अयोध्या में महंत नृत्य गोपाल दास के जन्मोत्सव पर श्रीराम महायज्ञ शुरू, CM योगी बोले- बिना साक्ष्य के चरित्र पर टिप्पणी करना उचित नहीं
सीएम योगी ने ब्यास पीठ का पूजन कर श्री रामकथा का किया शुभारंभ, मणिराम दास छावनी से निकाली गई शोभायात्रा
अमृत विचार : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के 88 वें जन्म समारोह में सीएम योगी ने संतों के बीच मंच से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह, भ्रामक प्रचार या षड्यंत्र का हिस्सा न बनें। सत्य सामने आने तक अनावश्यक आरोप-प्रत्यारोप से बचना ही उचित होगा। जिन लोगों के पास कोई ठोस प्रमाण हैं, वे उन्हें सार्वजनिक मंचों पर उछालने के बजाए एसआईटी को सौंपें। बिना साक्ष्य किसी के चरित्र पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के 88 वां जन्म महोत्सव श्री राम महायज्ञ व श्री रामकथा से प्रारंभ हुआ। इसके पूर्व सुबह आठ बजे कलश व श्री राम चरित मानस ग्रंथ के साथ शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें रथ पर सवार भगवान श्री राम, माता जानकी के स्वरूप का अलौकिक झांकी और भक्तों के द्वारा नृत्य की प्रस्तुति लोगों को अभिभूत कर दिया। यह यात्रा मणिराम दास छावनी से निकल कर प्रमोदवन के रास्ते रामपथ पर नयाघाट होते हुए बासुदेवघाट से कार्यक्रम स्थल श्री रामकथा कुंज मंडप पर समाप्त हुआ।
मणिराम दास छावनी के प्राकृतिक चिकित्सालय स्थित यज्ञशाला में 9 दिवसीय श्री राम महायज्ञ सम्पन्न किया जा रहा है। शुक्रवार अनुष्ठान के पहले जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह पति आलोक सिंह मुख्य यजमान रहे। 21 ब्राह्मण के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार से आहुतियां भी डाली गई। इसके बाद श्री राम कुंज कथा मंडप में हनुमान निवास के पीठाधीश्वर महंत मिथिलेश नंदिनी शरण के द्वारा रामकथा का पारायण प्रारंभ हुआ।

मुख्य अतिथि सीएम योगी आदित्यनाथ ने ब्यास पीठ का पूजा अर्चना कर महोत्सव का शुभारंभ किया। मंच पर उतराधिकारी कमल नयन दास, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा, विद्याभाष्कर, बिंदू गद्ययाचार्य, राजकुमार दास, मैथिलीशरण दास, जगतगुरु कृष्णाचार्य, रामानन्दाचार्य, विमलाचार्य महाराज मौजूद रहे।
कीचड़ उछालने का हो रहा प्रयास
श्री मणिरामदास छावनी के पूज्य महंत एवं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास जी महाराज के 88वें जन्मोत्सव समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या की पहचान प्रभु श्रीराम की मर्यादा से है, इसलिए हर व्यक्ति को अपनी भाषा और आचरण में संयम रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म के संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज जैसे पवित्र तीर्थ भारत की आध्यात्मिक पहचान हैं और इनके सम्मान व मर्यादा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जो लोग पहले कुंभ और राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध करते थे, वही आज भ्रम फैलाने और कीचड़ उछालने का प्रयास कर रहे हैं।
