पिथौरागढ़ में बारिश का कहर: 20 सड़कें बंद, थल में 199 मिमी बारिश; धारचूला-तवाघाट मार्ग भी ठप
पिथौरागढ़। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। तेज बारिश के कारण जिले की 20 सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की महत्वपूर्ण धारचूला-तवाघाट मोटर मार्ग भी शामिल है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के चलते सड़कों पर मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर आने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। बंद मार्गों में बीआरओ, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की सड़कें शामिल हैं।
प्रभावित प्रमुख मार्गों में घाट-मुनस्यारी, उपरैतोली-थल, सातशिलिंग-थल, थल-पांगू, जौलजीबी-बलुवाकोट, बलुवाकोट-जुम्मा, कालीका-दुग्ती, बंगापानी-जौलजीबी, घटखोला-सेरा और छोरपानी-नागलिंग सहित कई ग्रामीण संपर्क मार्ग शामिल हैं। प्रशासन ने सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनों को लगाया है। अधिकारियों के अनुसार, बंद मार्गों को 17 से 25 जुलाई के बीच चरणबद्ध तरीके से खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
थल में रिकॉर्ड 199 मिमी बारिश
पिथौरागढ़ जिले में शुक्रवार सुबह 8 बजे तक हुई बारिश ने कई इलाकों में रिकॉर्ड स्तर छुआ। सबसे अधिक वर्षा थल क्षेत्र में 199 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा तेजम में 130 मिमी, बंगापानी में 110 मिमी, डीडीहाट में 84 मिमी, धारचूला में 54.2 मिमी, बेरीनाग में 50 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अन्य क्षेत्रों में देवलथल में 41 मिमी, कनालीछीना में 36.4 मिमी, गणई गंगोली में 20.5 मिमी, गंगोलीहाट में 18 मिमी, मुनस्यारी में 12.6 मिमी और पिथौरागढ़ मुख्यालय में 11.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
सुरक्षा के चलते स्कूल बंद
भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर शुक्रवार को कक्षा 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया।
चम्पावत में राहत, सभी सड़कें खुली
वहीं, पड़ोसी चम्पावत जिले में स्थिति सामान्य बनी हुई है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की शुक्रवार सुबह 8 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, जिले की सभी 462 सड़कें यातायात के लिए खुली हुई हैं। चम्पावत जिले में किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, जिला मार्ग या ग्रामीण सड़क पर अवरोध की सूचना नहीं है। बिजली और पेयजल आपूर्ति भी सामान्य बनी हुई है। पिछले 24 घंटे में चम्पावत जिला मुख्यालय में 6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि लोहाघाट, पाटी, टनकपुर और बनबसा क्षेत्रों में बहुत कम या नगण्य वर्षा हुई।
शारदा बैराज का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे
शुक्रवार सुबह 8 बजे बनबसा स्थित शारदा बैराज पर नदी का जलस्तर 218.80 मीटर दर्ज किया गया। यहां डिस्चार्ज 23,917 क्यूसेक रहा, जो खतरे के निशान से नीचे है।
मौसम विभाग ने जारी किया पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने 17 जुलाई को कुमाऊं मंडल समेत राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। वहीं, 18 से 21 जुलाई तक उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
