Kainchi Dham Foundation Day : कैंची धाम मेले की सुरक्षा का अभेद्य घेरा तैयार, भीड़ प्रबंधन पर नैनीताल पुलिस की बड़ी कसरत
कैंची धाम मेले में 1,100 से अधिक पुलिसकर्मी, पीएसी, सीएपीएफ, एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की होगी तैनाती, आईजी-एसएसपी ने की समीक्षा बैठक
कैंचीधाम स्थापना दिवस पर भव्य मेले का आयोजन होता है। इसमें करीब 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का खाका तैयार कर लिया है। क्षेत्र को चार सुपर जोन और 14 जोन में बांटा गया है। हर जोन में अधिकारियों के सथ पुलिस टीमें सक्रिय रहेंगी।
अमृत विचार नैनीताल : देवभूमि उत्तराखंड में 15 जून को कैंची धाम का स्थापना दिवस है। भव्य आयोजन होगा। मेला भी लगेगा। बड़े ही जोर-शोर के साथ इसकी तैयारियां जारी हैं। पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन का फुलप्रूफ प्लान तैयार कर लिया है। शुक्रवार को हल्द्वानी के मेडिकल कॉलेज में आईजी निवेदिता कुकरेती और नैनीताल एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की। सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण को लेकर पुलिसकर्मियों को हर पल सतर्क रहने का निर्देश दिया है।
अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया है कि कैंची धाम स्थापना दिवस पर आयोजित भव्य मेले के दौरान मंदिर परिसर, प्रवेश द्वारों, पार्किंग स्थलों और प्रमुख मार्गों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
बम निरोधक दस्ता लगातार जांच अभियान चलाएगा। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा वस्तु पर तत्काल कार्रवाई जाए। स्थानीय खुफिया इकाइयां 24 घंटे अलर्ट रहेंगी। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात प्लान तैयार किया गया है। संकरे मार्गों और पुलों पर भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा।
पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शटल सेवा संचालित रहेगी। खोया-पाया केंद्र भी बनेगा। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सहायता के लिए वॉलिंटियर रहेंगे।
एसपी यातायात डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि वाहनों की पहचान और नियंत्रण के लिए विशेष स्टिकर प्रणाली लागू की जाएगी। केवल वैध होटल बुकिंग और निर्धारित पार्किंग की व्यवस्था वाले वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। अधिकारियों को बेहतर समन्वय और त्वरित संवाद के लिए संचार उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
चार सुपर जोन से सुरक्षा का खाका
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस-प्रशासन ने अभेद्य खाका खींचा है। मेला क्षेत्र को चार सुपर जोन और 14 जोन में बांटा गया है। हर जोन में अधिकारी तैनात रहेंगे, जो अपने ड्यूटी प्वाइंट की निगरानी करेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत तीन एसएसपी/एसपी, आठ अपर पुलिस अधीक्षक, 26 इंस्पेक्टर एवं थानाध्यक्ष, चार ट्रैफिक इंस्पेक्टर, 11 ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर, 146 उपनिरीक्षक एवं अपर उपनिरीक्षक, 506 कांस्टेबल, 455 रिक्रूट कांस्टेबल, दो कंपनी पीएसी, दो कंपनी सीएपीएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड तथा बम निरोधक दस्ते की तैनाती की जाएगी।
फोन पर लगे सिपाही को फटकारा
बैठक के दौरान एक सिपाही मोबाइल पर बात कर रहा था। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी और आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती ने उसकी क्लास लगा दी। एसएसपी ने सिपाही को फटकारते हुए कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी कई दिनों से मेले की तैयारियों में जुटे हैं, ऐसे में इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने उस सिपाही को पूरी ब्रीफिंग खड़े होकर सुनने के निर्देश दिए। इस दौरान अधिकारियों ने सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के प्रति पूरी गंभीरता और अनुशासन बनाए रखने की हिदायत दी।
