QS World University Rankings 2026: SGPGI की बड़ी छलांग, केजीएमयू ने बरकरार रखी साख
मेडिसिन विषय की वैश्विक सूची में एसजीपीजीआई 150 पायदान ऊपर पहुंचा। शोध और शिक्षा की गुणवत्ता का मिला पुरस्कार
लखनऊ, अमृत विचार : चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में राजधानी के दो प्रमुख संस्थानों ने वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स बाय सब्जेक्ट-2026 (मेडिसिन) में संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) ने उल्लेखनीय सुधार करते हुए बड़ी छलांग लगाई है, जबकि किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ने अपनी स्थिति को बरकरार रखा है।
ताजा रैंकिंग में एसजीपीजीआई को 401-450 बैंड में स्थान मिला है। पिछले वर्ष संस्थान 551-600 बैंड में था। इस तरह एसजीपीजीआई ने करीब 150 पायदान का सुधार दर्ज कर चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में अपनी बढ़ती साख का प्रमाण दिया है। वहीं केजीएमयू लगातार दूसरे वर्ष 701-850 बैंड में स्थान बनाए रखने में सफल रहा।
देश के चिकित्सा संस्थानों में दिल्ली एम्स 105वीं रैंक के साथ सबसे आगे रहा। इसके अलावा मनीपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन को 201-250 बैंड में जगह मिली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एसजीपीजीआई की रैंकिंग में सुधार के पीछे उच्च स्तरीय शोध कार्य, वैज्ञानिक प्रकाशनों की बढ़ती गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान प्रमुख कारण हैं। संस्थान को शैक्षणिक प्रतिष्ठा में 54.2 और शोध पत्रों के उद्धरण में 66.5 अंक प्राप्त हुए हैं, जिसने उसकी रैंकिंग को नई ऊंचाई दी है।
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और मरीजों के उपचार के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि नए विभागों की स्थापना, ट्रॉमा सेंटर के विस्तार और शोध कार्यों की गुणवत्ता में सुधार का सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है। बीते तीन वर्षों में रिसर्च आउटपुट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और संस्थान भविष्य में भी इसी दिशा में आगे बढ़ता रहेगा।
