UP Health News : संचारी रोग नियंत्रण अभियान में आशा-आंगनबाड़ी कर्मियों की बढ़ी जिम्मेदारी, ई-कवच पोर्टल पर होगा डेटा अपडेट
मुरादाबाद, अमृत विचार : संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए चल रहे विशेष अभियान में फ्रंटलाइन वर्कर्स आशा-आंगनबाड़ी कर्मी मुख्य रीढ़ हैं। इन्हें डिजिटल इंटरवेन्शन्स में बुखार, आईएलआई (एन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस) रोगियों के अलावा इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया, क्षयरोग, कुष्ठ रोग, फाइलेरिया, कालाजार पर नियंत्रण के लिए डेटा एकत्र करना है। जिसके आधार पर आगे भी संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए कार्ययोजना बनेगी।
प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने इसके लिए जिले के अधिकारियों को इसमें समन्वय के साथ कार्य करने के लिए आदेश जारी किया है। अभियान में फ्रंटलाइन वर्कर्स को डिजिटल इंटरवेन्शन्स के इन बीमारियों के लक्षणयुक्त व्यक्तियों या संभावित मरीजों के जुटाए गए डेटा को ई-कवच पोर्टल पर अपडेट रखना है। ऐसे किसी रोगी की सूचना मिलने पर उसका विवरण मरीज के घर पहुंचकर जुटाना है। इस डेटा को प्रदेश में विकसित नवीन विकसित यूनीफाइड डिजीज सर्विलेंस पोर्टल (यूएसडीपी) पर एपीआई लिंकेज के माध्यम से स्वत: स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जाएगी। जिससे इन लक्षणों वाले व्यक्तियों की जांच व इलाज सुनिश्चित कर जानकारी को अपडेट किया जा सके।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि एक से 31 जुलाई तक जिले में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा है। इसके साथ ही 11 से 31 जुलाई तक दस्तक अभियान चलेगा। जिसमें संचारी रोग के लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान फ्रंटलाइन वर्कर्स के माध्यम से की जानी है। इनके विवरण के आधार पर सभी की जांच व इलाज सुनिश्चित कराई जाएगी। वहीं प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी व डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रवीन श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान में सभी कर्मियों को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता व निष्ठा से निभाने का निर्देश दिया गया है। संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण व इसके मरीजों का समुचित इलाज सुनिश्चित कराना हम सभी का दायित्व है।
फ्रंटलाइन वर्कर्स को यह जुटाना है डेटा
- बुखार के रोगियों का नाम, पता, मोबाइल नंबर व कुल रोगियों की सूची
- आईएलआई (एन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस) रोगियों की सूची
- क्षयरोग के लक्षण वाले सभी व्यक्तियों का विवरण
- कुष्ठ रोग, फाइलेरिया, कालाजार रोग के लक्षण वाले व्यक्तियों की सूची
- कुपोषित बच्चों और एक्यूट डायरियल डिजीज (दस्त रोग) वाले व्यक्तियों की सूची
आभा सृजन : अप्रैल की तरह जुलाई में भी संचारी रोग अभियान में फ्रंटलाइन वर्कर माइक्रो प्लान के अनुरुप प्रतिदिन कार्यक्षेत्र में आने वाले परिवारों के सभी सदस्यों का आभा सृजन अवश्य करेंगी। परिवार के सदस्यों को आभा नंबर की जानकारी दी जाएगी।
आज से शुरू होगा दस्तक अभियान
विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अन्तर्गत 11 से 31 जुलाई तक दस्तक अभियान चलेगा। इसमें फ्रंटलाइन वर्कर्स पहले से संकलित डेटा वाले परिवारों के घरों पर दस्तक देते हुए उनके बीमारी के संबंध में आंकड़ा संग्रह करेंगी। जिससे उनकी जांच और इलाज सुनिश्चित कराया जा सके।
मंडल व जिला स्तरीय अधिकारी करेंगे मॉनीटरिंग
मंडल व जिला स्तरीय अधिकारी दस्तक अभियान के दौरान चिह्नित किए गए बीमारियों के लक्षण वाले व्यक्तियों के जांच की स्थिति यूनिफाइड डिजीज सर्विलेंस पोर्टल पर देख कर उसकी नियमित मॉनीटरिंग करेंगे। इसके लिए लाग इन आईडी भी जारी किया गया है। संचारी अभियान के दौरान सहयोगी संस्थाओं (विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनीसेफ, व पॉथ) के द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में की गई मॉनीटरिंग का विवरण डैशबोर्ड पर उपलब्ध रहेगा।
