क्या होता है 'डबलेट' भूकंप, जिसने वेनेजुएला को हिलाकर रख दिया?
वेनेजुएला में बुधवार शाम स्थानीय समयानुसार 6 बजे के बाद महज 39 सेकंड के अंतराल पर दो शक्तिशाली भूकंप आए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, पहला झटका 7.2 तीव्रता का था, जिसके तुरंत बाद दूसरा झटका 7.5 तीव्रता का दर्ज किया गया।भूकंप विज्ञान में इसे 'डबलेट' (Doublet Earthquake) कहा जाता है।
सामान्य भूकंप बनाम डबलेट
सामान्य तौर पर एक बड़े मुख्य भूकंप के बाद हल्के झटके (आफ्टरशॉक्स) आते हैं। लेकिन 'डबलेट' में लगभग समान तीव्रता के दो बड़े भूकंप बहुत ही कम समय और बेहद कम दूरी के अंतराल पर आते हैं।
क्यों हुआ ऐसा
वैज्ञानिकों का मानना है कि पहले भूकंप (केंद्र: सैन फेलिपे) के कारण टेक्टोनिक प्लेट्स के भ्रंश (faults) पर दबाव इतना बढ़ गया कि महज 5 से 10 किलोमीटर दूर दूसरे भ्रंश (केंद्र: युमारे) पर तुरंत दूसरा बड़ा भूकंप आ गया। इससे पहले साल 2023 में तुर्किये और सीरिया में भी ऐसा ही डबलेट भूकंप देखा गया था।
वेनेजुएला में क्यों आती है इतनी आपदा?
उत्तरी वेनेजुएला का क्षेत्र भूवैज्ञानिक रूप से बेहद संवेदनशील है। यह इलाका कैरेबियाई और दक्षिण अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा पर स्थित है। ये प्लेटें हर साल लगभग 20 मिलीमीटर की गति से एक-दूसरे के समानांतर खिसकती हैं, जिससे बोकोनो और सैन सेबास्टियन जैसे बड़े और सक्रिय स्ट्राइक-स्लिप भ्रंश तंत्र बनते हैं। यही कारण है कि यहाँ लगातार और विनाशकारी भूकंप आने की आशंका बनी रहती है।
फिलहाल, वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज खुद अपनी सेना और अंतरराष्ट्रीय बचाव दलों के साथ मिलकर मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत सामग्री बांटने के काम की निगरानी कर रही हैं। ऐसे में भारत की त्वरित सहायता वहां के लोगों के लिए एक बड़ी उम्मीद बनकर पहुंची है।
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