PM मोदी से मिले चीनी विदेश मंत्री वांग यी, भारत-चीन संबंधों में भरोसा और सहयोग बढ़ाने पर जोर

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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नई दिल्ली। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर भारत-चीन संबंधों को मजबूत बनाने और दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को लागू करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि चीन, भारत के साथ मिलकर आपसी विश्वास बढ़ाने, गलतफहमियां दूर करने और द्विपक्षीय सहयोग को नई गति देने के लिए तैयार है।

बैठक के दौरान वांग यी ने कहा कि दोनों देशों को संवेदनशील मुद्दों को समझदारी से संभालते हुए पारस्परिक लाभ वाले सहयोग को गहरा करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि भारत और चीन अपने-अपने आधुनिकीकरण के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ ग्लोबल साउथ के देशों के बीच एकता और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दे सकते हैं।

भारत में चीन के राजदूत शू फीहोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए बताया कि वांग यी ने भारत और चीन को दुनिया के दो सबसे बड़े विकासशील देशों और ग्लोबल साउथ के महत्वपूर्ण सदस्य बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश विकासशील देशों के बीच सहयोग और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं। वांग यी ने यह भी कहा कि चीन, ब्रिक्स के घूर्णन अध्यक्ष के रूप में भारत की जिम्मेदारियों का समर्थन करता रहेगा और संगठन के सहयोग को मजबूत बनाने के लिए भारत के साथ काम करेगा।

चीनी विदेश मंत्री ने अजीत डोभाल से भी की मुलाकात

इससे पहले वांग यी ने ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी मुलाकात की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में हालिया प्रगति की समीक्षा की और माना कि संबंधों के सामान्यीकरण की दिशा में सकारात्मक प्रगति हो रही है। बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिस्री, चीन के राजदूत शू फीहोंग और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

वांग यी ने कहा कि भारत और चीन को अपने संबंधों को केवल द्विपक्षीय नजरिए से नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और वैश्विक दृष्टिकोण से भी देखना चाहिए। उन्होंने दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी सहमति को व्यवहार में लागू करने और सहयोग के माध्यम से विकास व प्रगति को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

अजीत डोभाल के साथ बातचीत के दौरान वांग यी ने कहा कि चीन, ब्रिक्स के विकास और विस्तार के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे के मूल हितों का सम्मान करना चाहिए और सीमा विवाद को व्यापक द्विपक्षीय संबंधों पर असर नहीं डालने देना चाहिए।

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