Uttarakhand: चारधाम यात्रा फिर शुरू, देहरादून-मसूरी रोड पर हल्के वाहनों की आवाजाही शुरू, भूस्खलन के बाद हटाया गया मलबा
देहरादून। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण अस्थायी रूप से स्थगित की गई उत्तराखंड की चारधाम यात्रा मंगलवार को फिर से शुरू कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यात्रा मार्गों की स्थिति की समीक्षा के बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही दोबारा बहाल की गई है। भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त होकर बंद किए गए देहरादून-मसूरी मार्ग को मंगलवार सुबह हल्के वाहनों के लिए फिर से खोल दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम ने कोल्हूखेत के पास भूस्खलन से आए मलबे को हटाकर सड़क पर यातायात आंशिक रूप से बहाल किया है।
हालांकि, फिलहाल इस मार्ग पर केवल हल्के वाहनों को ही चलने की अनुमति दी गई है। सड़क को पूरी तरह दुरुस्त करने का काम अभी भी जारी है। मसूरी के उप जिलाधिकारी राहुल आनंद ने बताया कि मार्ग को सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन बारिश के कारण काम में बाधाएं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो मंगलवार रात तक सड़क को पूरी तरह ठीक किए जाने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि सोमवार को भारी बारिश के चलते कोल्हूखेत के पास सड़क का पुश्ता ढह गया था, जिसके बाद सड़क धंस गई और उसमें बड़ी-बड़ी दरारें आ गई थीं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तत्काल देहरादून-मसूरी मार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया था। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतें।
बारिश-भूस्खलन के बाद प्रशासन ने लिया फैसला
वही, चारधाम यात्रा को सोमवार को खराब मौसम और संभावित जोखिमों को देखते हुए एहतियातन रोक दिया गया था। इसके बाद संबंधित विभागों ने यात्रा मार्गों का निरीक्षण किया और स्थिति सामान्य पाए जाने के बाद यात्रा संचालन का निर्णय लिया। गढ़वाल के आयुक्त आनंद स्वरूप ने बताया कि चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जिलों के प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर यात्रा को संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों की लगातार निगरानी की जा रही है और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
आयुक्त ने यात्रियों से अपील की है कि मौसम खराब होने या किसी स्थान पर भारी बारिश, भूस्खलन अथवा अन्य कारणों से मार्ग बाधित होने की स्थिति में वे प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित स्थानों या होल्डिंग एरिया में ही रुकें और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों में यात्रा को तभी आगे बढ़ाया जाएगा, जब हालात पूरी तरह सामान्य हो जाएं। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने सभी विभागों को मौसम और यात्रा मार्गों पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
