यूपी में नए सियासी समीकरण की आहट, लखनऊ में मिले स्वामी प्रसाद मौर्य और चंद्रशेखर आज़ाद

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण तलाश रहे स्वामी प्रसाद मौर्य अब बहुजन राजनीति को नई धार देने में जुट गए हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में कभी नंबर दो के नेता रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने बुधवार को लखनऊ में नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर रावण से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद यूपी की सियासत में नए सियासी संकेत मिलने लगे हैं। 

मुलाकात के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी साझा की । श्री मौर्य ने कहा कि जो भी बहुजन की बात करेगा, उसको साथ लाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि बहुजन समाज के हक-हकूक के लिए समान विचारधारा वाले नेताओं को एक मंच पर लाने की कोशिश जारी है। 

दरअसल सियासी गलियारों में चर्चा है कि तीसरे मोर्चे के रूप में चंद्रशेखर रावण, स्वामी प्रसाद मौर्य और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की उत्तर प्रदेश की राजनीति में एंट्री हो सकती है। स्वामी प्रसाद मौर्य लगातार बसपा, सपा और भाजपा छोड़ने के बाद अपनी अलग राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं। चंद्रशेखर से मुलाकात को इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। स्वामी प्रसाद मौर्य भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। 

2022 विधानसभा चुनाव से पहले सपा में गए और फिर अपनी पार्टी राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी बनाई। अब चंद्रशेखर रावण से मुलाकात के बाद बहुजन-दलित-मुस्लिम गठजोड़ की नई सियासी बिसात बिछाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। फिलहाल दोनों नेताओं ने गठबंधन को लेकर कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन मुलाकात के बाद यूपी में तीसरे मोर्चे की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। 

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