बिहार : भोजपुर एनकाउंटर पर भड़के प्रशांत किशोर, 'अपराधी को सजा अदालत देगी पुलिस नहीं, उठाए गंभीर सवाल'

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Published By Anjali Singh
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पटना। जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने गुरुवार को भोजपुर जिले में शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के नवजवान भरत तिवारी एनकाउंटर पर कहा कि किसी व्यक्ति के अपराध पर निर्णय लेने और उनसे सजा देने का अधिकार न्यायालय को है और पुलिस अन्यायपूर्ण ढंग से किसी की हत्या नही कर सकती है।  

प्रशांत किशोर ने आज बांकीपुर विधानसभा में एक प्रबुद्ध संवाद कार्यक्रम के दौरान कहा कि मृत नवजवान के नाम के आगे भले तिवारी लिखा हुआ है, लेकिन वह बिंद समाज के विस्थापित 80 परिवारों की बदहाली दुरुस्त करने की लड़ाई लड़ रहा था। उन्होंने कहा कि वह इन गरीब परिवारों तक सड़क, बिजली तथा पानी पहुंचना चाहता था, जिसके लिए उसकी अधिकारियों से कहासुनी भी हुई थी। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए संघर्ष करते हुए वह प्रशासन और पुलिस की नजरों में चढ़ गया था। 

जनसुराज के सूत्रधार ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपराध और भ्रष्टाचार मिटने की बात करते हैं और इसके लिए पुलिस को खुली छूट देने और गोली मारने की बात कहते रहे हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि पुलिस पूरी तरह से निरंकुश हो जाये और अपनी पसंद तथा नापसंद से लोगों की हत्या कर दे। 

उन्होंने कहा कि कौन अपराधी है या नहीं है यह तय करने का अधिकार थाना पुलिस का नहीं है और केवल शक या पसंद-नापसंद के आधार पर किसी को गोली नहीं मारी जा सकती है। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण और अपराधियों को सजा देने की हमारे देश में एक संवैधानिक प्रक्रिया है, एक न्यायव्यवस्था है, जिसके तहत न्यायधीश फैसले लेते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को कोई हक नहीं है कि वह अपनी मर्जी से किसी की हत्या कर दे। 

प्रशांत किशोर ने कहा कि लोकतंत्र में जनता को बैलेट या ईवीएम के माध्यम से अपनी पसंद की व्यवस्था चुनने का अधिकार होता है और यह मामला सिर्फ एक भरत तिवारी की हत्या का नहीं है, इसे ठीक करने के लिए जनता को ही आगे आना होगा और एक ऐसी सरकार चुननी होगी, जो जनता के हितों के अनुकूल काम करे।

उल्लेखनीय है कि किशोर मंगलवार को भरत तिवारी के पीड़ित परिवार से मिलने बिलौटी गांव गए थे और वहां से लौट कर पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में इस विषय पर बात कर रहे थे। 

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