शब्द रंग

'परछाइयां’: साहिर लुधियानवी की सृजन-स्थली

'परछाइयां’: साहिर लुधियानवी की सृजन-स्थली
विवेक शुक्ला, मुंबईः मुंबई कभी रुकती नहीं। यह शहर मानो समय की धड़कन पर दौड़ता रहता है- दिन-रात, बिना ठहरे, बिना थके। सड़कों पर भागती कारें, देर रात तक जगती रोशनियां और काम में डूबे लोग इस शहर की पहचान...

अनुभूति : सुबह की सैर, रसोई की फिक्र

बीते दिनों सुबह जब पार्क में गई तो घर-घर की कहानी पूछने वाली महिलाओं की जुबान में रसोई गैस की चर्चा थी। यह भी घर की महत्वपूर्ण जरूरत है। इसके बिना चूल्हा ठप्प और चूल्हे के बिना सारे कामकाज। इस...
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उधम सिंह और जलियांवाला बाग का प्रतिशोध 

शहीद-ए-आजम सरदार उधम सिंह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन महान क्रांतिकारियों में से एक हैं, जिनका नाम साहस, संकल्प और अदम्य देशभक्ति का प्रतीक बन चुका है। दूसरे शब्दों में कहें तो उधम सिंह, जिन्हें बाद में राम मोहम्मद सिंह...
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जॉब का पहला दिन : जब मुझे बताना पड़ा, मैं यहां की अधिकारी हूं

फिल्मी रील्स में अक्सर जीवन का सजा-धजा रूप दिखाया जाता है। उसमें जीवन को किसी न किसी तरह के दिखावे और चमक-दमक में फ्रेम कर दिया जाता है, लेकिन मेरी ज्वाइनिंग के पहले दिन का अनुभव बिल्कुल अलग था। वह...
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तन सु शा एक प्रेरक यात्रा

आज दुनिया में महिलाएं हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं,  तन सु शान भी उनमें से एक हैं। तन सु शान सिंगापुर की एक प्रमुख व्यावसायिक नेता हैं,  जो दक्षिण पूर्व एशिया की सबसे बड़ी बैंकिंग संस्था डीबीएस...
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अनुभूति: छोलिया की याद

छोलिया शब्द के साथ बचपन की बहुत सी यादें जुड़ी हैं। बीते दिनों छोलिया लेकर आई तो सब्जी बनाते हुए चलचित्र की भांति कितनी ही यादें आंखों के आगे तैर आईं। किंग्जवे कैंप का घर टूटने पर हमें जहांगीरपुरी में...
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संस्मरण: कर्म की प्रतिध्वनि

उस रोज इज्जतनगर स्टेशन पर टिकेट बुक कराने गया तो उम्मीद से ज्यादा भीड़ थी। टिकट विंडो से बाहर तक लंबी लाइन। शायद त्योहार नजदीक होना इसकी वजह रहा हो। लाइन में लगे लोग इंतजार के फासले को अपने-अपने हिसाब...
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अजनबी शहर, नई दृष्टि और आत्मखोज की यात्रा

दिसंबर 2019 की वह रात आज भी मेरी स्मृतियों में जमी हुई ठंड की तरह ताज़ा है। विमान जब पेरिस की धरती पर उतरा, तब रात आधी बीत चुकी थी। घड़ी ने मध्यरात्रि पार कर ली थी और तापमान शून्य...
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जॉब का पहला दिन: भावनाएं, अनुभव और एक नई शुरुआत

जीवन में कुछ क्षण ऐसे होते हैं, जो समय बीत जाने के बाद भी स्मृतियों में सदैव ताजे बने रहते हैं। नौकरी का पहला दिन भी ऐसा ही एक अविस्मरणीय अनुभव है। यह केवल रोजगार की शुरुआत नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता,...
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कुमाऊंनी होली : नाद, राग और स्वर की जीवित विरासत

कुमाऊं की होली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि शास्त्रीय संगीत की भाव-समृद्ध परंपरा का जीवंत उत्सव है। यहां होली नाद, राग और स्वर के विशिष्ट संयोजन से सजी होती है। जिन्होंने भी इस परंपरा को अपने ज्ञान, साधना और सुरों...
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अनुभूति : लंबे चौधरी और होली की मस्ती

बात उन दिनों की है जब मैं अपने जनपद बदायूं के एस.के. इंटर कॉलेज में फर्स्ट ईयर में पढ़ रहा था। कॉलेज में होली की छुट्टियां हो गई थीं और मैं होली मनाने गांव आ गया था। उन दिनों होली...
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मरीजों को रोशनी दे रहा ‘सीतापुर आई हास्पिटल’

दो दशक पहले तक उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरे देश की जनता के लिए आंखों के इलाज का पहला नाम था- ‘सीतापुर आई हॉस्पिटल’। आज भले ही यह चिकित्सालय सुर्खियों से दूर हो गया हो, पर गुमनामी में भी अपनी...
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