राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला : जांच की जद में आया SBI का एक अधिकारी, ट्रस्ट के एक पदाधिकारी का है करीबी
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में एसआईटी और पुलिस की जांच का दायरा बढ़ा। एसबीआई का एक अधिकारी जांच के घेरे में आया है। सुरक्षा एजेंसी, हाउसकीपिंग कर्मियों और वीवीआईपी पास से जुड़े पहलुओं की भी जांच जारी।
अयोध्या, अमृत विचार। चढ़ावा गणना के गबन के मामले में एसआईटी और पुलिस की जांच में स्टेट बैंक का एक अधिकारी भी जांच के दायरे में आया है। जो ट्रस्ट के एक पदाधिकारी का करीबी भी बताया जा रहा है। यह काफी दिनों तक उसी पदाधिकारी के आवास में किराएदार के रूप में रहता था।
भारतीय स्टेट बैंक अयोध्या राम मंदिर का बैंकर है। मंदिर में आने वाले नकद चढ़ावे की गिनती मंदिर परिसर में ही होती है और नियमित रूप से इसे एसबीआई की अयोध्या शाखा में जमा किया जाता है, यहां मंदिर ट्रस्ट के दो खाते हैं। बताया जाता है कि इसी अधिकारी के माध्यम से वाराणसी की एक निजी सिक्योरिटी एजेंसी ने राम मंदिर ट्रस्ट को 22 हाउसकीपिंग उपलब्ध कराए थे। इनमें से अधिकांश को गणना में लगा दिया गया था।
बताया जा रहा है कि पकड़े गए आरोपियों में छह इसी एजेंसी के माध्यम से आए थे, जो ट्रस्ट के उक्त पदाधिकारी के करीबी हैं। एसआईटी ने अपनी प्राथमिक जांच में इससे पूछताछ भी की थी। यह भी बताया जा रहा है कि उक्त अधिकारी ट्रस्ट के पदाधिकारियों से तालमेल बैठाकर वीवीआईपी पास भी बनवाता था। विवाद से पहले उसका ज्यादा समय मंदिर परिसर में ही बीतता था।
वह वर्ष 2021 से 2024 तक अयोध्या जिले में तैनात रहे, फिर तीन महीने के लिए बदायूं जिले में उनका तबादला हुआ। मंदिर के उद्घाटन के बाद, अप्रैल 2024 में उन्हें दोबारा अयोध्या भेजा गया। फिलहाल एसआईटी की रिपोर्ट मामले की जांच कर रहे विवेचक सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी के पास है। संभावना जताई जा रही है कि अब पुलिस उनसे अपने तरीके से पूछताछ कर सकती है।
