Sonam Wangchuk Protest: 21वें दिन अस्पताल पहुंचे सोनम वांगचुक, ऋतिक रोशन और कुशा कपिला ने छात्रों के मुद्दे पर दिया समर्थन, जंतर-मंतर पर मचा बवाल

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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भूख हड़ताल के दौरान बिगड़ी तबीयत के बाद दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया। इस बीच अभिनेता ऋतिक रोशन और अभिनेत्री कुशा कपिला ने शिक्षा व्यवस्था और छात्रों की चिंताओं को लेकर समर्थन जताया।

नई दिल्लीः शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों और NEET पेपर लीक समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली पुलिस शनिवार को सफदरजंग अस्पताल ले गई। उनकी भूख हड़ताल का यह 21वां दिन था। इसी बीच अभिनेता ऋतिक रोशन और अभिनेत्री-इन्फ्लुएंसर कुशा कपिला ने भी सोशल मीडिया के जरिए छात्रों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

वांगचुक की तबीयत खराब होने के बाद जंतर-मंतर से प्रदर्शनकारियों को हटाने की पुलिस कार्रवाई को लेकर भी विवाद की स्थिति बन गई।

ऋतिक रोशन ने छात्रों की मानसिक स्थिति पर जताई चिंता

ऋतिक रोशन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर सोनम वांगचुक का एक वीडियो साझा किया, जिसमें वांगचुक छात्रों से अपनी आवाज बुलंद करने और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर जागरूक रहने की अपील करते दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो साझा करते हुए ऋतिक ने लिखा कि उन्हें छात्रों के संघर्ष और मानसिक दबाव का एहसास तब हुआ, जब उन्होंने अपनी फिल्म 'सुपर 30' में शिक्षक की भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि छात्रों के सामने आने वाली चुनौतियों को समझना बेहद जरूरी है।

कुशा कपिला ने कहा- छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए

अभिनेत्री और सोशल मीडिया क्रिएटर कुशा कपिला ने भी इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक का विरोध इस बात की याद दिलाता है कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

उन्होंने लिखा कि छात्र ऐसी शिक्षा व्यवस्था के हकदार हैं, जिस पर वे भरोसा कर सकें और जो उनके भविष्य को लेकर उन्हें उम्मीद दे। उन्होंने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को भी अहम मुद्दा बताया।

21 दिन की भूख हड़ताल, 9.5 किलो वजन कम

जानकारी के अनुसार, शनिवार को सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 21वां दिन था। लगातार अनशन के कारण उनका करीब 9.5 किलोग्राम वजन कम हो चुका है। स्वास्थ्य बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई।

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने वांगचुक से संबंधित जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए।

प्रदर्शनकारियों को हटाने पर बढ़ा विवाद

सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद पुलिस ने जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को भी हटाना शुरू किया। इस कार्रवाई के दौरान विरोध और हंगामे की स्थिति देखने को मिली।

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