Bahraich News : मगरमच्छ का निवाला बना तीन बहनों का इकलौता भाई, धान की रोपाई के बाद हाथ धोने गया था मासूम
बहराइच के बौंडी थाना क्षेत्र में घाघरा नदी किनारे हाथ-मुंह धोने गए 12 वर्षीय सुनील सिंह पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी मौत हो गई। देर रात शव बरामद हुआ। मृतक अपने माता-पिता को पहले ही खो चुका था और तीन बहनों का इकलौता भाई था।
बहराइच, अमृत विचार। जिले के बौंडी थाना क्षेत्र में मगरमच्छ के हमले में 12 साल के एक मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। खेत से लौटने के दौरान घाघरा नदी के किनारे हाथ-मुंह धोने गया बच्चा मगरमच्छ का शिकार बन गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मगरमच्छ बच्चे पर हमला करता दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने उसे बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ उसे जबड़ों में दबाकर नदी में खींच ले गया।
घाघरा नदी किनारे अचानक किया हमला
बौंडी थाना क्षेत्र के मुरौवा गांव निवासी 12 वर्षीय सुनील सिंह गुरुवार दोपहर अपने चाचा के साथ धान की रोपाई करने खेत गया था। शाम के समय वह पास बह रही घाघरा नदी के किनारे हाथ-मुंह धोने पहुंचा। इसी दौरान नदी में मौजूद मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया और उसे पानी में खींच ले गया। बच्चे ने खुद को छुड़ाने के लिए हाथ-पैर मारे। उसके चाचा और ग्रामीणों ने भी ईंट-पत्थर फेंककर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ ने उसे छोड़ा नहीं। उसने दो-तीन बार बच्चे को उछालकर पानी में पटका, फिर गहरे पानी में खींच ले गया। देखते ही देखते बच्चे के आधे शरीर को निगल लिया।
ग्रामीणों ने बचाने की कोशिश, नहीं बच सकी जान
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बच्चे को बचाने का प्रयास किया, लेकिन मगरमच्छ के हमले में उसकी मौत हो गई।काफी तलाश के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने देर रात करीब 10 बजे नदी से उसका शव बरामद किया। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंच गए। परिजन भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए।
माता-पिता का पहले ही हो चुका था निधन
हमले में मगरमच्छ मासूम का एक पैर और पेट का हिस्सा खा गया था। शुक्रवार सुबह पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सुनील सिंह के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। वह अपनी तीन बहनों का इकलौता भाई था। वह क्षेत्र के माधवपुरवा करेहना विद्यालय में कक्षा छह का छात्र था। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
