बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : बीकेटीसी जांच समिति ने सौंपी 18 पन्नों की रिपोर्ट, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की सिफारिश

Amrit Vichar Network
Edited By Deepak Mishra
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बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में बीकेटीसी की चार सदस्यीय जांच समिति ने 18 पन्नों की रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में ड्रेस कोड लागू करने, नए सीसीटीवी कैमरे लगाने और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने जैसी सिफारिशें की गई हैं। वहीं एसआईटी पुराने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

गोपेश्वर। उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में गठित श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की चार सदस्यीय जांच समिति ने अपनी 18 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में चढ़ावे की गणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई अहम सुझाव दिए गए हैं। वहीं, मामले की जांच कर रही पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी गहन पड़ताल में जुटी है।

चढ़ावे की सुरक्षा के लिए दिए गए अहम सुझाव

बीकेटीसी के मुख्य कार्य अधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने रिपोर्ट मिलने की पुष्टि की। मंदिर समिति के सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में चढ़ावे की चोरी या हेराफेरी रोकने के लिए कई सुधारात्मक उपाय सुझाए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से..

  • चढ़ावे की गणना के दौरान कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड लागू करना।
  • मंदिर परिसर और गणना केंद्र के ब्लाइंड स्पॉट की पहचान कर वहां नए सीसीटीवी कैमरे लगाना।
  • निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना।
  • श्रद्धालुओं की भागीदारी के लिए गणना प्रक्रिया की स्पष्ट और पारदर्शी व्यवस्था तैयार करना।
सोशल मीडिया पर आरोपों के बाद बनी थी जांच समिति

दो जुलाई को सोशल मीडिया पर बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोप सामने आने के बाद बीकेटीसी ने जांच समिति का गठन किया था। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर अध्यक्ष कार्यालय में वैयक्तिक सहायक के रूप में तैनात प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया था। बाद में पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

रजिस्टर में ओवरराइटिंग मिलने पर खजांची का तबादला

जांच के दौरान चढ़ावे के रिकॉर्ड रजिस्टर में ओवरराइटिंग मिलने के बाद खजांची संदेश मेहता को भी संबंधित कार्य से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया गया है।

एसआईटी पुराने CCTV फुटेज भी खंगाल रही

मामले की जांच कर रही एसआईटी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित हेराफेरी में प्रमोद नौटियाल के अलावा और कौन-कौन शामिल हो सकता है। चमोली के पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह की अध्यक्षता में गठित एसआईटी नौटियाल की पूर्व गतिविधियों से जुड़े सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर रही है। साथ ही पुराने सीसीटीवी रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस डिलीट हो चुके फुटेज को रिकवर करने के लिए विशेषज्ञों की मदद लेने की तैयारी में है।

उच्चस्तरीय समिति की जांच भी जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति भी मामले की समानांतर जांच कर रही है।

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