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बोध कथा : सच्ची दौलत
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By Anjali Singh
एक छोटे से गांव में दो मित्र रहते थे- मोहन और सोहन। दोनों बचपन से साथ पढ़े, खेले और बड़े हुए। समय के साथ मोहन मेहनत करके एक सफल व्यापारी बन गया, जबकि सोहन गांव में रहकर खेती करने लगा।...
Amarnath Yatra 2026: 'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, बालटाल और नुनवान बेस कैंप से रवाना हुए श्रद्धालु
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By Muskan Dixit
बारिश के बीच दोनों मार्गों से श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना, 57 दिनों तक चलने वाली यात्रा 28 अगस्त को होगी संपन्न।
निरंतर बदलता रहा है मन
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By Anjali Singh
मनुष्य का सबसे बड़ा भ्रम है कि वह खुद को वही मान लेता है, जो बदलता रहता है, जैसे शरीर, भावनाएं या विचार। जब बदलने वाली चीजों को हम अपनी पहचान मान लेते हैं, तो दु:ख हमारी नियति बन जाता...
एआई, क्वांटम विज्ञान और सनातन दर्शन
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By Anjali Singh
वर्तमान दर्शन के अनुसार मानव जीवन में अनंत काल से ही अपने अस्तित्व को लेकर जिज्ञासा रही है। जीवन का यह कौतूहल कि यह जीवन कहां से आया? इस जीवन के बाद क्या है और इसे बनाने वाला कौन है?...
श्रद्धालुओं में आस्था का केंद्र मुक्तिनाथ धाम
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By Anjali Singh
नेपाल का मुस्तांग जिला इन दिनों मुख्यतः दो कारणों से सुर्खियों में है। एक, यहां के लंबे और ऊंचे पहाड़ के बड़े हिस्से में यूरेनियम सहित बेशकीमती धातुओं की उपलब्धता और दूसरे हिंदू और बौद्ध समुदाय के आस्था का केंद्र...
बोध कथा : स्वयं को तराशना
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By Anjali Singh
एक दिन उनका एक युवा शिष्य कीर्ति, जिससे सोमदेव बहुत स्नेह करते थे, अपनी उत्सुकता रोक नहीं पाया। उसने हाथ जोड़कर प्रार्थना की- “गुरुदेव! मैंने वर्षों आपसे मूर्तिकला सीखी है। मुझे धन का लोभ नहीं है, पर मेरी आत्मा यह...
गर्भाधान संस्कार की प्रासंगिकता
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By Anjali Singh
सामान्य अर्थ में संस्कार का अर्थ है निखारना, जिस क्रिया के द्वारा किसी वस्तु के दोष, मैल और अशुद्धि को दूर करके उसमें गुणों का आधान किया जाए, उसे संस्कार कहा जाता है। जैसे सुनार सोने को तपाकर और शुद्ध...
बहुत शुभ होती है वैजयंती की माला
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By Anjali Singh
हिंदू देवताओं में वैजयंती के फूल भगवान विष्णु को बहुत पसंद हैं। शंख चक्र, गदा और पद्म के साथ वह गले में वैजयंती फूलों की माला भी पहनते हैं। विष्णु के अवतारों को भी वैजयंती की माला पसंद है। वैजयंती...
अयोध्या की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा
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By Anjali Singh
अयोध्या केवल भगवान श्रीराम की जन्मभूमि ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और सभ्यता का जीवंत केंद्र भी रही है। सदियों के उतार-चढ़ाव और ऐतिहासिक परिवर्तनों के बीच इसकी अनेक प्राचीन धरोहरें समय की धूल में ओझल होती चली गईं।...
क्यों वर्जित है सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना
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By Anjali Singh
वास्तु शास्त्र में झाड़ू को केवल सफाई का साधन नहीं माना गया है, बल्कि इसे माता लक्ष्मी का प्रतीक भी माना जाता है। यही कारण है कि झाड़ू के उपयोग और उसके रख-रखाव से जुड़े कुछ विशेष नियम बताए गए...
प्रेरक कथा : विषयों में दुर्गंध
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By Anjali Singh
एक धर्मनिष्ठ राजा एक महात्मा की पर्णकुटी पर जाया करते थे। उन्होंने एक बार महात्मा को अपने महल में पधारने के लिए विनती की, परंतु महात्मा ने यह कहकर टाल दिया कि मुझे तुम्हारे महल में बड़ी दुर्गंध आती है,...
ज्योतिष शास्त्रोक्त विज्ञान
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By Anjali Singh
सनातन काल से ही मनुष्य को अपने भविष्य को पूर्व में ही जान लेने की इच्छा रही है। व्यक्ति किसी भी स्तर का हो कितना ही ज्ञानी अथवा पढ़ा लिखा हो डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस हो किसी भी धर्म का हो,...
