Venezuela Earthquake: भारत का 'ऑपरेशन अमिस्ताद', भेजी सेना की विशेष मेडिकल टीम, 'भीष्म क्यूब'; आगरा की पैरा यूनिट संभालेंगी मोर्चा
दिल्ली / कराकास। उत्तरी वेनेजुएला में आए विनाशकारी 'डबलेट' भूकंप ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 589 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 3,000 से अधिक लोग घायल हैं। इस संकट की घड़ी में भारत ने हमेशा की तरह अपनी "वसुधैव कुटुंबकम" (पूरी दुनिया एक परिवार है) की भावना को दोहराते हुए मदद का हाथ बढ़ाया है।
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भारत सरकार ने वेनेजुएला में राहत और बचाव कार्यों के लिए 'ऑपरेशन अमिस्ताद' (Operation Amistad) शुरू किया है, जिसके तहत भारतीय सेना की एक विशेष मेडिकल टीम रवाना की जा चुकी है। भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर वेनेजुएला के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए लिखा, "हम आपके दुख में शामिल हैं। हम आपके साथ हैं।"
वायुसेना के दो विमानों से रवाना हुई 41 सदस्यीय टीम
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सेना द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल की 41 सदस्यों वाली एक बेहद कुशल टीम को वायुसेना के दो विशेष विमानों के जरिए वेनेजुएला भेजा गया है। इस टीम में 9 अनुभवी मेडिकल ऑफिसर शामिल हैं। यह टीम आपातकालीन चिकित्सा देखभाल, ट्रॉमा मैनेजमेंट, जटिल सर्जरी और क्रिटिकल केयर प्रदान करने में पूरी तरह सक्षम है। मेडिकल टीम अपने साथ लगभग 6 टन जीवन रक्षक दवाएं, चिकित्सा उपकरण और मानवीय सहायता सामग्री लेकर गई है।
आपदा में मसीहा बनेगा स्वदेशी 'भीष्म क्यूब' (BHISHM Cube)
इस पूरे मिशन की सबसे बड़ी खासियत भारत के 'आरोग्य मैत्री प्रोजेक्ट' के तहत पूरी तरह स्वदेशी रूप से विकसित 'भीष्म क्यूब' (BHISHM Cube) है।यह एक अत्याधुनिक और तेजी से स्थापित होने वाला मॉड्यूलर फील्ड हॉस्पिटल है।
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यह आपदा क्षेत्र में महज कुछ ही मिनटों में तैयार होकर 200 मरीजों तक को एडवांस्ड ट्रॉमा केयर, इमरजेंसी सर्जरी और इंटेंसिव केयर (ICU) की सुविधा दे सकता है। संकट के समय यह मलबे से निकाले जा रहे गंभीर मरीजों के लिए जीवनदान साबित होगा।
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वेनेजुएला में राहत अभियान के लिए 'ऑपरेशन अमिस्ताद' (Operation Amistad) लॉन्च किया है। इसी बीच, उत्तर प्रदेश के आगरा मिलिट्री स्टेशन और उसकी विशेष मेडिकल विंग (पैरा फील्ड हॉस्पिटल नेटवर्क) को भी इस वैश्विक मानवीय सहायता के बैकअप और आगामी रणनीतिक सहयोग के लिए विशेष रूप से अलर्ट पर रखा गया है।
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यह दुनिया का पहला आपदा प्रबंधन मॉड्यूलर फील्ड हॉस्पिटल है, जो बेहद छोटा, पोर्टेबल और वाटरप्रूफ है। इसे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है।
भूकंप प्रभावित मलबे वाले इलाकों में जहां बड़े अस्पताल नष्ट हो चुके हैं, वहां यह क्यूब महज कुछ ही मिनटों में एक अत्याधुनिक मिनी-अस्पताल में बदल जाता है।
यह सिंगल क्यूब 200 गंभीर मरीजों को एक साथ एडवांस्ड ट्रॉमा केयर, क्रिटिकल केयर (ICU) और इमरजेंसी सर्जरी की सुविधा दे सकता है। इसमें वेंटिलेटर, एक्स-रे मशीन और मिनी-लैब जैसी सभी सुविधाएं इन-बिल्ट हैं।
आगरा विंग की भूमिका अहम
भारतीय सेना की '60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल' की 41 सदस्यीय टीम वायुसेना के दो विशेष विमानों से वेनेजुएला के लिए उड़ान भर चुकी है। इस टीम में 9 सीनियर मेडिकल ऑफिसर शामिल हैं, जो ट्रॉमा केयर और क्रिटिकल सर्जरी के विशेषज्ञ हैं। यह टीम अपने साथ 6 टन से अधिक आपातकालीन दवाएं लेकर गई है।
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भारतीय सेना के पैरा ट्रूपर्स और उनके मेडिकल विंग का आगरा (Para Training School - PTS) से गहरा नाता है। सूत्रों के मुताबिक, आगरा स्थित सेना के चिकित्सा विशेषज्ञों और पैरा कमांडोज की कोर टीम को इस मिशन के अगले चरण या किसी भी आपातकालीन बैकअप के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। आगरा मिलिट्री बेस इस तरह के अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन्स में लॉजिस्टिक्स और ट्रेनिंग सपोर्ट का एक बड़ा केंद्र माना जाता है।
आगरा की जनता और प्रशासन की नजरें मिशन पर
वेनेजुएला कैरेबियाई और दक्षिण अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटों की सक्रिय सीमा पर स्थित है, जिसके कारण वहां अक्सर ऐसे विनाशकारी भूकंप आते हैं। फिलहाल, वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अंतरराष्ट्रीय बचाव दलों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। ऐसे में भारत के भीष्म क्यूब और आगरा से जुड़े सैन्य व मेडिकल नेटवर्क की यह तत्परता दुनिया भर में भारत के बढ़ते मानवीय प्रभाव को दर्शाती है।
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