G7 Summit 2026: G7 समिट में मोदी-ट्रंप की अहम मुलाकात, व्यापार समझौते से लेकर ऊर्जा सुरक्षा तक कई मुद्दों पर हुई चर्चा

Amrit Vichar Network
Published By Ankit Yadav
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एवियन, फ्रांस, अमृत विचार। G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। करीब 16 महीने बाद आमने-सामने आए दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों को नई गति देने और वैश्विक चुनौतियों पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। बैठक में व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, पश्चिम एशिया की स्थिति, रक्षा सहयोग, वीजा नीति और वैश्विक आर्थिक मुद्दों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

G7 समिट में मोदी-ट्रंप की मुलाकात (1)

व्यापार समझौते पर आगे बढ़ी बातचीत

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर चल रही वार्ताओं की समीक्षा की। सूत्रों के अनुसार, टैरिफ, बाजार पहुंच, सप्लाई चेन और अंतरिम व्यापार व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। अमेरिका ने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति हो रही है। यह समझौता दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को और मजबूत बना सकता है।

ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक तेल बाजार पर मंथन

मोदी और ट्रंप ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित व्यवधानों के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की गई। भारत ने ऊर्जा आपूर्ति के सुरक्षित और स्थिर बने रहने के महत्व पर जोर दिया।

पश्चिम एशिया की स्थिति पर साझा चिंता

बैठक में ईरान और पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात भी चर्चा के केंद्र में रहे। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर सहमति जताई। भारत ने शांतिपूर्ण समाधान और संवाद के माध्यम से क्षेत्रीय तनाव कम करने की वकालत की।

G7 समिट में मोदी-ट्रंप की मुलाकात (3)

H-1B वीजा और भारतीय पेशेवरों का मुद्दा

भारतीय पेशेवरों से जुड़े H-1B वीजा कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई। भारत ने अमेरिकी तकनीकी क्षेत्र में योगदान दे रहे भारतीयों से जुड़े मुद्दों को उठाया। दोनों देशों ने प्रतिभा, कौशल और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया।

रक्षा, AI और वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग

बैठक में रक्षा सहयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति, वैश्विक सप्लाई चेन, यूक्रेन संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल साउथ के देशों की चिंताओं को सामने रखते हुए समावेशी विकास, सतत आर्थिक प्रगति और कौशल विकास साझेदारी को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।

भारत-अमेरिका संबंधों को मिली नई मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि G7 समिट के दौरान हुई यह मुलाकात भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, रक्षा और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

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