NDA Parliamentary Meeting: 'मंगल मिलन' बैठक में पीएम मोदी का बड़ा बयान, कहा- : 'छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे'
एनडीए संसदीय दल की 'मंगल मिलन' बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET और छात्रों के भविष्य को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ कोई अन्याय नहीं होने देगी। साथ ही, मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का भरोसा भी दिलाया।
नई दिल्लीः संसद भवन स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित एनडीए संसदीय दल की 'मंगल मिलन' बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा, किसानों और देश की आर्थिक प्रगति से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने NEET मामले पर स्पष्ट कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का बुरा नहीं होने देगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने हाल के महीनों में भारत की उपलब्धियों, विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) और किसानों के हितों का भी उल्लेख किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी FTA में किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सरकार उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
NEET मामले पर प्रधानमंत्री का बड़ा बयान
किरण रिजिजू के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET से जुड़े मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का बुरा नहीं होने देगी और युवाओं के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब परीक्षा प्रणाली और छात्रों से जुड़े मुद्दे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।
FTA में किसानों के हित रहेंगे सर्वोपरि
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जिन देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) कर रहा है, उनमें किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसा कोई निर्णय नहीं लेगी जिससे किसानों को नुकसान पहुंचे।
उन्होंने कहा कि हर व्यापार समझौता देश और किसानों दोनों के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखकर किया जाता है।
देश की उपलब्धियों का भी किया उल्लेख
बैठक में प्रधानमंत्री ने हाल के महीनों में भारत की विभिन्न क्षेत्रों में हुई उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने सांसदों से विकास कार्यों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और सरकार की योजनाओं को मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
पीएम मोदी के सम्मान में पारित होगा बधाई प्रस्ताव
बैठक के दौरान एनडीए के सभी सहयोगी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में एक विशेष बधाई प्रस्ताव पारित करने वाले हैं। यह प्रस्ताव उन्हें देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने की उपलब्धि पर समर्पित है।
प्रस्ताव पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसदीय दल को संबोधित भी करेंगे।
पहली बैठक को लेकर उत्साहित दिखे अशोक मित्तल
भाजपा सांसद अशोक मित्तल ने अपनी पहली एनडीए संसदीय दल की बैठक में शामिल होने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व से मिलने वाला मार्गदर्शन उनके सार्वजनिक जीवन और संसदीय जिम्मेदारियों के लिए नई दिशा तय करेगा।
एनसीपीआई बैठक में नहीं हुई शामिल
जहां एक ओर एनडीए के सहयोगी दल बैठक में शामिल हुए, वहीं नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) इस संयुक्त बैठक का हिस्सा नहीं बनी।
जानकारी के अनुसार, एनसीपीआई में एनडीए का समर्थन करने वाले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 बागी सांसद शामिल हैं। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष की ओर से इस समूह के विलय को अभी औपचारिक मान्यता नहीं मिलने के कारण यह गुट बैठक से दूर रहा।
सुदीप बंद्योपाध्याय ने रखी अपनी बात
रविवार को आयोजित एनसीपीआई संसदीय दल की पहली बैठक के बाद नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि सदन में उनके समूह के बैठने की व्यवस्था, डिवीजन नंबर और अलग विधायी ब्लॉक को स्वीकार कर लिया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका समूह एनडीए सरकार को समर्थन देगा और संसद में आने वाले सभी मुद्दों पर सक्रिय रूप से भागीदारी करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल से जुड़े स्थानीय मामलों को राज्य स्तर पर उठाया जाना चाहिए और उन्हें अनावश्यक रूप से दिल्ली नहीं लाया जाना चाहिए।
एनडीए बैठक में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, किरण रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल मौजूद रहे। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, जी. किशन रेड्डी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी बैठक में पहुंचे।
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