Barabanki News: नाजिर व पेशकार के बीच हुई सुलह, टीस बरकरार
रामनगर/बाराबंकी, अमृत विचार। गुरुवार शाम तहसील परिसर में नाजिर व तहसीलदार के पेशकार के मध्य बहस व मारपीट के बाद अफसरों की मौजूदगी में सुलह तो करा दी गई पर मामला थमा नही है। कई दिनों से चल रहे विवाद के बाद मारपीट के दौरान बाहरियों की भूमिका चर्चा में है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब पांच बजे के बाद तहसीलदार न्यायालय परिसर में नाजिर अरविंद शुक्ला, तहसीलदार के पेशकार आशुतोष कुमार सिंह और एक निजी कर्मचारी मौजूद थे। इसी दौरान बिजली बचाने को लेकर कहासुनी हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि विवाद के बीच बाहर से कुछ लोग तहसील परिसर पहुंचे और नाजिर के साथ मारपीट की। घटना के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
तहसीलदार विपुल कुमार ने हस्तक्षेप कर स्थिति सामान्य कराई। बाद में एसडीएम आनंद तिवारी ने दोनों पक्षों के कर्मचारियों को बुलाकर आपसी सुलह करा दी। हालांकि कथित रूप से मारपीट करने वाले बाहरी लोगों के खिलाफ न तो कोई मुकदमा दर्ज हुआ और न ही उनकी पहचान का प्रयास हुआ। उधर नाजिर की ओर से भी बाहरी लोगों के खिलाफ कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। इस संबंध में पूछे जाने पर एसडीएम आनंद तिवारी ने बताया कि कर्मचारियों के बीच विवाद का आपसी समझौता हो गया है। बाहरी लोगों द्वारा मारपीट किए जाने की उन्हें जानकारी नहीं है।
निजी कर्मियों की भूमिका पर भी उठे सवाल
घटना के बाद तहसील परिसर में कर्मचारियों और अधिवक्ताओं के बीच मामले को लेकर चर्चा रही। कुछ कर्मचारियों ने सरकारी कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्ष कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं, परिसर में यह भी चर्चा है कि हैदरगढ़ तहसील स्थानांतरित किए जा चुके एक पेशकार अभी भी रामनगर तहसील में कार्यरत हैं। इसके अलावा विभिन्न पटलों पर निजी कर्मचारियों और लेखपालों के निजी मुंशियों की सक्रियता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई मामलों में उन्हें सीधे संबंधित अधिकारी के बजाय निजी व्यक्तियों के माध्यम से कार्य कराना पड़ता है। एसडीएम बोले कि मामले की जांच कराई जाएगी।
