KGMU Cancer Drug Scam: ढाई करोड़ कैंसर दवा घोटाले की जांच पूरी, डॉक्टर पर कार्रवाई तय

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Published By Muskan Dixit
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सोमवार को कुलपति को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

लखनऊ, अमृत विचार : किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में असाध्य रोग योजना के तहत कैंसर मरीजों के लिए खरीदी गई महंगी दवाओं में कथित फर्जीवाड़े की जांच पूरी हो गई है। यूरोलॉजी विभाग से जुड़े इस चर्चित मामले में गठित पांच सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। जांच के दौरान एक डॉक्टर के खिलाफ अहम साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है, जिसके बाद उनके खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।

सूत्रों के मुताबिक जांच समिति अपनी दूसरे चरण की रिपोर्ट सोमवार को कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद को सौंपेगी। रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित डॉक्टर पर कार्रवाई का फैसला लिया जा सकता है। साथ ही रिपोर्ट शासन को भी भेजी जाएगी।

पहले ही हो चुकी हैं कई कार्रवाई

मामले में अब तक तीन संविदा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं। एक नियमित फार्मासिस्ट को निलंबित किया गया है, जबकि विभागाध्यक्ष को पद से हटाया जा चुका है। संविदा कर्मचारियों की एजेंसी से गबन की रकम की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पूरे प्रकरण में मुकदमा भी दर्ज कराया जा चुका है।

10 लाख से 45 लाख पहुंचा बजट, तब खुला खेल

जांच में सामने आया कि यूरोलॉजी विभाग में असाध्य रोग योजना के तहत दवाओं की खरीद में गंभीर अनियमितताएं हुईं। महज छह माह के भीतर योजना का मासिक बजट लगभग 10 लाख रुपये से बढ़कर 45 लाख रुपये तक पहुंच गया था। अधिकारियों को खर्च में असामान्य वृद्धि पर संदेह हुआ, जिसके बाद जांच शुरू की गई और घोटाले का पर्दाफाश हुआ।

आरोप है कि योजना के तहत महंगी कैंसर, आयरन और प्रोटीन दवाओं की खरीद में नियमों को दरकिनार किया गया। करीब ढाई करोड़ रुपये की दवा खरीद में वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। जांच में यह भी आरोप सामने आया कि कुछ मृत मरीजों के नाम पर भी महंगी कैंसर रोधी दवाओं की खपत दर्शाई गई।

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