Jaspal Rana : नहीं रहे भारतीय निशानेबाजी कोच जसपाल राणा, 49 वर्ष की उम्र में निधन, CM योगी और धामी ने जताया शोक

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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नई दिल्लीः एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता मशहूर निशानेबाज तथा कोच के रूप में मनु भाकर को पेरिस ओलंपिक में दो पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले जसपाल राणा का निधन हो गया है। वह 49 वर्ष के थे। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव के अनुसार राणा ने बृहस्पतिवार की रात को दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। 

राणा हाल में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप से भारतीय दल की वापसी की उड़ान के दौरान बीमार पड़ गए थे और उन्हें एक चिकित्सा प्रक्रिया से गुजरना पड़ा था। नयी दिल्ली में उतरते ही उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और उन्हें स्टेंट डाले गए थे। राणा भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के लिए 'हाई परफार्मेंस कोच' के रूप में कार्यरत थे। एक उत्कृष्ट निशानेबाज के रूप में शानदार करियर के बाद राणा जूनियर राष्ट्रीय टीम के कोच और 'हाई परफॉर्मेंस कोच' के रूप में अपनी भूमिकाओं से भारतीय निशानेबाजी में बदलाव लेकर आए। 

कोच के रूप में उनकी सबसे बड़ी सफलता पेरिस में 2024 में खेले गए ओलंपिक खेलों में मनु भाकर को दो कांस्य पदक जीतने में मदद करना था। वह 2012 से जूनियर पिस्टल कोच थे और उनकी देखरेख में ही सौरभ चौधरी, अनीश भानवाला और चिंकी यादव जैसे निशानेबाज उभर कर सामने आए थे। उन्होंने जूनियर स्तर पर अभूतपूर्व कार्य करके कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी तैयार किये। एनआरएआई ने उन्हें आधिकारिक तौर पर 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के लिए हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में नियुक्त किया था। उन्होंने कोचिंग के नए मानदंड स्थापित किए थे। खेल में उनके अपार योगदान और निशानेबाजों की अगली पीढ़ी को तैयार करने में योगदान देने के लिए सरकार ने उन्हें 2020 में प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया था।

जसपाल राणा के निधन पर CM योगी ने व्यक्त किया शोक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक मंच पर भारत को गौरव दिलाने वाले जसपाल राणा की असाधारण उपलब्धियां और युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने में उनका योगदान हमेशा यादगार रहेगा। उन्होंने निशानेबाज के निधन पर शोक व्यक्त किया। आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''विश्वप्रसिद्ध भारतीय निशानेबाज, निशानेबाजी कोच, 'पद्म श्री' जसपाल राणा का निधन अत्यंत दु:खद एवं भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। विनम्र श्रद्धांजलि।'' उन्होंने कहा, ''वैश्विक पटल पर भारत को गौरवान्वित करने वाली उनकी असाधारण उपलब्धियां तथा युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।'' मुख्यमंत्री ने कहा, ''प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि वह उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों एवं उनके प्रशंसकों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ऊं शांति।'' 

सीएम धामी ने व्यक्त किया गहरा शोक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पद्मश्री से सम्मानित एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निशानेबाज जसपाल राणा के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री जसपाल राणा ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा, कठिन परिश्रम और उल्लेखनीय उपलब्धियों से न केवल उत्तराखंड, बल्कि पूरे देश का नाम विश्व पटल पर गौरवान्वित किया। निशानेबाजी के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने अनेक युवा खिलाड़ियों को प्रेरित कर खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री जसपाल राणा का निधन खेल जगत, उत्तराखंड तथा राष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों एवं उनके प्रशंसकों को इस दुःख की घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की ईश्वर से कामना है।

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