रंगों से आगे... आत्मा के रंगों की होली
पार्थो कुनार, सीओओ/अमृत विचार। होली केवल एक ऐसा पर्व न बने जहाँ हम एक-दूसरे को रंग लगा भर दें। होली वह उत्सव बने, जहाँ हम अपनी आत्मा के रंगों में रंग जाएं। बचपन की होली आज भी स्मृतियों में उतनी ही ताज़ा है। त्योहार आने से 15-20 दिन पहले ही उसका उत्साह शुरू हो जाता था। स्कूल से लौटते ही हम मित्र शाम का इंतज़ार करते। फिर सब मिलकर कस्बे के बाहरी हिस्सों की ओर निकल पड़ते-हाथ में फावड़ा या कुल्हाड़ी जैसी कोई चीज़, सूखी टहनियाँ और लकड़ियां इकट्ठा करने के लिए। हम सूखे पेड़ों की डालियां और लकड़ियां जमा करते और एक स्थान पर उन्हें इस प्रकार सजाते जैसे कोई गुफा बना रहे हों। पूर्णिमा की रात तक हमारी होलिका दहन की तैयारी पूरी हो जाती।
हम गोबर के उपले, ईंधन और अन्य सामग्री भी एकत्र करते और मोहल्ले के लोगों को समय की सूचना देते। पूरा आयोजन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि आपसी समन्वय, सहयोग और आनंद का उत्सव होता था। समय के साथ तरीक़े भले बदल गए हों, पर होली का उत्साह आज भी वैसा ही जीवंत है। होली का आध्यात्मिक अर्थ रंगों और उल्लास से कहीं अधिक गहरा है। यह नवीनीकरण, क्षमा, समानता और आनंद का पर्व है। होलिका दहन में हम अपने भीतर की नकारात्मकता, अहंकार और कटुता को भी अग्नि को समर्पित करते हैं। इसके बाद रंगों का उत्सव जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक बन जाता है जैसे अंधकार के बाद प्रकाश।

होली की सुबह एक अद्भुत दृश्य सामने आता है। घरों, गलियों और दिलों में जैसे कोई जादू उतर आता है। चेहरे रंगों से सराबोर होते हैं, हंसी संकोच की जगह ले लेती है, और वर्षों की दूरियां भी जैसे एक दिन के लिए मिट जाती हैं। यह मुक्ति केवल बाहरी नहीं, भीतर की भी होती है और यही होली का आध्यात्मिक सार है। रंग केवल सजावट नहीं, भावनाओं और संदेशों के प्रतीक हैं। लाल ऊर्जा और प्रेम का, पीला आस्था और पवित्रता का, हरा समृद्धि और नई शुरुआत का, और नीला अनंत आकाश जैसी व्यापकता का प्रतीक है। जब हम एक-दूसरे को रंग लगाते हैं, तो अनजाने में हम शुभकामनाएं, अपनापन और सकारात्मकता भी बांटते हैं।
अमृत विचार में होली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि एक भावना
अमृत विचार में होली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि एक भावना है। हमारा प्रयास सदैव यही रहता है कि हम समाज के जीवन में सकारात्मक विचारों, निष्पक्ष समाचारों और नई सोच के सुंदर रंग भर सकें। इस पावन अवसर पर हम अपने सभी पाठकों, विज्ञापनदाताओं, वितरकों, सहयोगियों और समर्पित टीम के प्रत्येक सदस्य को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं। आइए, इस होली केवल रंग न खेलें-बल्कि मन, विचार और आत्मा को भी प्रेम, विश्वास और सद्भाव के रंगों से रंग दें। आप सभी को होली की शुभकामनाएं।
