अंतस

शक्ति उपासना का केंद्र शक्तिपीठ मां देवीपाटन मंदिर

शक्ति उपासना का केंद्र शक्तिपीठ मां देवीपाटन मंदिर
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जनपद के तुलसीपुर तहसील के पाटन गांव में स्थित मां देवीपाटन मंदिर हिंदू धर्म के प्रसिद्ध 51 शक्तिपीठों में से एक है, जहां माता सती के शरीर का पवित्र भाग गिरा था और यही कारण है...

पौराणिक कथा: निष्काम प्रेम व अटूट निष्ठा की शक्ति

एक बार वृंदावन में ऐसा समय आया जब नंदलाल अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। उनकी बीमारी देखकर पूरे ब्रज में चिंता का वातावरण फैल गया। अनेक प्रकार की दवाएं और जड़ी-बूटियां आजमाई गईं, लेकिन किसी भी उपाय से...
धर्म संस्कृति  विशेष लेख  अंतस 

बोध कथा : कालदेव और समय का वरदान

प्राचीन काल की बात है। हिमालय की तराई में एक छोटा-सा नगर था, जहाँ सत्यपाल नाम का एक साधारण किंतु परिश्रमी व्यक्ति रहता था। वह अत्यंत धर्मपरायण था, पर उसके मन में एक दुर्बलता थी। वह दूसरों की उन्नति देखकर...
धर्म संस्कृति  विशेष लेख  अंतस 

नाथ नगरी में इतिहास का पुनर्जागरण

नाथ  नगरी बरेली एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। देशव्यापी यात्रा के अंतर्गत, पावन सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के 1000 वर्षों तक संरक्षित रहे अवशेष, 30 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेंगे और 6 अप्रैल को...
धर्म संस्कृति  विशेष लेख  अंतस 

होलाष्टक : अशुभ काल या आध्यात्मिक साधना का अवसर

होली का त्योहार हिंदू धर्म में न केवल रंगों के उल्लास, बल्कि गहरी आध्यात्मिक मान्यताओं का भी प्रतीक है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन किया जाता है। पूर्णिमा से आठ दिन पूर्व यानी फाल्गुन...
धर्म संस्कृति  विशेष लेख  अंतस 

पौराणिक कथा: स्वयं मुक्त, वही मुक्तकर्ता

प्राचीन समय की बात है, एक शक्तिशाली राजा के मन में मोक्ष की तीव्र अभिलाषा जागी। उसने अपने राजपंडित को दरबार में बुलाया और एक कठिन चुनौती रखी। राजा ने कहा, “मैंने सुना है कि शुकदेव जी ने राजा परीक्षित...
धर्म संस्कृति  विशेष लेख  अंतस 

मनुष्य की मानसिक परिस्थितियों पर निर्भर है हार-जीत

भारतीय संस्कृति में एक अत्यंत गूढ़ और सार्थक पंक्ति कही गई है-‘मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।’ इसका आशय यह है कि जीवन में हार व जीत का वास्तविक निर्धारक बाहरी परिस्थितियां नहीं, बल्कि मन की स्थिति...
धर्म संस्कृति  विशेष लेख  अंतस 

बोधकथा: संस्कारों का प्रभाव

चौथी कक्षा में पढ़ने वाला नन्हा सुबोध केवल किताबों का ही नहीं, बल्कि जीवन दर्शन का भी विद्यार्थी था। रात्रि की धार्मिक पाठशाला ने उसके भीतर वे बीज बो दिए थे, जो बड़ों-बड़ों के पास नहीं होते। एक शाम नियति...
धर्म संस्कृति  विशेष लेख  अंतस 

कुंडली में मंगल दोष को ऐसे करें दूर

हमारी कुंडली में मंगल अनुकूल न हो, तो हमें मंगल के कारण कष्ट हो सकते हैं। मंगल शनि, राहु, केतु या हर्षल की दृष्टि में हो, वक्री हो या कुंडली में दूसरे, चौथे, छठे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में...
धर्म संस्कृति  विशेष लेख  अंतस 

क्यों लगता है मृत्यु से डर

मृत्यु जीवन का विश्राम स्थली हैं, जहां जीवात्मा अपनी थकान दूर करती, नये जीवन के लिए शक्ति प्रदान करती है। थकान दूर करने के लिए विश्राम तो नित्य ही करते हैं। पुनः नई शक्ति एवं स्फूर्ति से दैनिक कार्यों में...
धर्म संस्कृति  विशेष लेख  अंतस 

सास-बहू का रिश्ता : वास्तु शास्त्र से सामंजस्य की राह

हर परिवार में सास-बहू का बंधन अनमोल होता है, लेकिन कभी-कभी छोटे-मोटे मतभेद इसकी मिठास कम कर देते हैं। वास्तु शास्त्र कहता है कि घर की दिशाओं में संतुलन लाकर दोनों पक्षों से प्रयास करने पर ये रिश्ता और मजबूत...
धर्म संस्कृति  विशेष लेख  अंतस 

बोध कथा: ईमानदारी का फल

एक था चेकपोस्ट का अधिकारी, धीरज। वह अत्यंत ईमानदार, संतोषी और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति था। भ्रष्टाचार के इस युग में ऐसे व्यक्ति का जीवन आसान नहीं होता। चारों ओर से समझौते की नीति अपनाने का दबाव रहता, छोटे-बड़े लोग तरह-तरह से...
धर्म संस्कृति  विशेष लेख  अंतस