Citizenship Proof: आधार के बाद पासपोर्ट पर भी छिड़ी रार, नागरिकता साबित करने के लिए कौन से दस्तावेज हैं जरूरी
दिल्ली। क्या आपके पास भारतीय पासपोर्ट है? यदि हाँ, तो सामान्य तौर पर आप इसे अपनी नागरिकता का सबसे बड़ा प्रमाण मानते होंगे। लेकिन सरकार के आधिकारिक सूत्रों और विदेश मंत्रालय के नियमों के अनुसार, ऐसा नहीं है! हाल ही में पासपोर्ट को 'सिर्फ एक यात्रा दस्तावेज' (Travel Document) बताने वाले विदेश मंत्रालय के बयान के बाद देश में एक नई बहस छिड़ गई है। आइए इस पूरे मामले को आसान भाषा में समझते हैं कि कानून और सरकार इस पर क्या कहती है।
सरकारी सूत्रों का दावा, 'यह कोई नया फैसला नहीं है', सरकार की ओर से बृहस्पतिवार को साफ किया कि पासपोर्ट को लेकर मोदी सरकार ने पिछले 12 सालों में कोई नया फैसला नहीं लिया है। सूत्रों के मुताबिक, पासपोर्ट कभी भी नागरिकता का अकाट्य प्रमाण नहीं रहा है।
पासपोर्ट अधिनियम 1967
कानूनन, 'पासपोर्ट अधिनियम 1967' के अनुसार, विशेष परिस्थितियों में गैर-नागरिकों (विदेशी नागरिकों) को भी भारतीय पासपोर्ट जारी किया जा सकता है। यही वजह है कि इसे नागरिकता साबित करने वाला अंतिम दस्तावेज नहीं माना जाता।
बंबई उच्च न्यायालय का फैसला
आधिकारिक सूत्रों ने याद दिलाया कि बंवई उच्च न्यायालय ने भी साल 2013 के अपने एक फैसले में स्पष्ट कर दिया था कि पासपोर्ट नागरिकता का कानूनी सबूत नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने भी यह माना था कि आधार कार्ड भी नागरिकता का पक्का सबूत नहीं है, वह केवल पहचान (Identity) का एक दस्तावेज है।
विपक्ष और मशहूर हस्तियों ने सरकार पर साधा निशाना
विदेश मंत्रालय के इस स्पष्टीकरण के सामने आते ही सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं, TMC नेता महुआ मोइत्रा ने 'एक्स' (ट्विटर) पर तंज कसते हुए लिखा,
"ऐसा लगता है कि आज भारतीय नागरिकता का एकमात्र सबूत हिंदू और भाजपा का मतदाता होना है। इसके अलावा और कुछ नहीं चलेगा।"
वही राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने सरकार से सवाल पूछते हुए कहा,
"तो फिर कौन सा दस्तावेज नागरिकता का साक्ष्य है? बीएलओ (BLO) मेरी नागरिकता पर शक कर सकता है, मुझे वोट देने से रोक सकता है। नतीजा: भाजपा चुनाव जीत जाती है।"
इसके अलावा गीतकार जावेद अख्तर उन्होंने इस स्पष्टीकरण को 'बेतुका' करार दिया और 'एक्स' पर लिखा,
"विदेश मंत्रालय का कहना है कि पासपोर्ट यात्रा का दस्तावेज है, नागरिकता का सबूत नहीं। सच में??? तो क्या वे कुछ लोगों को यह यात्रा दस्तावेज पूरी तरह आश्वस्त हुए बिना दे रहे हैं कि यह व्यक्ति भारतीय नागरिक है?? यह बेतुका है।"
तो फिर भारत में नागरिकता कैसे साबित होगी?
इस बड़े सवाल का जवाब जानने के लिए हमें साल 2019 के सरकारी दस्तावेजों को देखना होगा। भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (PIB) ने 20 दिसंबर 2019 को राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) और नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लेकर अक्सर पूछे जाने वाले सवालों (FAQs) की एक सूची जारी की थी:
PIB के अनुसार, "किसी भी व्यक्ति की नागरिकता का फैसला 'नागरिकता नियम, 2009' के आधार पर किया जाता है, जो 'नागरिकता अधिनियम, 1955' पर आधारित हैं। जन्म की तारीख और जन्म स्थान से जुड़े किसी भी दस्तावेज को जमा करके नागरिकता साबित की जा सकती है। हालांकि, ऐसे स्वीकार्य दस्तावेजों की अंतिम सूची पर अभी सरकार द्वारा फैसला लिया जाना बाकी है।"
