India-South Korea : जेजू फोरम में बोले एस. जयशंकर- 'रक्षा क्षेत्र में बढ़ाएं सहयोग, गिनाए नए रास्ते'

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

Seoul: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत और दक्षिण कोरिया (कोरिया गणराज्य) के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया है। उन्होंने बृहस्पतिवार को कहा कि दोनों देशों को पोत निर्माण, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे (अवसंरचना) और रक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अधिक घनिष्ठ व करीब से सहयोग करना चाहिए। 

Jeju Forum 2026 में क्या बोले जयशंकर 

विदेश मंत्री दक्षिण कोरिया के जेजू द्वीप पर आयोजित 'जेजू फोरम फॉर पीस एंड प्रॉस्पेरिटी 2026' को संबोधित कर रहे थे. मंच से दोनों देशों की साझेदारी को नई दिशा देते हुए उन्होंने कहा,

"भारत और कोरिया गणराज्य को और करीब से सहयोग करने की आवश्यकता है. पोत निर्माण, डिजिटल, स्वास्थ्य, अवसंरचना और रक्षा जैसे क्षेत्रों में हमारे बीच मौजूद संभावनाओं का पूरी तरह से उपयोग किया जाना चाहिए। "

उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक एवं तकनीकी साझेदारी, राजनीतिक एवं रणनीतिक सहयोग तथा जन संपर्क (पब्लिक रिलेशन) को और मजबूत करने की सख्त जरूरत है। 

वैश्विक व्यवस्था और 'ग्लोबल साउथ' पर जोर

संबोधन के दौरान एस. जयशंकर ने वैश्विक स्थिरता को लेकर भी कई महत्वपूर्ण बातें कहीं 

प्रभावशाली देशों को वैश्विक व्यवस्था को स्थिर करने और साझा समस्याओं के समाधान के लिए नए समझौतों और सहयोगात्मक संबंधों को बढ़ावा देना चाहिए।  वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) को अधिक क्षमता और अवसर दिए जाने चाहिए, जिससे वैश्विक विकास के नए रास्ते खुल सकें. कुछ देशों के हितों को खुले तौर पर प्राथमिकता दिए जाने से व्यापक समुदाय पर असर पड़ता है और कुछ देशों पर कम विचार किया जाता है। जिसे अधिक सहयोग के माध्यम से संतुलित किया जाना चाहिए।  महामारी, आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे किसी सीमाओं में सीमित नहीं रहते, इसलिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद अनिवार्य है। 

बान की-मून और कई नेताओं से मुलाकात

फोरम के इतर विदेश मंत्री ने वैश्विक नेताओं के साथ भी बैठकें कीं. इस दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) के पूर्व महासचिव बान की-मून और मंगोलिया के पूर्व प्रधानमंत्री गोम्बोजाव ज़ंदनशातार से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। 

इससे पहले, बुधवार को जयशंकर ने दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून के साथ एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की थी। इस वार्ता में व्यापार, निवेश और वित्त जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। यह बातचीत अप्रैल में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की भारत यात्रा के दौरान तय किए गए विभिन्न मुद्दों पर केंद्रित थी। 

ये भी पढ़ें  : 
G7 Summit: ग्लोबल लीडर्स के साथ पीएम मोदी की बैठक, ब्रिटेन, यूएई, जापान और मिस्र के राष्ट्राध्यक्षों से मिलाया हाथ, कई मुद्दों पर हुई बात

संबंधित समाचार