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अंजा रिंगग्रेन लोवेन: एक मानवतावादी महिला की कहानी

अंजा रिंगग्रेन लोवेन:  एक मानवतावादी महिला की कहानी
अंजा रिंगग्रेन लोवेन एक डेनिश मानवतावादी कार्यकर्ता हैं, जिन्हें नाइजीरिया में ‘विष्ट बच्चे’ (व्हिच चिल्ड्रेन) के रूप में आरोपित बच्चों को बचाने और उनकी पुनर्वास के लिए जाना जाता है। वे लैंड ऑफ होप नामक चैरिटी संगठन की संस्थापक हैं,...

विश्व धरोहर दिवस : सभ्यता की अमूल्य धरोहरों को संरक्षण की जरूरत

प्रत्येक वर्ष 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस मनाया जाता है। इसे विश्व विरासत दिवस, वर्ल्ड हेरिटेज डे तथा आधिकारिक रूप से अंतर्राष्ट्रीय स्मारक एवं स्थल दिवस (इंटरनेशनल डे फोर मोन्यूमेंट्स एंड साइट्स) कहा जाता है। यह दिवस मानवता की...
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बेजुबान पशुओं को मिली जुबां, नाम गौरी-शंकर

यूपी के सीतापुर में एक महिला ने निराश्रित पशुओं के संरक्षण में ऐसा बीड़ा उठाया कि घर की गृहस्थी को तिलांजलि देकर लाखों का फ्लैट ही खरीद डाला। 16 वर्षों से गोवंशों की सेवा करने में लगा परिवार गौमाताओं के...
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मानवता की पुकार, युद्ध नहीं समाधान 

पिछले 40 वर्षों में उसने इराक, सीरिया, लेबनान और यमन जैसे देशों के भीतर एक ऐसा गुप्त नेटवर्क खड़ा किया है, जिससे उसकी रणनीतिक गहराई का पता मिलता है। यह नेटवर्क राजधानी तेहरान से शुरू होकर भूमध्य सागर से लाल...
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जॉब का पहला दिन: कार्यक्षेत्र का माहौल देखकर हुआ जिम्मेदारी का एहसास

मेरे जीवन का वह दिन आज भी ताजगी के साथ याद आता है, जब मैंने 2 सितंबर 2012 को शाहजहांपुर की तहसील तिलहर में बैंक ऑफ बड़ौदा में क्लर्क के रूप में अपनी नौकरी में पहला कदम रखा था। सुबह...
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व्यंग्यः शर्मा जी का अंडरवियर...

शर्मा और शर्माइन की जुगलबंदी ऐसी थी कि तेरे संग रहा न जाए और तेरे बिन भी रहा न जाए। दिन भर एक दूसरे के ऊपर तुनकना, कोई रूठ जाए तो फिर मनाना और फिर एक हो जाना। उनकी गृहस्थी...
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मुरीद रूमी के लिए ईरान से तुर्की पहुंचे शम्स

मुरीद रूमी के लिए ईरान से तुर्की पहुंचे शम्स शम्स तबरेजी 13 वीं सदी के एक महान फारसी सूफी संत, दार्शनिक और कवि थे, जिन्हें प्रसिद्ध कवि जलालुद्दीन रूमी के आध्यात्मिक गुरु के रूप में जाना जाता है। मौलाना शम्स...
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सहारनपुर की बूढ़ी हवेलियां खस्ताहाल 

सहारनपुर की हवेलियां देखने के लिए मैं तीन बार आया और इन्हें मुख्य मार्ग और फिर कुदरती नदी जो अब गंदा नाला बना दिया गया है, का पुल पार करते हुए नगर के दिल कहे जाने वाली पुरानी बस्ती की...
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जॉब का पहला दिन: जब जिम्मेदारी ने गौरव का रूप लिया

मेरे जीवन की किताब में कुछ पन्ने ऐसे हैं, जिन्हें मैं जब भी पलटती हूं, तो उनकी चमक आज भी ताजा महसूस होती है। उन्हीं में से एक सबसे महत्वपूर्ण और यादगार पन्ना है 1 अगस्त 2011 का, जब पहली...
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नई कहानी के प्रमुख स्तंभ शेखर जोशी

शेखर जोशी की गणना हिन्दी साहित्य के प्रमुख कहानीकारों में की जाती है। उन्होंने नई कहानी के विकास में प्रमुख भूमिका निभाई। वे मर्मस्पर्शी कहानियों के प्रमुख कथाशिल्पी थे। उनकी कहानियों में आम आदमी का प्रतिबिंब झलकता है। शेखर जोशी...
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नौकरी छोड़ गुलाबी फल से बदली अपनी किस्मत

कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों और सोच वैज्ञानिक, तो मिट्टी भी सोना उगलने लगती है। बरेली के भोजीपुरा स्थित गांव महिमा पट्टी निवासी यशपाल (48) ने इसे सच कर दिखाया है। एमबीए की पढ़ाई के बाद एक निजी...
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जिंदगी को जी भरकर जीना है

नौकरी से रिटायरमेंट अपने साथ अकेलापन लेकर आता है। कुछ लोग इसे स्वीकार कर लेते हैं और कुछ निकल पड़ते हैं खुशियां बिखेरने के लिए। बरेली के कुछ रिटायर ‘नौजवानों’ ने जिंदगी को जी भरकर जीने का फैसला किया। उन्होंने...
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