘The Zoo Story’ का मंचन
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By Anjali Singh
कभी-कभी आप ऐसे सुखद संयोगों के स्वामी हो जाते हैं कि वह संयोग आपके जीवन की अमूल्य धरोहर बन जाते हैं। विगत 21- 22 जून को ऐसा ही कुछ मेरे साथ हुआ। नैनीताल के वरिष्ठ पत्रकार एवं ‘उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार...
अंबुबाची मेला- समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव
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By Anjali Singh
उत्तर पूर्व भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक अंबुबाची मेला हर साल असम के गुवाहाटी में स्थित कामाख्या मंदिर में चार दिनों तक चलता है। इस दौरान यहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु, तीर्थयात्री, साधु और पर्यटक जुटते...
अनोखी परंपरा : चेक गणराज्य में चुड़ैलों की रात
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By Anjali Singh
यूरोप के सबसे सुंदर और ऐतिहासिक शहरों में गिने जाने वाले प्राग की पहचान केवल उसके भव्य महलों, प्राचीन चर्चों और मनमोहक वास्तुकला तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर अपनी समृद्ध लोक परंपराओं और अनोखे रीति-रिवाजों के लिए...
लोकायन : रोबोट डांस, मशीन जैसी हरकतों से जन्मी नृत्य कला
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By Anjali Singh
रोबोट डांस आधुनिक नृत्य शैलियों में एक अत्यंत लोकप्रिय और आकर्षक शैली है, जिसमें नर्तक अपने शरीर को इस प्रकार नियंत्रित करता है कि उसकी गतिविधियां किसी यांत्रिक मशीन या रोबोट जैसी प्रतीत हों। इस नृत्य की सबसे बड़ी विशेषता...
आर्ट गैलरी : बिंदी के बहाने समाज और स्त्री की नई व्याख्या
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By Anjali Singh
द स्किन स्पीक्स अ लैंग्वेज नॉट इट्स ऑन भारती खेर की सबसे प्रसिद्ध और चर्चित कलाकृतियों में से एक है। यह एक विशाल मूर्तिकला कृति है, जिसमें एक लेटी हुई मानव आकृति को हजारों रंग-बिरंगी बिंदियों से ढका गया है।...
बंधन और माया
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By Anjali Singh
बंधन क्या है? हम किससे बंधे हैं? या हमें किसने बांध के रखा है? यह एक ऐसा प्रश्न है, जिसका उत्तर शायद एक खोजी के लिए ज्ञान की पराकाष्ठा है, क्योंकि बंधन को समझ लिया या जान लिया, तो समझ...
युद्ध-प्रतिरोध की कला और हमारी बेरुखी
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By Anjali Singh
भारतीय कला इतिहास में कुछ कलाकार ऐसे रहे हैं, जिन्होंने अपनी कला को केवल सौंदर्य की अभिव्यक्ति तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे अपने समय की सामाजिक सच्चाइयों का दस्तावेज बना दिया। चित्तप्रसाद भट्टाचार्य और जैनुल आबेदीन ऐसे ही कलाकार...
लोकायन : भारत की अनमोल विरासत रोगन कला
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By Anjali Singh
भारत की समृद्ध हस्तशिल्प परंपराओं में रोगन कला एक ऐसी दुर्लभ और अद्वितीय कला है, जो केवल सौंदर्य का माध्यम नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। गुजरात के कच्छ जिले के निरोना गांव...
अनोखी परंपरा : कूपर्स हिल की रोमांचक ‘चीज रोलिंग’ दौड़
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By Anjali Singh
इंग्लैंड के ग्लॉस्टरशायर स्थित छोटे से गांव ब्रॉकवर्थ में हर वर्ष मई महीने के अंत में एक बेहद अनोखा और रोमांचक उत्सव आयोजित किया जाता है, जिसे कूपर्स हिल चीज-रोलिंग एंड वेक के नाम से जाना जाता है। इस परंपरा...
एंसेल्म कीफर : इतिहास, स्मृति और सभ्यता के अवशेष
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By Anjali Singh
कला केवल सौन्दर्य की अभिव्यक्ति है या मानवीय संबंधों, इतिहास, स्मृति, राजनीति, पर्यावरण, मिथक और यहाँ तक कि मानवीय अस्तित्व जैसे सवाल भी इसके केंद्र में हैं या हो सकते हैं । इन सभी प्रश्नों और मुद्दों का जवाब हमें...
रंग-तरंग : संथाली भाषा में शेक्सपियर के नाटक की प्रस्तुति
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By Anjali Singh
दिल्ली के सांस्कृतिक मंच पर अक्सर देश-विदेश की विविध संस्कृतियों और लोक कलाओं की झलक देखने को मिलती है। इसी कड़ी में, बीते सोमवार को दिल्ली के ‘कॉन्स्टीट्यूशन क्लब’ के ऑडिटोरियम में एक बेहद अनोखा और ऐतिहासिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित...
