Uttrakhand: हत्या न आत्महत्या तो फिर कौन ले गया कारोबारी का मोबाइल

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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हल्द्वानी, अमृत विचार। शहर के कारोबारी अरुण सिंह बिष्ट की मौत को तीन दिन गुजर चुके हैं और अब यह साफ हो चुका है यह न तो हत्या है और न ही आत्महत्या। बल्कि हार्ट अटैक की वजह से अरुण की मौत हुई हो। इस बीच अरुण का मोबाइल गायब है और यह पूरे मामले को पेचीदा बना रहा है। पुलिस भी बड़ी शिद्दत से गायब मोबाइल का पता लगाने में जुटी है, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ है।

तल्ली हल्द्वानी निवासी अरुण सिंह बिष्ट (46) की लाश बीते शनिवार को डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय के बाहर उन्हीं की कार में मिली थी। हालांकि उनकी मौत शुक्रवार को ही हो गई थी और उस दिन सुबह से ही उनकी लाश कार में अस्पताल के बाहर खड़ी थी, लेकिन पता लगभग 24 घंटे बाद लगा। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन पुलिस प्रथम दृष्टया मृत्यु का कारण हार्ट अटैक मान रही है।

हार्ट अटैक से मौत की बात समझ में आती है, लेकिन अरुण के गायब मोबाइल ने घटना को पेचीदा बना दिया है। क्योंकि साजिशन भी हार्ट अटैक को प्लांट किया जा सकता है। ऐसे में गायब मोबाइल ही गुत्थी को सुलझा सकता है, लेकिन मोबाइल बंद है और पुलिस उसे ट्रेस करने में जुटी है।

यह भी संभव है कि मौत के बाद मोबाइल चोरी हो गया या फिर मौत से पहले। मामले की जांच में जुटे कोतवाल विजय कुमार मेहता का कहना है कि मोबाइल फोन को अभी ट्रेस नहीं किया जा सका है। सीसीटीवी फुटेज के जरिये मामले की तहत तक पहुंचने का प्रयास किया जा रही है।

कौन थे कार में झांकने वाले स्कूटी सवार
हल्द्वानी: डॉ.सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय के बाहर जहां कार खड़ी थी, वहां एक सीसीटीवी भी लगा है। पुलिस ने जब सीसीटीवी खंगालने शुरू किए तो रुकने से पहले अरुण ने कार एक बार रोकने का प्रयास किया और दूसरी बार में कार को रोक दिया। इसके बाद स्कूटी सवार दो लोग पहुंचे। उन्होंने कार के अंदर झांका और चले गए। फिर एक और स्कूटी सवार आया, उसने कार का खुला दरवाजा बंद किया और वो भी चला गया। पुलिस अभी तक यह भी पता नहीं सकी है कि कार की रेकी करने वाले स्कूटी सवार लोग कौन थे।
हत्या न आत्महत्या, कौन ले गया कारोबारी का मोबाइल


 सीसीटीवी में नजर आए तीन लोग मृतक की कार के पास दिखे
 शहर के कारोबारी अरुण सिंह बिष्ट की मौत को तीन दिन गुजर चुके हैं और अब यह साफ हो चुका है यह न तो हत्या है और न ही आत्महत्या। बल्कि हार्ट अटैक की वजह से अरुण की मौत हुई हो। इस बीच अरुण का मोबाइल गायब है और यह पूरे मामले को पेचीदा बना रहा है। पुलिस भी बड़ी शिद्दत से गायब मोबाइल का पता लगाने में जुटी है, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ है।

तल्ली हल्द्वानी निवासी अरुण सिंह बिष्ट (46) की लाश बीते शनिवार को डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय के बाहर उन्हीं की कार में मिली थी। हालांकि उनकी मौत शुक्रवार को ही हो गई थी और उस दिन सुबह से ही उनकी लाश कार में अस्पताल के बाहर खड़ी थी, लेकिन पता लगभग 24 घंटे बाद लगा। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन पुलिस प्रथम दृष्टया मृत्यु का कारण हार्ट अटैक मान रही है।

हार्ट अटैक से मौत की बात समझ में आती है, लेकिन अरुण के गायब मोबाइल ने घटना को पेचीदा बना दिया है। क्योंकि साजिशन भी हार्ट अटैक को प्लांट किया जा सकता है। ऐसे में गायब मोबाइल ही गुत्थी को सुलझा सकता है, लेकिन मोबाइल बंद है और पुलिस उसे ट्रेस करने में जुटी है।

यह भी संभव है कि मौत के बाद मोबाइल चोरी हो गया या फिर मौत से पहले। मामले की जांच में जुटे कोतवाल विजय कुमार मेहता का कहना है कि मोबाइल फोन को अभी ट्रेस नहीं किया जा सका है। सीसीटीवी फुटेज के जरिये मामले की तहत तक पहुंचने का प्रयास किया जा रही है।

कौन थे कार में झांकने वाले स्कूटी सवार
हल्द्वानी: डॉ.सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय के बाहर जहां कार खड़ी थी, वहां एक सीसीटीवी भी लगा है। पुलिस ने जब सीसीटीवी खंगालने शुरू किए तो रुकने से पहले अरुण ने कार एक बार रोकने का प्रयास किया और दूसरी बार में कार को रोक दिया। इसके बाद स्कूटी सवार दो लोग पहुंचे। उन्होंने कार के अंदर झांका और चले गए। फिर एक और स्कूटी सवार आया, उसने कार का खुला दरवाजा बंद किया और वो भी चला गया। पुलिस अभी तक यह भी पता नहीं सकी है कि कार की रेकी करने वाले स्कूटी सवार लोग कौन थे।

 

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