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शक्ति उपासना का केंद्र शक्तिपीठ मां देवीपाटन मंदिर
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By Anjali Singh
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जनपद के तुलसीपुर तहसील के पाटन गांव में स्थित मां देवीपाटन मंदिर हिंदू धर्म के प्रसिद्ध 51 शक्तिपीठों में से एक है, जहां माता सती के शरीर का पवित्र भाग गिरा था और यही कारण है...
पौराणिक कथा: निष्काम प्रेम व अटूट निष्ठा की शक्ति
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By Anjali Singh
एक बार वृंदावन में ऐसा समय आया जब नंदलाल अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। उनकी बीमारी देखकर पूरे ब्रज में चिंता का वातावरण फैल गया। अनेक प्रकार की दवाएं और जड़ी-बूटियां आजमाई गईं, लेकिन किसी भी उपाय से...
बोध कथा : कालदेव और समय का वरदान
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By Anjali Singh
प्राचीन काल की बात है। हिमालय की तराई में एक छोटा-सा नगर था, जहाँ सत्यपाल नाम का एक साधारण किंतु परिश्रमी व्यक्ति रहता था। वह अत्यंत धर्मपरायण था, पर उसके मन में एक दुर्बलता थी। वह दूसरों की उन्नति देखकर...
नाथ नगरी में इतिहास का पुनर्जागरण
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By Anjali Singh
नाथ नगरी बरेली एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। देशव्यापी यात्रा के अंतर्गत, पावन सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के 1000 वर्षों तक संरक्षित रहे अवशेष, 30 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेंगे और 6 अप्रैल को...
होलाष्टक : अशुभ काल या आध्यात्मिक साधना का अवसर
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By Anjali Singh
होली का त्योहार हिंदू धर्म में न केवल रंगों के उल्लास, बल्कि गहरी आध्यात्मिक मान्यताओं का भी प्रतीक है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन किया जाता है। पूर्णिमा से आठ दिन पूर्व यानी फाल्गुन...
पौराणिक कथा: स्वयं मुक्त, वही मुक्तकर्ता
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By Anjali Singh
प्राचीन समय की बात है, एक शक्तिशाली राजा के मन में मोक्ष की तीव्र अभिलाषा जागी। उसने अपने राजपंडित को दरबार में बुलाया और एक कठिन चुनौती रखी। राजा ने कहा, “मैंने सुना है कि शुकदेव जी ने राजा परीक्षित...
मनुष्य की मानसिक परिस्थितियों पर निर्भर है हार-जीत
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By Anjali Singh
भारतीय संस्कृति में एक अत्यंत गूढ़ और सार्थक पंक्ति कही गई है-‘मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।’ इसका आशय यह है कि जीवन में हार व जीत का वास्तविक निर्धारक बाहरी परिस्थितियां नहीं, बल्कि मन की स्थिति...
बोधकथा: संस्कारों का प्रभाव
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By Anjali Singh
चौथी कक्षा में पढ़ने वाला नन्हा सुबोध केवल किताबों का ही नहीं, बल्कि जीवन दर्शन का भी विद्यार्थी था। रात्रि की धार्मिक पाठशाला ने उसके भीतर वे बीज बो दिए थे, जो बड़ों-बड़ों के पास नहीं होते। एक शाम नियति...
कुंडली में मंगल दोष को ऐसे करें दूर
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By Anjali Singh
हमारी कुंडली में मंगल अनुकूल न हो, तो हमें मंगल के कारण कष्ट हो सकते हैं। मंगल शनि, राहु, केतु या हर्षल की दृष्टि में हो, वक्री हो या कुंडली में दूसरे, चौथे, छठे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में...
क्यों लगता है मृत्यु से डर
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By Anjali Singh
मृत्यु जीवन का विश्राम स्थली हैं, जहां जीवात्मा अपनी थकान दूर करती, नये जीवन के लिए शक्ति प्रदान करती है। थकान दूर करने के लिए विश्राम तो नित्य ही करते हैं। पुनः नई शक्ति एवं स्फूर्ति से दैनिक कार्यों में...
सास-बहू का रिश्ता : वास्तु शास्त्र से सामंजस्य की राह
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By Anjali Singh
हर परिवार में सास-बहू का बंधन अनमोल होता है, लेकिन कभी-कभी छोटे-मोटे मतभेद इसकी मिठास कम कर देते हैं। वास्तु शास्त्र कहता है कि घर की दिशाओं में संतुलन लाकर दोनों पक्षों से प्रयास करने पर ये रिश्ता और मजबूत...
बोध कथा: ईमानदारी का फल
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By Anjali Singh
एक था चेकपोस्ट का अधिकारी, धीरज। वह अत्यंत ईमानदार, संतोषी और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति था। भ्रष्टाचार के इस युग में ऐसे व्यक्ति का जीवन आसान नहीं होता। चारों ओर से समझौते की नीति अपनाने का दबाव रहता, छोटे-बड़े लोग तरह-तरह से...
