UP GNM प्रवेश परीक्षा में आयुष ने किया टॉप : प्रदेश की 18,500 सीटों पर होंगे दाखिले, जानिए कब से होगी काउंसलिंग

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Published By Deepak Mishra
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100 में 95 अंक हासिल कर पाई पहली रैंक, सलोनी और ललिता मौर्या क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं

अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय (एबीवीएमयू) की ओर से आयोजित जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) प्रवेश परीक्षा यूपीजीईटी-2026 का परिणाम शनिवार को घोषित कर दिया गया। आगरा के आयुष यादव ने 100 में 95 अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है।

लखनऊ, अमृत विचार : अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय (एबीवीएमयू) की ओर से आयोजित जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) प्रवेश परीक्षा यूपीजीईटी-2026 का परिणाम शनिवार को घोषित कर दिया गया। आगरा के आयुष यादव ने 100 में 95 अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं आगरा की सलोनी और गोंडा की ललिता मौर्या ने भी 92-92 अंक हासिल किए। मेरिट के आधार पर सलोनी दूसरे और ललिता तीसरे स्थान पर रहीं।

प्रवेश परीक्षा में टॉप तीन अभ्यर्थियों में दो छात्राएं और एक छात्र शामिल हैं। बीते मंगलवार को प्रदेश के 20 जिलों में स्थापित 75 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा में 31,784 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया और उपस्थिति 95.54 प्रतिशत दर्ज की गई। राजधानी लखनऊ के 10 केंद्रों पर 4,414 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी।

एबीवीएमयू के कुलपति डॉ. अमित देवगन ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि जीएनएम स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम है। प्रशिक्षित नर्सें मरीजों की देखभाल, दवा वितरण, प्राथमिक उपचार, चिकित्सकों की सहायता, प्रसव सेवाएं और स्वास्थ्य निगरानी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाती हैं। कोर्स पूरा करने के बाद सरकारी एवं निजी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, नर्सिंग होम और मेडिकल संस्थानों में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होते हैं।

रविवार से शुरू होगी काउंसलिंग

परीक्षा नियंत्रक डॉ. देवाशीष शुक्ला ने बताया कि सरकारी और निजी नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया रविवार से शुरू की जाएगी। प्रवेश परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर ऑनलाइन पंजीकरण कर अपनी पसंद के कॉलेजों का चयन करना होगा। इसके बाद मेरिट सूची के अनुसार सीटों का आवंटन किया जाएगा।

92 प्रतिशत से अधिक रहीं छात्राएं

डॉ. देवाशीष शुक्ला ने बताया कि इस वर्ष जीएनएम प्रवेश परीक्षा में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक रही। परीक्षा में शामिल कुल अभ्यर्थियों में 92 प्रतिशत से अधिक छात्राएं थीं। यह नर्सिंग शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के प्रति महिलाओं की बढ़ती रुचि को दर्शाता है। प्रदेशभर के सरकारी और निजी संस्थानों में जीएनएम की लगभग 18,500 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया काउंसलिंग के माध्यम से पूरी की जाएगी।

टॉपर बोले : मेहनत से मिली सफलता

अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देता हूं। पिता प्रवीण कुमार यादव एलआईसी एजेंट हैं, जबकि मां सीमा यादव गृहिणी हैं। परिवार और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें हमेशा बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने निर्धारित टाइमटेबल बनाकर नियमित रूप से ऑनलाइन पढ़ाई की। मेरा मानना है कि पढ़ाई की अवधि से ज्यादा महत्वपूर्ण उसकी गुणवत्ता होती है। जितनी देर भी पढ़ें, पूरी एकाग्रता और मन लगाकर पढ़ें। तभी उसका वास्तविक लाभ मिलता है। नर्सिंग सिर्फ नौकरी नहीं बल्कि मरीजों की सेवा का माध्यम है... आयुष यादव, टॉपर, मैनपुरी।

जीएनएम में प्रवेश के लिए लगातार मेहनत की। परिवार और शिक्षकों का सहयोग मिला। मेरे पिता डॉ. प्रेमचंद्र एक क्लीनिक चलाते हैं और मेरी मां अर्चना गृहिणी हैं। मेरा बड़ा भाई नोएडा में रहकर नौकरी करता है। परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करके मैं बहुत खुश हूं। हमने परीक्षा की तैयारी ऑनलाइन कक्षाएं अटेंड करके की थी। नर्सिंग के क्षेत्र में आगे बढ़कर मरीजों की देखभाल और सेवा करना चाहती हूं... सलोनी, दूसरा स्थान, मैनपुरी।

स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इसी सोच के साथ जीएनएम को चुना। परीक्षा के लिए पढ़ाई के साथ खुद को शांत रखना भी जरूरी था। परिणाम आने के बाद मेहनत सफल होने की खुशी है... ललिता मौर्या, तीसरा स्थान, गोंडा।

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