Barabanki News : सरयू नदी की बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, एसडीएम ने परखी तैयारियां

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Published By Deepak Mishra
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बाराबंकी के रामनगर में सरयू नदी की संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट है। एसडीएम आनंद तिवारी ने समीक्षा बैठक कर 83 नावें, SDRF टीम और राहत शिविरों सहित सभी विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए।

रामनगर/बाराबंकी, अमृत विचार। सरयू नदी की संभावित बाढ़ को देखते हुए शुक्रवार को तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी आनंद तिवारी ने तहसीलदार विपुल कुमार की मौजूदगी में बाढ़ राहत एवं बचाव तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सरयू नदी की तलहटी के संवेदनशील गांवों में राहत, बचाव और आवश्यक व्यवस्थाओं की तैयारियों का जायजा लिया गया।

उपजिलाधिकारी ने राजस्व निरीक्षकों, लेखपालों और पंचायत सचिवों को क्षेत्र का नियमित भ्रमण कर बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने तथा किसी भी आपात सूचना को तत्काल तहसील कंट्रोल रूम तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील गांवों में नाव, राहत सामग्री, पेयजल, बिजली और सुरक्षित आश्रय स्थलों की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाएं, चिकित्सकीय टीमें और एंबुलेंस तैयार रखने, जबकि पशुपालन विभाग को पशुओं के उपचार, टीकाकरण और चारे की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 

पंचायत विभाग को गांवों में साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम, हैंडपंपों की स्वच्छता और राहत शिविरों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ लोगों को बाढ़ से बचाव के प्रति जागरूक करने को कहा गया। उपजिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बाढ़ जैसी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बचाव की तैयारियों के प्रमुख बिंदु

संभावित बाढ़ से बचाव के लिए 3 बाढ़ राहत केंद्र स्थापित, 9 राहत शिविर तैयार, राहत एवं बचाव के लिए 83 नावें, 108 नाविक और 22 गोताखोर अलर्ट पर, एक फ्लड पीएसी और मोटरबोट के साथ एसडीआरएफ की एक टीम तैनाती के लिए तैयार, बाढ़ चौकियों और संवेदनशील क्षेत्रों में होमगार्डों की विशेष ड्यूटी लगी है। प्रशासन के अनुसार तहसील के 25 गांव और 40 मजरे संभावित रूप से बाढ़ प्रभावित श्रेणी में हैं। संभावित प्रभावित आबादी करीब 27 हजार, 6,446 परिवार, 3,129 हेक्टेयर क्षेत्रफल तथा 906 हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ की जद में आ सकती है।

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