हरदोई बीएसए पर ECCE एजुकेटर भर्ती के नाम पर 5 लाख रिश्वत मांगने का आरोप, भ्रष्टाचार एक्ट में केस दर्ज
जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. अजित सिंह पर ईसीसीई एजुकेटर के 210 पदों पर भर्ती के नाम पर उज्जवला सेवा संस्थान के अध्यक्ष से पांच लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा-7 के तहत बीएसए के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले की जांच सीओ सिटी अजित सिंह चौहान को सौंपी गई है।
हरदोई, अमृत विचार। ईसीसीई एजुकेटर के 210 पदों पर भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. अजित सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा-7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के नाम पर 5 लाख रुपये रिश्वत की मांग की और रकम न देने पर संस्था को ब्लैकलिस्ट करने की धमकी दी। मामले की जांच सीओ सिटी अजीत सिंह चौहान को सौंपी गई है।
गोंडा जिले के रामपुर टेंगरहा, थाना तरबगंज निवासी ओमप्रकाश तिवारी पुत्र चन्द्रद्रमणि तिवारी ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह उज्जवला सेवा संस्थान के अध्यक्ष हैं। उनके अनुसार, ईसीसीई एजुकेटर के पदों पर भर्ती के नाम पर बीएसए डॉ. अजित सिंह ने उनसे 5 लाख रुपये रिश्वत मांगी।
तहरीर में कहा गया है कि चयन प्रक्रिया के तहत उनकी फर्म मेसर्स उज्जवला सेवा संस्थान को 12 जनवरी 2026 को बीएसए के माध्यम से कार्यादेश जारी किया गया था। इसके तहत संस्था को 210 पदों पर चयन प्रक्रिया के जरिए भर्ती कराने के लिए अधिकृत किया गया था। संस्था को सेवायोजन पोर्टल से प्राप्त 4590 आवेदकों में से जिला चयन समिति द्वारा रेंडमाइजेशन के माध्यम से चयनित 630 अभ्यर्थियों का डाटा उपलब्ध कराया गया।
आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया के संबंध में अधिकृत ईमेल और मोबाइल के जरिए कई बार बीएसए से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी। अनुबंध की शर्तों के संबंध में मार्गदर्शन के लिए भी बीएसए ने सहयोग नहीं किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, करीब छह माह बाद दोबारा संपर्क होने पर बीएसए ने उन्हें कार्यालय बुलाया और अवैध रूप से रिश्वत की मांग की।
ओमप्रकाश तिवारी का आरोप है कि फरवरी माह में बीएसए से व्यक्तिगत मुलाकात के दौरान उनसे कहा गया कि 5 लाख रुपये देने पर ही आगे की कार्रवाई होगी, अन्यथा उनकी संस्था को काली सूची में डाल दिया जाएगा। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि भयवश उन्होंने बीएसए को 2 लाख रुपये भी दिए। साथ ही संस्था की जमानत धनराशि जब्त करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने प्राप्त तहरीर के आधार पर बीएसए डॉ. अजित सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा-7 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच सीओ सिटी को सौंप दी है।
"मेरे खिलाफ साजिश रची गई है" - बीएसए
बीएसए डॉ. अजित सिंह ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची गई है। उनका कहना है कि उन्हें पद से हटवाने के उद्देश्य से झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
