Uttrakhand : नैनीताल के ग्लेनमोर में भीषण अग्निकांड, ब्रिटिशकालीन भवन खाक
नैनीताल, अमृत विचार। नैनीताल के सात नंबर क्षेत्र स्थित ग्लेनमोर इलाके में रविवार को अचानक लगी भीषण आग से एक ब्रिटिशकालीन लकड़ी का भवन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। आग इतनी भयावह थी कि कुछ ही मिनटों में पूरा भवन धू-धू कर जलने लगा और ऐतिहासिक निर्माण देखते ही देखते राख में तब्दील हो गया। गनीमत रही कि घटना के समय भवन खाली था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई और बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय भवन से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं। आसपास के लोगों ने तत्काल बाल्टियों और पाइप की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया और दमकल विभाग को सूचना दी। आग की ऊंची लपटों से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और एहतियातन लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
1969 से रह रहा था परिवार
जिस भवन में आग लगी, उसके एक हिस्से में वर्ष 1969 से अनिल तिवारी तथा दूसरे हिस्से में 1982 से चंद्रशेखर जोशी का परिवार रह रहा था। अनिल तिवारी ने बताया कि वे हाल ही में अपने बेटे के पास गुरुग्राम गए हुए थे। रविवार को जब वह नैनीताल लौटे तो घर से धुआं निकलता दिखाई दिया। जब तक वे मौके पर पहुंचे, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। उन्होंने बताया कि भवन के मुख्य स्वामी देवी दत्त जोशी हैं, जो वर्तमान में बाहर रहते हैं।
जांच में जुटा प्रशासन
प्रशासन के अनुसार आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। दमकल विभाग और पुलिस की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है। स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भवन के पीछे कुछ नशेड़ी नशा करते थे। असामाजिक तत्व की गतिविधियों के कारण भी आग लग सकती है।
पहले ही दिया गया था नोटिस
अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि हाल ही में पुराने भवनों का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण में पाया गया था कि यह भवन पूरी तरह लकड़ी से बना है, जिससे आग लगने का खतरा अधिक था। इसको लेकर संबंधित परिवारों को अग्नि सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश देते हुए नोटिस भी जारी किया गया था।
संकरी सड़क बनी बाधा
घटनास्थल तक पहुंचने में दमकल वाहनों को काफी परेशानी हुई। क्षेत्र की सड़क संकरी होने और किनारे वाहनों के खड़े होने के कारण फायर हाइड्रेंट समय पर मौके तक नहीं पहुंच पाए, जिससे आग पर काबू पाने में देर हुई।
राहत कार्यों में दिखा फोटोग्राफी का क्रेज
घटना के दौरान कुछ राहत और दमकल कर्मी आग बुझाने के साथ-साथ वीडियो और फोटो बनाते भी नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पूरी तरह आग बुझाने पर ध्यान दिया जाता, तो नुकसान कुछ कम किया जा सकता था।
ऐतिहासिक धरोहर को भारी नुकसान
ग्लेनमोर क्षेत्र का यह भवन ब्रिटिशकालीन स्थापत्य शैली का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता था। इस अग्निकांड में न केवल लाखों की संपत्ति का नुकसान हुआ, बल्कि शहर की एक ऐतिहासिक धरोहर भी नष्ट हो गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
फोटो: नैनीताल के ग्लेनमोर में आग से जला ब्रिटिशकालीन भवन और राहत कार्य करते दमकल कर्मी।
