बारामूला में टेरर फंडिंग पर NIA का बड़ा एक्शन, आतंकवाद के आरोपी की संपत्ति कुर्क
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने बुधवार को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत दो भूखंड कुर्क किए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि कनिसपोरा में 7.5 मरला (2,050 वर्ग फुट) और छह मरला (1,632 वर्ग फुट) के भूखंड शाहीन अहमद लोन के हैं, जो 2020 में एनआईए द्वारा दर्ज एक मामले में आरोपी हैं।
हिजबुल और पाक कनेक्शन की जांच तेज़
अधिकारियों के अनुसार, यह कुर्की कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 33(1) के तहत जम्मू स्थित एनआईए की विशेष अदालत द्वारा जारी आदेश के आधार पर की गई। प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन और पाकिस्तान की सरकारी एजेंसियों की कथित संलिप्तता वाली गहरी साजिश की जांच की जा रही है और यह कुर्की इसी जांच का एक हिस्सा है।
NIA ने आतंकी मामले के आरोपी की जमीन की कुर्क
एनआईए के अनुसार, यह साजिश भारत में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने और उन्हें समर्थन देने के उद्देश्य से रची गई थी। जांच का केंद्र अवैध हथियारों के नेटवर्क, आतंकवाद के लिए धन जुटाने (टेरर फंडिंग) तथा हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों और पूर्व पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) देवेंद्र सिंह की गिरफ्तारी से जुड़े मामले हैं। अधिकारियों के अनुसार, जांच एजेंसियां इन सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही हैं।
