शब्द रंग

जॉब का पहला दिन : फिर तो ऐसा लगा कि जन्नत मिल गई हो 

जॉब का पहला दिन : फिर तो ऐसा लगा कि जन्नत मिल गई हो 
सन् 1992 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय में एमएससी रसायन शास्त्र अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। समाचार पत्र में प्रक्रिया व उत्पाद विकास केन्द्र, कन्नौज में लैब तकनीशियन के तीन पदों का विज्ञापन देखा तो, अप्लाई कर दिया। इस...

पिकनिक स्पॉट में बदलते तीर्थस्थान, दिलचस्प हैं नतीजे 

बचपन की बात है। हमारा पूरा परिवार हरिद्वार गया था, मेरे माता-पिता, हम तीनों बच्चे और दादी। गर्मी के दिन थे। प्रोग्राम ये बना कि हरिद्वार और आस-पास के तीर्थ तो घूमेंगे ही, साथ में गर्मी से भी थोड़ी मुक्ति...
विशेष लेख  शब्द रंग 

आम नहीं है आम यह है खास

फलों की विशाल दुनिया में, आम को जो शाही दर्जा प्राप्त है, वैसा शायद ही किसी और को मिले। फलों का राजा कहे जाने वाले आम न केवल एक स्वादिष्ट उष्णकटिबंधीय फल हैं, बल्कि ऐसा पौष्टिक चमत्कार भी हैं, जो...
विशेष लेख  शब्द रंग 

ज्येष्ठ माह और जलदान की सनातन परंपरा  

‘जल ही जीवन है’ ज्येष्ठ माह की गर्मी की प्रचंडता इस कहावत को सौ फीसदी सच साबित करती है। सूर्य किरणों की तपन की ज्येष्ठता (प्रचंडता) के कारण हिन्दू पंचांग में वर्ष के तीसरे महीने को ज्येष्ठ कहा जाता है।...
विशेष लेख  शब्द रंग 

गजलों से पहचान हमीद खिजर 

चार दशक पहले हमीद खिजर को लगा शेर-ओ-शायरी का चस्का, आज जुनून की सूरत अख्तियार कर चुका है। पांच गजल संग्रहों के शायर हमीद खिजर ने अपने जुदा तेवरों वाली शायरी से अलग पहचान बनाई है। अब हमीद का नाम...
विशेष लेख  शब्द रंग 

क्राउड से किरदार तक : एक अभिनेता की बेबाक कहानी 

मुंबई चमक-दमक, सपनों और संघर्षों की नगरी है, यहीं पर जन्में जाकिर हुसैन खान, जिनकी जड़ें पूर्वांचल के छोटे से जिले बस्ती से जुड़ी हैं। इनकी शुरुआती शिक्षा भी यहीं से हुई। बचपन बस्ती की सादगी, रामलीला और नुक्कड़ नाटकों...
मनोरंजन  विशेष लेख  शब्द रंग 

जॉब का पहला दिन : कर्तव्य के साथ सेवा की शुरुआत 

वर्ष 2018 का वह दिन आज भी मेरी स्मृतियों में ताजा है, जब मैंने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की जालौन जनपद स्थित कोच शाखा में एग्रीकल्चर एवं वित्त अधिकारी के रूप में अपने जीवन की नई शुरुआत की। वह मेरे...
विशेष लेख  शब्द रंग 

लेखकों का बाजार

आज के वक़्त में जब कि सारी दुनिया ही एक बाजार बनती जा रही हो तो फिर हमारे साहित्य की दुनिया ही भला कैसे इस बाजार ‘भाव’ से अछूती रह सकती है। यहां लेखकों के भाव स्थापित करने से लेकर...
विशेष लेख  शब्द रंग 

क्यों स्मार्ट दिखना चाहते हैं अधेड़ हिन्दुस्तानी!

भारत में एक अलग तरह की क्रांति दस्तक दे रही है। मध्यम आयु वर्ग के पुरुष और महिलाएं अब अपने आपको अधिक आकर्षक और आत्मविश्वासपूर्ण बनाने के लिए चेहरे की एडवांस सर्जरी करवा रहे हैं। समय के साथ बढ़ती उम्र,...
विशेष लेख  शब्द रंग 

अखबारों के ‘सेवक’ और बाल मन के पारखी: डॉ. निरंकार देव 

साहित्य की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं, जो केवल कागजों पर नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के चरित्र में जीवित रहते हैं। बरेली की साहित्यिक विरासत के ऐसे ही एक अनमोल रत्न थे डॉ. निरंकार देव सेवक, जिसने...
विशेष लेख  शब्द रंग 

बावनी इमली : वह पेड़ जिस पर क्रांतिकारियों को दी गई थी फांसी

जब भी 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम की चर्चा होती है, हमारे मन में कुछ तयशुदा नाम उभरते हैं, जैसे रानी लक्ष्मी बाई, मंगल पांडेय, नाना साहब पेशवा आदि। इतिहास की किताबों ने इन्हें बड़े और उभरे अक्षरों में लिखा...
विशेष लेख  शब्द रंग 

जॉब का पहला दिन : एक नई सोच को स्थापित करने वाला पहला कदम

जीवन में कुछ पल ऐसे होते हैं, जो बिना किसी पूर्व सूचना के आ जाते हैं और आपने कभी सपने में भी नहीं सोचा होता है कि इसी राह पर आपका करियर बनेगा, पर नियति आपको उसी दिशा में मोड़...
विशेष लेख  शब्द रंग