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वसंत पंचमी : प्रकृति के नवोन्मेष और ज्ञान की आराधना का पर्व
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By Anjali Singh
वसंत पंचमी भारतीय संस्कृति में एक बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला त्योहार है, जिसमें हमारी परंपरा, भौगौलिक परिवर्तन, सामाजिक कार्य तथा आध्यात्मिक पक्ष सभी का सम्मिश्रण है। हिन्दू पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की...
पुरुषार्थ : मानव जीवन का मूल्याधारित लक्ष्य-संधान
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By Anjali Singh
यह धरा कर्मभूमि के नाम से जानी जाती है, जहां मनुष्य और पशु दोनों साथ-साथ विचरण करते हुए अपने-अपने प्रयोजनों की पूर्ति के लिए कर्म करते हैं, परंतु इन दोनों के कर्म में एक मौलिक अंतर है। पशु का कर्म...
पौराणिक कथा: कर्ण और धर्म का मौन उपदेश
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By Anjali Singh
महाभारत के विराट चरित्रों में कर्ण एक ऐसा नाम है, जो अपने त्याग और दानशीलता के कारण आज भी स्मरण किया जाता है। उन्हें दानवीर कहा गया, क्योंकि दान उनके लिए कोई विशेष कर्म नहीं, बल्कि जीवन की स्वाभाविक प्रवृत्ति...
बोध कथा: सेवा बिना साधना अधूरी
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By Anjali Singh
एक बार संत ज्ञानेश्वर महाराज प्रातः काल नदी तट पर भ्रमण के लिए निकले। नदी के पास उन्होंने देखा कि एक बालक पानी में गोते लगा रहा है। कुछ दूरी पर एक संन्यासी आंखें मूंदे ध्यानमग्न बैठा था। तभी अचानक...
गढ़ मुक्तेश्वर स्थित प्राचीन गंगा मंदिर का रहस्य
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By Anjali Singh
भोले शिवशंकर की महिमा को समझ पाना वैसे, तो किसी के वश की बात नहीं। धर्मशास्त्रों में तो इस बात का उल्लेख मिलता ही है। वर्तमान समय में भी शिव साधकों और उपासकों के कई ऐसे उदाहरण भी देखने को...
बोध कथा: झूठे ब्रह्मज्ञान की सच्चाई
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By Anjali Singh
एक नगर में एक अत्यंत धर्मप्रिय और प्रजावत्सल राजा का शासन था। राजा अपनी प्रजा को परिवार के समान मानता था और उनके सुख-दुख में सदैव साथ खड़ा रहता था। दुर्भाग्यवश एक वर्ष नगर में भयंकर महामारी फैल गई। रोग...
सूर्य की उपासना का पर्व मकर संक्रांति
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By Anjali Singh
कलयुग में पांच प्रत्यक्ष देवता है, जिनको हम अपने नेत्रों से साक्षात दर्शन कर सकते है- सूर्य, चंद, गंगा, यमुना और गोवर्धन पर्वत। इनमें सूर्य सबसे प्रमुख हैं। सूर्य तो सूर्य ही है, सूर्य सब ग्रहों का राजा है। सूर्य...
मकर संक्रांति पर राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव और उपाय, जानें आपकी जिंदगी पर क्या होगा इसका असर
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By Anjali Singh
मेष राशि सूर्य लग्न भाव गोचर से आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। सरकारी नौकरी में प्रमोशन, राजनीति-व्यापार में नेतृत्व उभरेगा, स्वास्थ्य उत्कृष्ट रहेगा, लेकिन अहंकार से बचें। पारिवारिक सम्मान बढ़ेगा। उपाय: प्रातः सूर्योदय पर तांबे लोटे से लाल चंदन-जल अर्घ्य दें...
पौराणिक कथा: तपस्या के साए में जन्मी सवारी
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By Anjali Singh
शेर के मां दुर्गा का वाहन बनने की कथा भारतीय पौराणिक परंपरा में तप, त्याग और करुणा की अद्भुत मिसाल है। इस कथा का आरंभ उस समय होता है, जब माता पार्वती भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने...
सकट व्रत : लोक संस्कृति की पावन परंपरा
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By Anjali Singh
भारतीय सनातन संस्कृति में व्रत-पर्वों का अद्वितीय महत्व है। इन्हीं पावन व्रतों में से एक है ‘तिलकुटी व्रत’ या ‘सकट चौथ’, जो भगवान गणेश जी को समर्पित है। यह व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि को विशेष विधि-विधान...
अधिकमास का है यह साल
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By Anjali Singh
हिंदी पंचांग के अनुसार 2026 अधिकमास वाला साल है। अधिकमास में आठ साल बाद दो ज्येष्ठ माह होंगे, जबकि पिछली बार अधिमास में दो सावन पड़ थे। इस तरह साल 2026 13 माह का रहेगा। इसमें पिछले साल की अपेक्षा...
ऋषि कश्यप
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By Anjali Singh
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महर्षि कश्यप को संपूर्ण सृष्टि का मूल सृजक माना गया है। यही कारण है कि कश्यप केवल एक महापुरुष ही नहीं, बल्कि एक व्यापक गोत्र का नाम भी हैं। परंपरा कहती है कि जिस व्यक्ति का...
