मकर संक्रांति पर राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव और उपाय, जानें आपकी जिंदगी पर क्या होगा इसका असर

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Published By Anjali Singh
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मेष राशि

सूर्य लग्न भाव गोचर से आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। सरकारी नौकरी में प्रमोशन, राजनीति-व्यापार में नेतृत्व उभरेगा, स्वास्थ्य उत्कृष्ट रहेगा, लेकिन अहंकार से बचें। पारिवारिक सम्मान बढ़ेगा। 

उपाय: प्रातः सूर्योदय पर तांबे लोटे से लाल चंदन-जल अर्घ्य दें (21 बार), 7 मुखी रुद्राक्ष गले में धारण करें, काले तिल-गुड़-गेहूं का दान करें। 

वास्तु: घर का मुख्य द्वार लाल रंग से सजाएं।

वृषभ राशि

धन भाव सक्रिय से पुरानी पूंजी से लाभ होगा , नए आय स्रोत बनेंगे, वैवाहिक सुख मधुर, निवेश (संपत्ति-शेयर) शुभ। पारिवारिक यात्रा सुखद रहेगी। 

उपाय : सफेद वस्त्र-चावल-दूध का दान, 7 अनाज (गेहूं, जौ, चना, उड़द, मूंग, तिल, चावल) का दान दें। लक्ष्मी सूक्त का पाठ करें।

वास्तु: धन कोण (उत्तर) की सफाई करें। 

मिथुन राशि

12 वें भाव गोचर से अनावश्यक खर्च (यात्रा-चिकित्सा), विदेशी अवसर, लेकिन मानसिक अशांति-नींद विकार संभव। कानूनी विवाद लंबा खिंच सकता है। 

उपाय: नहाते समय काले तिल शरीर पर मलें फिर स्नान करें। 

वास्तु: दरवाजे पर काला क्रिस्टल लटकाएं।

कर्क राशि

लाभ भाव से व्यापार-नौकरी उन्नति, जीवनसाथी-बच्चों का पूर्ण सहयोग, संतान शिक्षा में सफलता। धन संचय अच्छा रहेगा। 

उपाय: घी का दीपक मंदिर में जलाएं। 

वास्तु: मुख्य द्वार पर चंदन का लेप लगाएं। 

सिंह राशि

स्वराशि (5वें भाव) गोचर से शत्रु नाश, न्यायालय-प्रतियोगिता जीत, संतान सुख, नेतृत्व भूमिका मजबूत। बचत-अभिरुचि बढ़ेगी। 

उपाय : कपड़े दान करें, तिल-तेल का दीपक मंदिर में जलाएं। 

वास्तु : अग्नि कोण (दक्षिण-पूर्व) स्वच्छ रखें। 

कन्या राशि

नवम भाग्य भाव से धार्मिक यात्रा-पिता संबंध सुधार, लंबी दूरी यात्रा सफल, निवेश फलदायी। 

उपाय : गुड़-तिल लड्डू का सूर्यदेव को भोग लगाकर बांटें। विष्णु सहस्रनाम का जाप करें। 

वास्तु: पूर्व-उत्तर कोण साफ करें और दरवाजे पर हरा क्रिस्टल लगाएं। 

तुला राशि

अष्टम भाव से अचानक लाभ, लेकिन स्वास्थ्य-रहस्य दोष, दीर्घायु योग। व्यक्तित्व आकर्षक बनेगा। 

उपाय: सूर्य गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करें। 

वास्तु: मुख्य द्वार पर चावल के आटे से रंगोली बनाएं।

वृश्चिक राशि

सप्तम भाव से वैवाहिक सुख चरम, व्यापार साझेदारी लाभ, धनागम, लेकिन वाद-विवाद सावधान। 

उपाय: कंबल-काले तिल ब्राह्मण को दान करें, 

वास्तु : दक्षिण पश्चिम दिशा में खाली गमला रखें।

धनु राशि

षष्ठम भाव से रोग-शत्रु-ऋ ण समस्या, नौकरी प्रतिस्पर्धा कठिन, पारिवारिक तनाव। 

उपाय: गाय-कुत्ते को रोटी-गुड़ खिलाएं।

वास्तु: मकान का बरामदा साफ रखें। मुख्य द्वार पर पीला बल्ब लगाएं।

मकर राशि

लग्न गोचर से करियर चरम उन्नति, संपत्ति खरीद-प्रतिष्ठा वृद्धि। 

उपाय: तिल गुड़ का दान करें। 

वास्तु: घर की उत्तर दिशा की सफाई करें और पूर्व दिशा में स्वास्तिक लगाएं। 

कुंभ राशि

12 वें भाव से खर्च पर नियंत्रण, धीमी प्रगति लेकिन स्थिरता अंत में। 

उपाय: कौवे को भोजन खिलाएं।

वास्तु: घर की पश्चिम दिशा की सफाई करें। मुख्य द्वार पर ओम लिखें।

मीन राशि

11 वें लाभ भाव से आय वृद्धि, मित्र-भाई सहयोग, इच्छापूर्ति। 

उपाय: ब्राह्मण को वस्त्र दान करें। 

वास्तु: घर के पूर्वी हिस्से को सजाएं और साफ करें। 

-आचार्य मधुरेंद्र पाण्डेय, ज्योतिष एवं वास्तु विशेषज्ञ

 

 

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