अंतस

बोध कथा : सच्ची दौलत

 बोध कथा : सच्ची दौलत
एक छोटे से गांव में दो मित्र रहते थे- मोहन और सोहन। दोनों बचपन से साथ पढ़े, खेले और बड़े हुए। समय के साथ मोहन मेहनत करके एक सफल व्यापारी बन गया, जबकि सोहन गांव में रहकर खेती करने लगा।...

Amarnath Yatra 2026: 'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, बालटाल और नुनवान बेस कैंप से रवाना हुए श्रद्धालु

बारिश के बीच दोनों मार्गों से श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना, 57 दिनों तक चलने वाली यात्रा 28 अगस्त को होगी संपन्न।
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निरंतर बदलता रहा है मन 

मनुष्य का सबसे बड़ा भ्रम है कि वह खुद को वही मान लेता है, जो बदलता रहता है, जैसे शरीर, भावनाएं या विचार। जब बदलने वाली चीजों को हम अपनी पहचान मान लेते हैं, तो दु:ख हमारी नियति बन जाता...
धर्म संस्कृति  विशेष लेख  अंतस 

एआई, क्वांटम विज्ञान और सनातन दर्शन

वर्तमान दर्शन के अनुसार मानव जीवन में अनंत काल से ही अपने अस्तित्व को लेकर जिज्ञासा रही है। जीवन का यह कौतूहल कि यह जीवन कहां से आया? इस जीवन के बाद क्या है और इसे बनाने वाला कौन है?...
धर्म संस्कृति  विशेष लेख  अंतस 

श्रद्धालुओं में आस्था का केंद्र मुक्तिनाथ धाम

नेपाल का मुस्तांग जिला इन दिनों मुख्यतः दो कारणों से सुर्खियों में है। एक, यहां के लंबे और ऊंचे पहाड़ के बड़े हिस्से में यूरेनियम सहित बेशकीमती धातुओं की उपलब्धता और दूसरे हिंदू और बौद्ध समुदाय के आस्था का केंद्र...
धर्म संस्कृति  विशेष लेख  अंतस 

बोध कथा : स्वयं को तराशना

एक दिन उनका एक युवा शिष्य कीर्ति, जिससे सोमदेव बहुत स्नेह करते थे, अपनी उत्सुकता रोक नहीं पाया। उसने हाथ जोड़कर प्रार्थना की- “गुरुदेव! मैंने वर्षों आपसे मूर्तिकला सीखी है। मुझे धन का लोभ नहीं है, पर मेरी आत्मा यह...
धर्म संस्कृति  विशेष लेख  अंतस 

गर्भाधान संस्कार की प्रासंगिकता  

सामान्य अर्थ में संस्कार का अर्थ है निखारना, जिस क्रिया के द्वारा किसी वस्तु के दोष, मैल और अशुद्धि को दूर करके उसमें गुणों का आधान किया जाए, उसे संस्कार कहा जाता है। जैसे सुनार सोने को तपाकर और शुद्ध...
धर्म संस्कृति  विशेष लेख  अंतस 

बहुत शुभ होती है वैजयंती की माला

हिंदू देवताओं में वैजयंती के फूल भगवान विष्णु को बहुत पसंद हैं। शंख चक्र, गदा और पद्म के साथ वह गले में वैजयंती फूलों की माला भी पहनते हैं। विष्णु के अवतारों को भी वैजयंती की माला पसंद है। वैजयंती...
धर्म संस्कृति  विशेष लेख  अंतस 

अयोध्या की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा

अयोध्या केवल भगवान श्रीराम की जन्मभूमि ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और सभ्यता का जीवंत केंद्र भी रही है। सदियों के उतार-चढ़ाव और ऐतिहासिक परिवर्तनों के बीच इसकी अनेक प्राचीन धरोहरें समय की धूल में ओझल होती चली गईं।...
धर्म संस्कृति  विशेष लेख  अंतस 

क्यों वर्जित है सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना

वास्तु शास्त्र में झाड़ू को केवल सफाई का साधन नहीं माना गया है, बल्कि इसे माता लक्ष्मी का प्रतीक भी माना जाता है। यही कारण है कि झाड़ू के उपयोग और उसके रख-रखाव से जुड़े कुछ विशेष नियम बताए गए...
धर्म संस्कृति  विशेष लेख  अंतस 

प्रेरक कथा : विषयों में दुर्गंध

एक धर्मनिष्ठ राजा एक महात्मा की पर्णकुटी पर जाया करते थे। उन्होंने एक बार महात्मा को अपने महल में पधारने के लिए विनती की, परंतु महात्मा ने यह कहकर टाल दिया कि मुझे तुम्हारे महल में बड़ी दुर्गंध आती है,...
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ज्योतिष शास्त्रोक्त विज्ञान

सनातन काल से ही मनुष्य को अपने भविष्य को पूर्व में ही जान लेने की इच्छा रही है। व्यक्ति किसी भी स्तर का हो कितना ही ज्ञानी अथवा पढ़ा लिखा हो डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस हो किसी भी धर्म का हो,...
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