योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला : बहराइच के आपदा प्रभावित 136 परिवारों का सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास
नदी–वन्य क्षेत्र से घिरे भरथापुर गांव का होगा विस्थापन, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मिलेंगे पक्के मकान
राज्य ब्यूरो/लखनऊ, अमृत विचार। बहराइच के राजस्व ग्राम भरथापुर में आपदा के स्थायी खतरे को देखते हुए प्रदेश सरकार ने 136 प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के क्रम में गुरुवार को कैबिनेट ने गांव को विस्थापित कर सुरक्षित स्थान पर बसाने की योजना को मंजूरी दे दी। पुनर्वास के बाद नई बसाई जाने वाली बस्ती का नामकरण मुख्यमंत्री की अनुमति से किया जाएगा।
भरथापुर गांव एक ओर गेरुआ नदी, दूसरी ओर कौड़ियाल नदी से घिरा है, जबकि उत्तर दिशा में वन्य जीव क्षेत्र और नेपाल सीमा स्थित है। सड़क संपर्क न होने के कारण ग्रामीणों को नाव से आवाजाही करनी पड़ती है, जिससे जान-माल का लगातार खतरा बना रहता है। 29 अक्टूबर 2025 को कौड़ियाल नदी में नाव पलटने से नौ लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री ने 2 नवंबर 2025 को हवाई सर्वेक्षण कर प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की घोषणा की थी, जिस पर अब कैबिनेट की औपचारिक मुहर लग गई है।
आपदा प्रभावित परिवारों को ग्राम पंचायत सेमरहना, तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) में पुनर्वासित किया जाएगा। इसके लिए लगभग 1.70 हेक्टेयर भूमि राजस्व विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। प्रत्येक परिवार को अलग आवासीय प्लॉट के साथ मुख्यमंत्री/प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का मकान मिलेगा। नई बस्ती में सड़क, नाली, सीसी रोड, स्ट्रीट लाइट और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वन विभाग से पैकेज ले चुके परिवारों को इसके अतिरिक्त यह पुनर्वास लाभ भी दिया जाएगा।
पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित 99 हिंदू बंगाली परिवारों का होगा स्थायी पुनर्वासन
प्रदेश सरकार ने पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) से विस्थापित होकर उत्तर प्रदेश में रह रहे हिंदू बंगाली परिवारों के स्थायी पुनर्वासन को लेकर अहम और मानवीय निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जनपद मेरठ से जुड़े इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
यह प्रकरण मेरठ जिले की तहसील मवाना के ग्राम नंगला गोसाई से संबंधित है, जहां झील की भूमि पर लंबे समय से अवैध रूप से निवास कर रहे 99 हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वासन का निर्णय लिया गया है। कैबिनेट के फैसले के अनुसार, इन सभी परिवारों को जनपद कानपुर देहात की रसूलाबाद तहसील में बसाया जाएगा। पुनर्वासन के तहत ग्राम भैंसाया में पुनर्वास विभाग के नाम दर्ज 11.1375 हेक्टेयर (27.5097 एकड़) भूमि पर 50 परिवारों तथा ग्राम ताजपुर तरसौली में पुनर्वास विभाग के नाम अंकित 10.530 हेक्टेयर (26.009 एकड़) भूमि पर शेष 49 परिवारों को बसाया जाएगा।
प्रत्येक परिवार को 0.50 एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी। यह भूमि प्रीमियम अथवा लीज रेंट पर 30 वर्ष के पट्टे पर दी जाएगी, जिसे आगे 30-30 वर्ष के लिए नवीनीकृत किया जा सकेगा। इस प्रकार पट्टे की अधिकतम अवधि 90 वर्ष होगी। सरकार का कहना है कि इस निर्णय से पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित होगा और विस्थापित परिवारों को सम्मानजनक, सुरक्षित और स्थायी जीवन मिलेगा।
