राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड : टिन्नू यादव और सुभाष की 7 दिन की पुलिस रिमांड की मांग, 14 जुलाई को होगी सुनवाई

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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अयोध्या, अमृत विचार : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की विवेचना कर रही पुलिस ने अब आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू व सुभाष श्रीवास्तव की सात दिन की पुलिस रिमांड मांगी है। विवेचक आशुतोष तिवारी ने शुक्रवार को एंटी करप्शन कोर्ट में इससे संबंधित अर्जी दी। कोर्ट ने इस पर 14 जुलाई को सुनवाई का समय तय किया है। वहीं, विवेचक ने अब तक रिमांड पर लिए गए आरोपियों से बरामद सामान को कोर्ट में पेश किया।

मामले में ट्रस्ट के सदस्य (अब अंतरिम महासचिव) कृष्ण मोहन की तहरीर पर थाना राम जन्मभूमि में 25 जून को आठ आरोपी अनुकल्प मिश्रा निवासी कौशलपुरी कॉलोनी कोतवाली नगर, करुणेश पांडेय निवासी जयराजपुर थाना खंडासा, मनीष यादव निवासी स्वर्गद्वार कोतवाली अयोध्या, लवकुश मिश्रा निवासी ठकुराइन फगोली कोतवाली रुदौली, रमाशंकर मिश्रा निवासी प्राचीन सीताराम मंदिर नयाघाट कोतवाली अयोध्या, अविनाश शुक्ला निवासी कौशलपुरी कॉलोनी कोतवाली नगर, रामशकर यादव उर्फ टिन्नू निवासी स्वर्गद्वार कोतवाली अयोध्या व सुभाष श्रीवास्तव निवासी बैंकर्स लाइन अंजनीपुरम कॉलोनी देवकाली रोड कोतवाली नगर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था।

पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर 26 जून को न्यायालय में पेश किया था। जहां से उन्हें तीन दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। इसके बाद सभी आरोपियों को 29 जून को एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सभी को 13 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। इसके बाद 8 जुलाई को पुलिस ने आरोपी अविनाश शुक्ला की 13 घंटे की पुलिस रिमांड पर लिया। पुलिस ने 6 जुलाई को कोर्ट की अनुमति पर पुलिस ने अनुकल्प, लवकुश, करुणेश, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू व रमाशंकर मिश्र का जेल में जाकर बयान लिया था।

इसके बाद पुलिस ने कोर्ट की अनुमति पर 9 जुलाई को आरोपी अनुकल्प, लवकुश व करुणेश की 40 घंटे की पुलिस रिमांड पर अपनी कस्टडी में लिया। इसके बाद पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी रामशंकर यादव टिन्नू व सुभाष श्रीवास्तव की सात दिन के पुलिस रिमांड की अर्जी दाखिल की है। इस दौरान विवेचक ने एंटी करप्शन कोर्ट के समक्ष रिमांड पर लिए गए आरोपियों की निशानदेही पर बरामद दो कार, जेवरात व नकदी आदि को भी पेश किया। फिलहाल पुलिस ने इस पर 14 जुलाई को सुनवाई की तिथि तय की है।

रणनीति के तहत पुलिस क्रमवार मांग रही है रिमांड

मामले की विवेचना कर रही विवेचक आशुतोष तिवारी फूंक फूंककर कदम रख रहे हैं। इसके लिए उन्होंने खास रणनीति बनाई है। इसी के तहत सबसे पहले आरोपी अविनाश शुक्ला की रिमांड ली, उसी के पास से सबसे ज्यादा नकदी बरामद हुई थी। उसे इस घटना का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। उसके निशानदेही पर एक कार बरामद हुई थी, साथ जहां रुपयों का बंटवारा किया जाता था, उस स्थान को भी चिह्नित किया गया था। बाद में करुणेश, अनुकल्प व लवकुश की रिमांड के दौरान पुलिस ने इसकी पुष्टि कराई थी।

बताया जा रहा है कि रिमांड व जेल में पूछताछ के दौरान सभी आरोपियों ने घटना का प्रमुख सूत्रदार आरोपी रामशंकर यादव टिन्नू को ही बताया था। इसी के चलते अगली पेशी से पहले पुलिस ने उसकी व सुभाष श्रीवास्तव के रिमांड की अर्जी दाखिल की। माना जा रहा है कि इन दोनों से घटना में शामिल बैंककर्मियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
इंसेट:

13 जुलाई को पूरी हो रही न्यायिक अभिरक्षा

आठों आरोपियों को 13 जुलाई तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश हुआ था। अब एक बार फिर सभी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि पुलिस अब तक की गई जांच की रिपोर्ट सामने रखकर यह तर्क रख सकती है कि अभी जांच पूरी नहीं है। इसके लिए वह दोबारा 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में रखने की मांग कर सकती है। अगर आरोपी के जमानत की अपील होगी तो उसका विरोध भी किया जाएगा। संभावना है कि कोर्ट उनके तर्क को संज्ञान में अवश्य लेगी।

एसआईटी सोमवार को पहुंच सकती है अयोध्या

जांच प्रक्रिया में 15 दिन का समय मिलने के बाद अब तक एसआईटी टीम ने मात्र दो दिन अयोध्या में रहकर जांच की है। जबकि इस एक्सटेंशन की अंतिम तिथि 15 जुलाई तय की गई थी। एसइाईटी के शुक्रवार को आने की चर्चा थी, पर देर शाम तक टीम नहीं आई।अब माना जा रहा है कि सोमवार को टीम अयोध्या आकर जांच को अंतिम रूप दे सकती है।

एसआईटी ने चढ़ावा चोरी मामले में की गई प्राथमिक जांच के बाद आठ आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने की संस्तुति की थी। दूसरे चरण की जांच में ट्रस्ट द्वारा जमीन खरीद फरोख्त में अनियमितता के आरोपों की जांच कर रही है। दो व तीन जुलाई को एसआईटी अयोध्या पहुंची थी। उसके बाद से अब तक नहीं आई है। सूत्र बताते हैं कि जमीन से संबंधित कागजातों को वह अपने साथ ले गई है। इस पर लखनऊ में ही कानूनी सलाहकारों से विचार-विमर्श किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे संबंधित रिपोर्ट 15 जुलाई को सीएम कार्यालय को सौंप सकती है।

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