लखनऊ : ई-बस में किराया वापसी का झंझट, कंडक्टर नहीं लौटा रहे बकाया
लखनऊ, अमृत विचार : सिटी की इलेक्ट्रिक बसों में सफर करने वाले दैनिक यात्री किराये की दोहरी और अब तिहरी मार झेल रहे हैं। पहला एसी बसों का महंगा किराया, दूसरा कंडक्टरों द्वारा बकाया पैसा न लौटाना और तीसरा शिकायत के लिए बार-बार दुबग्गा डिपो के चक्कर लगाना।
सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड के दुबग्गा डिपो के टोल फ्री नंबर 18001805014 पर रोज 15 से 20 शिकायतें बकाया किराया वापस न मिलने को लेकर आ रही हैं। यात्रियों का आरोप है कि कंडक्टर टिकट के पीछे बचा हुआ पैसा लिख देते हैं, लेकिन उसे मांगने पर ही देते हैं। नहीं मांगने पर वह पैसा यात्रियों को वापस नहीं मिलता।
ऑनलाइन भुगतान फेल, फुटकर बना बहाना
यात्रियों के अनुसार बसों में ऑनलाइन भुगतान में नेटवर्क की दिक्कत बताकर कंडक्टर नकद किराया लेते हैं। फुटकर न होने का बहाना बनाकर टिकट के पीछे बकाया लिख दिया जाता है। नियम के अनुसार तय स्टॉपेज पर उतरने से पहले कंडक्टर को यात्रियों का नाम पुकारकर पैसा लौटाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। इस मनमानी के चलते हर दिन हजारों रुपये का खेल चल रहा है। अधिकारी इस समस्या से वाकिफ हैं, फिर भी कंडक्टरों की मनमानी नहीं रुक रही। शिकायत करने वाले यात्रियों को दुबग्गा डिपो बुलाया जाता है। चंद रुपये वापस लेने के लिए डिपो तक जाना दैनिक यात्रियों के लिए महंगा सफर बन गया है।
वर्जन
टोल फ्री नंबर पर रोजाना करीब 15 से 20 शिकायतें आ रही हैं। इनमें एसी की कूलिंग कम होना, स्टॉपेज पर बस न रोकना और किराये की वापसी न होना शामिल हैं। समस्या का संज्ञान लिया गया है जल्द ही इस पर कार्रवाई सुनिश्चत की जायेगी।
डीके गर्ग, एआरएम, सिटी ट्रांसपोर्ट, दुबग्गा
