Uttrakhand: सूर्य पर हुए विस्फोट से सौर तूफान पृथ्वी की ओर आने की संभावना

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Published By Monis Khan
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नैनीताल, अमृत विचार। अंतरिक्ष मौसम का मिजाज फिर बिगड़ सकता है। इसकी वजह सूर्य के सतह से उठा सौर तूफान हो सकता है। सौर तूफान की दिशा पृथ्वी की ओर हुई तो ब्लैक आउट और सैटेलाइट सेवाओं में कुछ पलों के लिए व्यवधान उत्पन्न होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। यह फिलामेंट विस्फोट (गर्म गैस ) बीती रात हुआ है।

सौर सक्रियता को इस बार डेढ़ वर्ष से अधिक समय गुजर चुका है और सूर्य को अब शांत हो जाना चाहिए था। पिछले सप्ताह सूर्य का पृथ्वी के सामने का हिस्सा शांत नजर आ रहा था। जिसमें एक भी सौर धब्बा नजर नहीं आ रहा था, लेकिन पीछे के हिस्से में कुछ सौर धब्बे बने हुए थे, जो अब पृथ्वी के सामने के हिस्से में पहुंच चुके हैं, उन्हें पृथ्वी से स्पष्ट देखा जा सकता है।

इनकी संख्या आधा दर्जन है। जिनमें जबरदस्त विस्फोट कभी भी हो सकते हैं। बहरहाल बीती रात सूरज की सतह पर उत्तरी गोलार्ध में प्लाज्मा यानी गर्म गैस का विस्फोट हुआ है। सूर्य की इस सक्रियता को फिलामेंट कहते हैं। जिससे सौर तूफान उठने की संभावना जताई जा रही है। बहरहाल फिलामेंट विस्फोट की ये घटना रविवार रात लगभग आठ बजे की है। जिसमें गर्म प्लाज्मा निकलना शुरु हुआ और आज सुबह 9 बजे तक जारी रहा।

सौर वैज्ञानिकों के अनुसार इस विस्फोट में प्लाज्मा का अधिकांश हिस्सा छिटककर वापस सूर्य की सतह पर गिर गया और कुछ हिस्सा सूर्य से बाहर निकल गया, जो सौर तूफान बनकर धरती की ओर आ सकता है। इससे संभव है कि पृथ्वी के कुछ जगहों पर ब्लैक आउट हो सकते हैं, साथ ही सैटलाइट संचार भी कुछ पलों के लिए प्रभावित हो सकते हैं।

अभी भी सक्रिय बना हुआ है सूर्य
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के पूर्व निदेशक व सौर वैज्ञानिक डॉ. वहाबउद्दीन के अनुसार सौर सक्रियता अप्रत्याशित ढंग से बनी हुई है। 11 वर्षीय इस सौर चक्र के सूरज पर होने वाले विस्फोटों को लेकर माना जा रहा था कि वह समय रूप से सक्रिय रहेंगे, लेकिन उम्मीदों के विपरीत सूर्य सक्रिय रहा है। इसका समय भी करीब एक से डेढ़ वर्ष होना चाहिए था, लेकिन वह समय भी पार कर चुका है। अब इसकी सतह पर गर्म प्लाज्मा विस्फोट का होना, इसकी तीव्र सक्रियता का प्रमाण है। साथ ही इससे उठे सौर तूफान की आशंका भी बनी हुई है, जो पृथ्वी तक पहुंच सकता है। बहरहाल सूर्य पर आधा दर्जन सौर कलंक बने हुए है, जो बड़े विस्फोट कर सकते है।

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