बाराबंकी : भूमि अधिग्रहण का किसानों ने किया विरोध, सर्किल रेट बढ़ाने की मांग

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Published By Deepak Mishra
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हैदरगढ़/बाराबंकी, अमृत विचार। औद्योगिक गलियारे के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर तहसीलदार कविता ठाकुर की अध्यक्षता में ग्राम सतरही के पंचायत भवन में यूपीडा अधिकारियों और किसानों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में किसानों ने सर्किल रेट कम होने और जबरन भूमि अधिग्रहण का विरोध करते हुए अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।

किसानों ने बताया कि वर्ष 2010 में बम्हरौली, घरकुंइया, सतरही, बहरामपुर, पेचरुआ और अंदऊमऊ गांवों का सर्किल रेट मात्र 8 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर था। वर्ष 2015 में अंदऊमऊ का सर्किल रेट 17 लाख, घरकुंइया व सतरही का 20 लाख तथा बम्हरौली व बहरामपुर का 22 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर किया गया, लेकिन इसके बाद 11 वर्ष बीतने के बावजूद इन पांच गांवों का सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया है, जबकि अन्य गांवों का रेट बढ़ा दिया गया है।

किसानों ने विशेष रूप से अंदऊमऊ पंचायत के राजस्व गांव मालिनपुर का उदाहरण देते हुए बताया कि जहां 2026 में मालिनपुर का सर्किल रेट 26 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है, वहीं अंदऊमऊ का रेट 2015 से यथावत है। किसानों ने मांग की कि खेती पर निर्भर परिवारों की जमीन न ली जाए और चकबंदी प्रक्रिया के माध्यम से किसानों की भूमि को एक ओर कर शेष भूमि पर उद्योग स्थापित किया जाए।

किसानों ने अधिकारियों से आग्रह किया कि उनकी आपत्तियों को शासन तक पहुंचाया जाए। किसानों ने विश्वास जताया कि हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार केवल सहमति देने वाले किसानों की ही जमीन ली जाएगी और किसी भी किसान की भूमि जबरन अधिग्रहित नहीं की जाएगी। बैठक में सैकड़ों किसानों ने लिखित आपत्तियां प्रस्तुत कीं।

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