Indian Mango Export: सिंगापुर पहुंचा 'बंगानापल्ली' समुद्र के रास्ते पहुंची 5 टन की खेप, किसानों को मिला दोगुना दाम
दिल्ली। भारत ने ताजे फलों के निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन कार्यरत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने केंद्रीय उपोष्णकटिबंधीय बागवानी संस्थान, लखनऊ के सहयोग से सिंगापुर को 'बंगानापल्ली' आमों का पहला व्यावसायिक समुद्री शिपमेंट सफलतापूर्वक भेज दिया है।
11 जून को रवाना हुई थी 5 टन की खेप
एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, आंध्र प्रदेश के इस बेहद रसीले और मीठे आम की किस्म बंगानापल्ली की पांच टन की यह खेप 11 जून को भारत से रवाना हुई थी, जो 24 जून को सफलतापूर्वक सिंगापुर पहुँच गई।
यह सफल प्रयास भारत के बागवानी उत्पादों के लिए कम लागत वाली और टिकाऊ निर्यात व्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ विदेशों में भारतीय आमों की बाजार पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रहा है।
सिंगापुर के आयातक ने की 'उत्कृष्ट' गुणवत्ता की तारीफ
इन आमों को आंध्र प्रदेश के प्रमाणित बागों से लाकर कर्नाटक में एपीडा से मान्यता प्राप्त केंद्र में प्रसंस्कृत (Process) और पैक किया गया था। यह पूरी प्रक्रिया सिंगापुर के सख्त गुणवत्ता और पादप-स्वच्छता (Phytosanitary) मानकों के अनुरूप पूरी की गई।
सिंगापुर के आयातक 'ईसी-लिंक्स प्राइवेट लिमिटेड' ने वहां पहुँचने पर फलों की गुणवत्ता को उत्कृष्ट बताया। उन्होंने भारतीय आमों की में जबरदस्त मिठास, एक समान पकने की प्रक्रिया और लंबे समय तक ताजा रहने की क्षमता (शेल्फ लाइफ) और उनकी बेहतर स्थिति की जमकर सराहना की। इस शिपमेंट ने आयात की सभी शर्तों को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिससे समुद्री परिवहन के दौरान वैज्ञानिक रख-रखाव और शीत (कोल्ड चेन) प्रबंधन की प्रभावशीलता का पता चलता है।
किसानों को मिला डबल मुनाफा
इस निर्यात से भारतीय किसानों को बहुत बड़ा आर्थिक लाभ हुआ है। घरेलू बाजार में जहां बंगानापल्ली किस्म के आम की कीमत महज 25 से 26 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच थी, वहीं इस विदेशी निर्यात खेप से किसानों को लगभग 50 रुपये प्रति किलोग्राम का भाव मिला है। इससे किसानों की आय लगभग दोगुनी हो गई और उनके मुनाफे में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
किफायती और व्यावहारिक माध्यम
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा कि इस सफल निर्यात से यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि ताजे फलों के परिवहन के लिए हवाई मार्ग की तुलना में समुद्री मार्ग एक बेहद किफायती और व्यावहारिक माध्यम है। गौरतलब है कि बंगानापल्ली आम भारत की सबसे लोकप्रिय किस्मों में से एक है, जो अपने सुनहरे पीले रंग, मनमोहक खुशबू, बिना रेशे वाले गूदे और अत्यधिक मिठास के लिए जानी जाती है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी भारी मांग है। सिंगापुर की इस सफलता से वैश्विक बाजार में उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों के एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की प्रतिष्ठा और मजबूत होने की उम्मीद है।
