Saharanpur News: 17 वर्षों से फरार विदेशी नागरिक सहारनपुर में गिरफ्तार, ATS ने दबोचा

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में पुलिस और आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की संयुक्त टीम ने 25 हजार रुपये के इनामी बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 17 वर्षों से फरार था। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में पुलिस और आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की संयुक्त टीम ने 25 हजार रुपये के इनामी बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 17 वर्षों से फरार था। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान अहमद फकीर के पुत्र जाहिद के रूप में हुई है। वह वर्तमान में पंजाब के डेराबस्सी का निवासी था और मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है। गुप्त सूचना के आधार पर उसे सैफन पुलिया के पास से गिरफ्तार किया गया। 

पुलिस के अनुसार जाहिद के पास से एक फर्जी आधार कार्ड, बांग्लादेश का पहचान-पत्र तथा अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि एक खुफिया इकाई के अधिकारी ने आठ अगस्त 2009 को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कई बांग्लादेशी नागरिक बिना वैध दस्तावेज और पासपोर्ट के भारत में प्रवेश कर अवैध रूप से रहने और काम करने के उद्देश्य से यहां आए थे। इस संबंध में कुतुबशेर थाने में विदेशी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।

जमानत पर रिहा जाहिद वर्ष 2009 से चल रहा था फरार

पुलिस ने बताया कि इस मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराया जा चुका है, जबकि जमानत पर रिहा जाहिद वर्ष 2009 से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट भी जारी किए गए थे। सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक के निर्देश पर चिलकाना थाना प्रभारी विनोद कुमार और एटीएस की सहारनपुर इकाई के प्रभारी सुधीर कुमार उज्ज्वल के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने शुक्रवार को जाहिद को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ, जिसमें आधार कार्ड और अन्य संदिग्ध दस्तावेजों की तस्वीरें मिलीं। 

एटीएस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जाहिद वर्ष 2009 से पुलिस और अदालत की कार्रवाई से बचने के लिए विभिन्न राज्यों में छिपकर रह रहा था। उन्होंने बताया कि वह कथित तौर पर म्यांमा, बांग्लादेश और अन्य देशों के लोगों के संपर्क में भी था। पुलिस ने कहा कि भारत में रह रहे उसके अन्य संभावित सहयोगियों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।  

 

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