अनोखी परंपरा: दुल्हन-दूल्हे की “ब्लैकनिंग”
शादी हर व्यक्ति के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होती है और हर संस्कृति में इसे खास महत्व दिया जाता है। दुनिया के अलग-अलग देशों में विवाह को मनाने की परंपराएं अलग हैं, जिनमें से कई पहली नजर में अजीब लगती हैं, लेकिन उनके पीछे गहरे अर्थ छिपे होते हैं। कहीं शादी के दौरान दूल्हे का जूता चुराया जाता है, तो कहीं नए जोड़े के घर जाकर बर्तन तोड़ना शुभ माना जाता है।
स्कॉटलैंड में शादी से पहले दूल्हा-दुल्हन पर कालिख और गंदी चीजें डालने की परंपरा है, जिससे यह परखा जाता है कि वे कठिन परिस्थितियों में भी साथ रह सकते हैं। जर्मनी में टूटे बर्तनों को मिलकर साफ करना जीवन की समस्याओं को साथ सुलझाने का प्रतीक है। ऐसी परंपराएं यह बताती हैं कि शादी केवल रस्मों का आयोजन नहीं, बल्कि आपसी समझ, सहयोग और जीवन की चुनौतियों के लिए मानसिक तैयारी भी है।
स्कॉटलैंड में शादी से पहले “ब्लैकनिंग ऑफ द ब्राइड (और ग्रूम)” रस्म प्रचलित है। इस रस्म में शादी से कुछ दिन पहले दूल्हा-दुल्हन या कभी-कभी दोनों को दोस्तों और रिश्तेदारों द्वारा पकड़कर, उन पर कालिख, आटा, अंडे, मछली, गोंद, दूध या दूसरी गंदी चीजें डाली जाती हैं।
इसके बाद उन्हें गांव या मोहल्ले में घुमाया भी जाता है, ताकि सार्वजनिक रूप से उनका “अपमान” हो सके, लेकिन इसके पीछे भावनात्मक अर्थ काफी गहरा है। स्कॉटिश संस्कृति में माना जाता है कि विवाह जीवन की सबसे कठिन जिम्मेदारियों में से एक है। अगर कोई जोड़ा शादी से पहले इस तरह की शर्मिंदगी, मजाक और असुविधा को हंसते-हंसते और साथ-साथ सहन कर ले, तो वह आगे आने वाली आर्थिक, सामाजिक और मानसिक चुनौतियों का भी सामना कर सकता है।
