राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला : तक पहुंचने में जुटी पुलिस, 45 दिन पुराना फुटेज गायब, जांच में आ रही मुश्किलें
2021 से गणना में लगे व उससे पुराने कर्मियों से की जा रही पूछताछ
राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में पुलिस चोरी की शुरुआत और कुल रकम का पता लगाने में जुटी है। 45 दिन से पुराने सीसीटीवी फुटेज नहीं मिलने से जांच प्रभावित है। 2021 से जुड़े गणनाकर्मियों से पूछताछ जारी है।
अयोध्या, अमृत विचार : राममंदिर चढ़ावा गबन की जांच कर रही पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह चोरी कब से चल रही थी व अब तक कितने रुपये चुराए गए हैं। एसआईटी की जांच में सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से पता चला था कि मात्र 45 दिनों के अंदर ही 70 बार चोरी की घटनाएं हुई हैं। फिलहाल इससे पुराने फुटेज के अभाव में दोनों जांच एजेंसियां मुश्किल में पड़ गई हैं। तह तक पहुंचने के लिए पुलिस वर्ष 2021 से गणना कर रहे कर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार चोरी मुख्य रूप से गिनती कक्ष या सेफ हाउस से जुड़ी बताई जा रही है। पुलिस ने उपलब्ध फुटेज को फ्रेम बाय फ्रेम देखा तो पता चला कि कुछ कर्मी कपड़ों में रकम छुपाकर ले जा रहे हैं, साथ ही बॉथरूम में भी रुपये छिपाने की पुष्टि हो रही है। बताया जा रहा है कि स्टोरेज की क्षमता पूरी होने या ओवरराइटिंग के कारण पुरानी रिकॉर्डिंग डिलीट हो चुकी है या उसे डिलीट किया गया है। इससे पुलिस को यह पता लगाने में दिक्कत आ रही है कि चोरी की शुरुआत कब हुई और कितनी बड़ी राशि या मात्रा गायब हुई है।
इसके लिए पुलिस ने 2021 से चढ़ावे की गणना का कार्य रह रहे आठ-दस कर्मियों से पूछताछ शुरू कर दी है। इन कर्मचारियों में कुछ ज्यादा पुराने स्टाफ भी शामिल हैं, जिन्होंने वर्षों से इस विभाग में काम किया है। पुलिस पूछ रही है कि क्या उन्हें संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं, क्या कोई असामान्य पैटर्न रहा और क्या कोई बाहरी व्यक्ति नियमित रूप से आता-जाता था। कुछ कर्मचारियों ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि कभी-कभी गिनती में कमी आती थी, लेकिन इसे गिनती की त्रुटि मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता था।
हालांकि अब तक की पुलिस की जांच में यह लगभग साबित हो चुका है कि बड़ी रकम की चोरी मंदिर से बैंक ले जाते समय या बैंक में ही होती थी। इसकी जानकारी ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों के करीबी गणनाकर्मियों को थी। इसका फायदा वह भी उठाते थे। नाम न छापे की शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गणना में चोरी संगठित अपराध की तरह की गई है। चोरी की रकम काफी ज्यादा हो सकती है। जांच में अभी कई नाम सामने आएंगे। पुलिस आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई कर सकती है।
सोशल मीडिया पर पुलिस की निगाह
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से जुड़े सोशल मीडिया पर जो भी पोस्ट हो रहे हैं उनपर पुलिस की कड़ी नजर है। यहां तक की किसी भी तरह की भ्रामक या गलत पोस्ट को हटाया भी जा रहा है। मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां, आरोप-प्रत्यारोप और भ्रामक पोस्ट भी तेजी से सामने आ रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए उप्र पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गोपनीय निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिले में सोशल मीडिया सेल और सोशल स्वयंसेवक सक्रिय कर दिए गए हैं, जो फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रही सामग्री पर नजर रख रहे हैं। इस संदर्भ में स्थनीय पुलिस जानकारी देने से इनकार कर रही है।
