अंतस

पौराणिक कथा : सत्य और भक्ति की परीक्षा

पौराणिक कथा :  सत्य और भक्ति की परीक्षा
प्राचीन समय में एक गरीब ब्राह्मण भगवान श्रीकृष्ण का परम भक्त था। वह प्रतिदिन नदी से जल लाकर मंदिर में भगवान का अभिषेक करता और सच्चे मन से पूजा करता था। उसके पास धन-संपत्ति नहीं थी, फिर भी वह कभी...

अधिक मास : सौर और चंद्र गणना का संतुलन

धर्म ग्रंथों के अनुसार तीन वर्ष में एक बार पुरुषोत्तम मास आता है। इसे अधिक मास भी कहते है। पहले हम ये जान लेते हैं कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिस मास में अमावस्या से अमावस्या के बीच में कोई...
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भगवान शांतिनाथ के अद्वितीय संदेश प्रकाश स्तंभ

जैन धर्म के सोलहवें तीर्थंकर भगवान श्री 1008 शांतिनाथ जी का जीवन मानवता के लिए शांति, करुणा और आत्मसंयम का अद्वितीय संदेश देता है। उनका नाम ही शांतिनाथ इस बात का प्रतीक है, उन्होंने अपने जीवन और उपदेशों के माध्यम...
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रामवाटिका : जहां तुलसी की वाणी में उतरा था बालराम का सौंदर्य

मौजूद है सुंदरकांड की पांडुलिपि दुलही गांव में रामचरित मानस के सुंदरकांड की पांडुलिपि जागेश्वर दयाल तिवारी के परिवार में सुरक्षित है। बताया जाता है कि अटकोहना निवासी पंडित भवानी प्रसाद तिवारी को तुलसीदास ने पांडुलिपि उपहार में दी थी।...
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सौभाग्य और पतिव्रता का महापर्व वट सावित्री व्रत

ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या वट सावित्री अमावस्या कहलाती है। इस दिन सौभाग्यवती महिलाएं अखंड सौभाग्य प्राप्त करने के लिए वट सावित्री व्रत रखकर वटवृक्ष तथा यमदेव की पूजा करती हैं। भारतीय संस्कृति में यह व्रत आदर्श नारीत्व...
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सोमनाथ : आस्था संकल्प और पुनर्जागरण की अनंत धारा

हन्यते हन्यमाने शरीरे अर्थात शरीर के नष्ट होने पर भी आत्मा नष्ट नहीं होती। श्रीमद्भगवद्गीता के इस श्लोक में निहित भाव और भारतीय सभ्यता की सनातन चेतना का सबसे जीवंत स्वरूप गुजरात के काठियावाड़ क्षेत्र के दक्षिणी तट पर स्थित...
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पीपल के नीचे दीपक जलाने से जीवन में आती है समृद्धि

पीपल के पेड़ के नीचे पांच मुखी (पंचमुखी) दीपक जलाना ज्योतिषीय और धार्मिक रूप से अत्यंत शुभ माना जाता है, जो मुख्य रूप से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैया के अशुभ प्रभावों को कम करता है। यह शनिवार को धन-समृद्धि,...
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पौराणिक कथा : गांधारी को 100 पुत्रों का वरदान 

हस्तिनापुर समय के साथ आगे बढ़ रहा था। माता सत्यवती और पितामह भीष्म अब अतीत की स्मृतियों को पीछे छोड़ वर्तमान में स्थिर हो चुके थे। भीष्म ने अपनी महान प्रतिज्ञा के अनुसार स्वयं को पूरी तरह हस्तिनापुर और उसके...
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बोध कथा:पत्थर और बांसुरी 

एक बहुत ही कुशल मूर्तिकार था, जो पहाड़ों से पत्थर चुनकर सुंदर मूर्तियां बनाया करता था। एक दिन वह जंगल में गया और उसे दो बड़े पत्थर मिले। उसने सोचा, इनसे मैं दो महान कलाकृतियां बनाऊंगा। उसने पहले पत्थर पर...
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योग-साधना की चरम अवस्था है समाधि

साधना का सार है समाधि। सर्वस्व है, उपसंहार है। निष्कर्ष है। फल है। प्रतिफल है। परिणाम है। समाधि दो शब्दों से मिलकर बना है- सम और धी। सम यानि सम्यक या एक जैसा होना। धी यानी बुद्धि या प्रज्ञा। इस...
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बोध कथा : खाली कटोरे का सच

एक छोटे से गांव में हरिदास नाम का एक वृद्ध संत रहता था। लोग दूर-दूर से उसके पास अपनी समस्याएं लेकर आते और संत उन्हें सरल शब्दों में जीवन का मार्ग दिखाते। एक दिन एक धनवान व्यापारी उसके पास आया।...
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पौराणिक कथा: जहां भाव, वहां भगवान

बहुत समय पहले वृंदावन में एक कृष्णदास नाम के बाबा रहते थे। एक बार उन्होंने किसी ग्रंथ में पढ़ा कि यदि कोई सेवा बिना नागा किए लगातार बारह वर्ष तक की जाए, तो साधक को मनचाहा फल अवश्य मिलता है।...
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