जुलाई में आकाश दर्शन
जुलाई 2026 आकाश प्रेमियों, खगोल विज्ञान के विद्यार्थियों और शौकिया पर्यवेक्षकों के लिए अत्यंत रोचक महीना है। इस महीने चंद्रमा की विभिन्न अवस्थाएं, ग्रहों की युतियां (कन्जंक्शंस), आकाशगंगा (मिल्की वे) के उत्कृष्ट दृश्य देखने को मिलेंगे। अमावस्या के बाद जुलाई के मध्य में उत्तरी गोलार्ध में मिल्की वे का केंद्र (गैलक्टिक कोर) स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। यदि आप शहर की रोशनी से दूर किसी अंधेरे स्थान पर जाएं, तो रात के आकाश में दूधिया पट्टी के रूप में आकाशगंगा का अद्भुत दृश्य देख सकते हैं।
चंद्रमा और शुक्र की युति
17-18 जुलाई के आसपास पतला चंद्रमा और चमकीला ग्रह शुक्र (वीनस) शाम के आकाश में एक-दूसरे के निकट दिखाई देंगे। यह दृश्य नंगी आंखों से भी आसानी से देखा जा सकेगा तथा फोटोग्राफी के लिए उत्कृष्ट अवसर होगा। युति (कन्जंक्शन) वह खगोलीय स्थिति है, जब पृथ्वी से देखने पर दो आकाशीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के बहुत निकट दिखाई देते हैं। चंद्रमा और शुक्र की युति में चंद्रमा तथा शुक्र ग्रह आकाश में पास-पास दिखाई पड़ते हैं, जबकि वास्तव में उनके बीच की दूरी लाखों किलोमीटर होती है। युति क्यों होती है? सौरमंडल के सभी ग्रह और चंद्रमा लगभग एक ही तल (प्लेन) में परिक्रमा करते हैं, जिसे क्रांतिवृत्त (एक्लिप्टिक प्लेन) कहते हैं।
हम जानते हैं कि चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है। शुक्र सूर्य की परिक्रमा करता है। पृथ्वी से देखने पर कभी-कभी दोनों एक ही दिशा में दिखाई देते हैं। तब हमें लगता है कि वे एक-दूसरे के निकट हैं, जबकि वास्तव में वे बहुत दूर होते हैं। उदाहरण के लिए चंद्रमा की औसत दूरी पृथ्वी से लगभग 3,84,400 किमी है। शुक्र की दूरी पृथ्वी से करोड़ों किलोमीटर हो सकती है। फिर भी वे आकाश में पास दिखाई देते हैं, क्योंकि हम उन्हें एक ही दृष्टि-रेखा (लाइन ऑफ साइट) में देखते हैं। युति के वैज्ञानिक महत्व की बात करें, तो हमें इससे ग्रहों और चंद्रमा की गतियों को समझने में सहायता मिलती है। खगोल विज्ञान के विद्यार्थियों को आकाशीय निर्देशांक (सेलेस्टियल कोऑर्डिनेट्स) समझने का अवसर मिलता है। शौकिया खगोलविदों और फोटोग्राफरों के लिए यह अत्यंत आकर्षक दृश्य होता है। इससे ग्रहों की कक्षाओं और सौरमंडल की ज्यामिति का अध्ययन किया जाता है।
मंगल और प्लेयडीज का सुंदर दृश्य
मध्य जुलाई के आसपास प्रातःकालीन आकाश में मंगल ग्रह (मार्स), प्लेयडीज तारागुच्छ (सेवन सिस्टर्स) और चमकीला तारा एल्डेबरन एक सुंदर समूह के रूप में दिखाई देंगे। दूरबीन या बाइनोक्युलर से यह दृश्य और भी आकर्षक लगेगा।
जुलाई 2026 में प्रातःकालीन आकाश में मंगल ग्रह और प्लेयडीज तारागुच्छ का आकर्षक दृश्य देखने को मिलेगा। यह कोई ग्रहण या युति नहीं है, बल्कि पृथ्वी से देखने पर दोनों का आकाश में एक-दूसरे के निकट दिखाई देना है। प्लेयडीज एक खुला तारागुच्छ है, जिसे खगोल विज्ञान में एम45 भी कहा जाता है।
शनि का उत्कृष्ट अवलोकन
जुलाई 2026 में शनि (सैटर्न) ग्रह धीरे-धीरे रात के आकाश में प्रमुख होता जाएगा। विशेषकर 7-8 जुलाई तथा 31 जुलाई के आसपास यह देर रात और भोर से पहले अच्छी स्थिति में दिखाई देगा। यदि आपके पास छोटी दूरबीन (टेलिस्कोप) है, तो आप शनि के प्रसिद्ध वलय (रिंग्स) और उसके कुछ उपग्रह भी देख सकते हैं।
शनि सौरमंडल का छठा ग्रह और बृहस्पति के बाद दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है। यह एक गैसीय दानव है, जो मुख्यतः हाइड्रोजन और हीलियम गैसों से बना है। जुलाई 2026 में शनि पृथ्वी के दृष्टिकोण से ऐसी स्थिति में होगा कि वह रात के अधिकांश समय दिखाई देगा और धीरे-धीरे अपनी विपक्ष (अपोज़िषन) की स्थिति के निकट पहुँच रहा होगा।
पूर्णिमा का बक मून
29 जुलाई को पूर्णिमा होगी, जिसे पारंपरिक रूप से बक मून कहा जाता है। बक नर हिरण को कहा जाता है। उत्तरी अमेरिका में इस समय हिरणों के नए सींग विकसित होने लगते हैं, इसलिए इस पूर्णिमा को यह नाम दिया गया है। पूर्ण चंद्रमा सूर्यास्त के बाद पूर्व दिशा में अत्यंत आकर्षक दिखाई देगा।
बक अंग्रेज़ी में नर हिरण को कहते हैं। उत्तरी अमेरिका में जुलाई के दौरान नर हिरणों के नए सींग तेज़ी से विकसित होने लगते हैं। इसी कारण वहाँ की मूल जनजातियों ने जुलाई की पूर्णिमा को बक मून नाम दिया।
पूर्णिमा और ज्वार-भाटा
पूर्णिमा के समय सूर्य और चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण मिलकर पृथ्वी के महासागरों पर अधिक प्रभाव डालता है। इससे ऊँचे ज्वार (हाई टाइड्स) अधिक ऊँचे होते हैं। ज्वार-भाटा (टाइड्स) समुद्र के जल का नियमित रूप से ऊपर उठना (ज्वार) और नीचे गिरना (भाटा) है। यह मुख्य रूप से चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण होता है।
पूर्णिमा के समय ज्वार-भाटा अधिक क्यों
पूर्णिमा के दिन सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा लगभग एक सीधी रेखा में होते हैं। इस स्थिति में सूर्य और चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल मिलकर समुद्री जल पर अधिक प्रभाव डालता है।
